जिस घर में पति-पत्नी और दो बेटियों के साथ जिंदगी गुजर रही थी, उसी घर में एक सुबह ऐसा खूनी मंजर सामने आया जिसने पूरे परिवार को झकझोर दिया। जिस रिश्ते की बुनियाद भरोसे और साथ पर टिकी होती है, वही रिश्ता घरेलू विवाद के चलते कथित तौर पर हत्या तक पहुंच गया। हैदराबाद में 45 साल की पत्नी पर अपने 55 वर्षीय पति की चाकू मारकर हत्या करने का आरोप है।
मामूली कहासुनी से खूनी संघर्ष तक
हैदराबाद के कोठापेट इलाके में 31 अक्टूबर की सुबह करीब 9 बजकर 20 मिनट पर एक किराये के मकान में पति-पत्नी के बीच पारिवारिक मुद्दों को लेकर विवाद शुरू हुआ। मृतक कोटम प्रभाकर सुरक्षा कर्मचारी के तौर पर काम करते थे। वह अपनी पत्नी रजिता और दो बेटियों के साथ रह रहे थे। पुलिस के मुताबिक, दोनों के बीच पहले तीखी बहस हुई और देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि इसी दौरान रजिता ने रसोई से चाकू उठाया और पति के सीने पर वार कर दिया। एक पल पहले तक घर में चल रही बहस अचानक जिंदगी और मौत की लड़ाई में बदल गई।
बेटियों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन नहीं बची जान
चाकू लगने के बाद प्रभाकर गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके शरीर से काफी खून बहने लगा और वह मौके पर ही गिर पड़े। घर में मौजूद दोनों बेटियों ने पिता की हालत देखकर तुरंत एंबुलेंस के लिए 108 पर फोन किया। उन्हें कोठापेट के ओमनी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। चैतन्यपुरी पुलिस के इंस्पेक्टर के. सैदुलु के मुताबिक, प्रभाकर को गंभीर रक्तस्राव हुआ था। अस्पताल पहुंचने पर उनकी मौत की पुष्टि हुई।
भाई की शिकायत पर हत्या का मामला
घटना के बाद मृतक के छोटे भाई कोटम विजयभास्कर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इसके आधार पर चैतन्यपुरी पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपी पत्नी रजिता को गिरफ्तार कर लिया है। मलकाजगिरी के सहायक पुलिस आयुक्त रविंदर रेड्डी के अनुसार, मामले की जांच जारी है। पुलिस विवाद की वास्तविक वजह, घटनाक्रम और दूसरे साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है।
आखिर घरेलू विवाद हत्या तक क्यों पहुंच रहे हैं?
इस घटना ने एक बार फिर घरेलू विवादों के हिंसक रूप लेने के गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पति-पत्नी के बीच मतभेद होना असामान्य नहीं है, लेकिन जब गुस्सा और आवेश हिंसा में बदल जाते हैं तो उसका परिणाम पूरे परिवार को भुगतना पड़ता है। इस घटना में दो बेटियों के सामने पिता की मौत हो गई और मां हत्या के आरोप में गिरफ्तार है। यानी एक कथित वारदात ने पूरे परिवार की जिंदगी बदल दी। यहां सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या विवाद इतना बढ़ चुका था कि उसे बातचीत और समझदारी से सुलझाने की गुंजाइश ही नहीं बची थी? क्या समय रहते तनाव को पहचानकर मदद ली जा सकती थी? फिलहाल पुलिस जांच में इन सवालों के जवाब सामने आना बाकी हैं। एक घरेलू विवाद, एक चाकू का वार और एक परिवार की जिंदगी में ऐसा खालीपन, जिसकी भरपाई शायद कभी नहीं हो सकेगी। रिश्तों में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन हिंसा किसी भी विवाद का समाधान नहीं हो सकती।