बिहार में बंपर बहुमत से एनडीए की सरकार बनने के बाद अब झारखंड सरकार को लेकर नई खबरें सामने आ रही हैं। चर्चा है कि झारखंड में महागठबंधन टूट सकता है। राजनीतिक गलियारों में यह बात तेजी से फैल रही है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एनडीए का दामन थाम सकते हैं और बीजेपी के साथ गठबंधन कर सकते हैं। हालांकि इस बार झारखंड मुक्ति मोर्चा की सरकार पिछली बार से ज्यादा बहुमत और मजबूती के साथ बनी है, लेकिन इसके बावजूद हेमंत सोरेन को लेकर पाला बदलने की अटकलें जारी हैं। दरअसल, इसके पीछे कई तरह के तर्क दिए जा रहे हैं। पहला यह कि हेमंत सोरेन पर कई मामलों में जांच और केस चल रहे हैं। ऐसे में उनसे बाहर निकलने का रास्ता बीजेपी का समर्थन माना जा रहा है। दूसरा, यह दावा भी किया जा रहा है कि बीजेपी चाहती है कि हेमंत सोरेन अपनी पत्नी कल्पना सोरेन को मुख्यमंत्री बना दें। इसके अलावा यह बात भी सामने आ रही है कि राज्य में एंटी-इस्टैब्लिशमेंट माहौल के कारण विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। केंद्र सरकार के सहयोग से विकास को गति देने के लिए हेमंत सोरेन बीजेपी के साथ जा सकते हैं। साथ ही बीजेपी झारखंड की बदलती जनसंख्या संरचना को लेकर भी चिंता जता रही है। उनका कहना है कि मुस्लिम और ईसाई आबादी तेजी से बढ़ रही है, जिससे आदिवासी जनसंख्या का संतुलन बिगड़ सकता है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि यदि आदिवासी कम हुए तो झारखंड मुक्ति मोर्चा का भविष्य कैसे सुरक्षित रहेगा। इन्हीं अटकलों के बीच राजनीतिक निगाहें अब पूरी तरह हेमंत सोरेन के अगले कदम पर टिकी हैं।




