भारतीय शेयर बाजारों में गुरुवार (23 अक्टूबर 2025) को जोरदार तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने पिछले साल के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए एक साल के उच्चतम स्तर पर कारोबार किया। सुबह के सत्र में सेंसेक्स 797.51 अंक यानी 0.94% बढ़कर 85,223.85 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 220.30 अंक यानी 0.85% की बढ़त के साथ 26,088.90 पर कारोबार कर रहा था। इस उछाल के पीछे विदेशी निवेशकों की लगातार खरीदारी, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की उम्मीदें और आईटी व बैंकिंग शेयरों में जबरदस्त रैली मुख्य कारण माने जा रहे हैं।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की उम्मीदें
आज बाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजह भारत-अमेरिका के बीच संभावित ट्रेड डील रही। रिपोर्ट्स के अनुसार दोनों देशों के बीच व्यापारिक मतभेद कम करने की कोशिशें जारी हैं। इस समझौते के तहत टैरिफ घटाकर 15-16 प्रतिशत किया जा सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने भी कहा कि भारत रूस से तेल की खरीद घटाएगा। इन खबरों से टेक्सटाइल और सीफूड कंपनियों के शेयरों में भी मजबूत तेजी देखने को मिली।
विदेशी निवेशकों और आईटी शेयरों का असर
विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) लगातार पाँचवें दिन शुद्ध खरीदार बने। अक्टूबर महीने में अब तक विदेशी निवेशकों ने लगभग 300 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। आईटी कंपनियों में भी जोरदार उछाल देखा गया। निफ्टी आईटी इंडेक्स कारोबार के दौरान 2.4% बढ़ा। H-1B वीजा फीस में राहत और अंतरराष्ट्रीय ग्रेजुएट्स की सुविधा से इंफोसिस, HCL और टीसीएस जैसे शेयरों में निवेशकों का भरोसा बढ़ा।
रुपया मजबूत और तकनीकी विश्लेषण
गुरुवार को भारतीय रुपये में मजबूती देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में रुपया 13 पैसे मजबूत होकर 87.80 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। तकनीकी विश्लेषक आनंद जेम्स के अनुसार, निफ्टी अब 26,186 तक पहुंच सकता है और 26,800 का स्तर आशावादी टारगेट है। नीचे की ओर सपोर्ट 25,780 पर है। फिलहाल तेज रिवर्सल की संभावना कम है।
आज आईटी और बैंकिंग सेक्टर के प्रमुख शेयर जैसे इंफोसिस, HCL, एक्सिस बैंक, टेक महिंद्रा और टाटा स्टील 4% तक बढ़ गए। विदेशी निवेश और व्यापार समझौते की उम्मीदों से निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में बाजार में और तेजी देखने को मिल सकती है।
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