पिछले सप्ताह की तेज गिरावट के बाद रविवार 22 जून को सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में हल्की मजबूती देखने को मिली। सोने के दामों में मामूली बढ़त दर्ज की गई है, जबकि चांदी की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया गिरावट के बाद निवेशकों ने निचले स्तरों पर खरीदारी शुरू की, जिससे कीमती धातुओं को सहारा मिला है। वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार और एमसीएक्स में भी सोना-चांदी मजबूती के साथ कारोबार करते दिखाई दिए।
लगातार गिरावट के बाद सोने में लौटी खरीदारी, दामों को मिला सहारा
पिछले कुछ कारोबारी सत्रों में सोने की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई थी। इससे बाजार में खरीदारी का माहौल बना और निवेशकों ने कम कीमतों का फायदा उठाते हुए निवेश बढ़ाया। इसी वजह से 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने के दामों में हल्की तेजी दर्ज की गई। ज्वेलरी बाजार में भी ग्राहकों की रुचि बढ़ने लगी है, जिससे मांग को अतिरिक्त समर्थन मिला है।
MCX में भी दिखी मजबूती, निवेशकों का भरोसा फिर बढ़ा
घरेलू वायदा बाजार एमसीएक्स पर भी सोना और चांदी दोनों सकारात्मक रुख के साथ कारोबार करते दिखाई दिए। अगस्त फ्यूचर्स वाला सोना 1,48,040 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया, जबकि जुलाई फ्यूचर्स वाली चांदी 2,36,490 रुपये प्रति किलोग्राम के करीब कारोबार करती दिखी। विशेषज्ञों का कहना है कि हालिया गिरावट के बाद निवेशक दोबारा बाजार में लौट रहे हैं।
22 जून को प्रमुख शहरों में सोना-चांदी के ताजा भाव
| शहर | 24 कैरेट सोना (10 ग्राम) | 22 कैरेट सोना (10 ग्राम) | चांदी (1 किलो) |
|---|---|---|---|
| दिल्ली | ₹1,46,660 | ₹1,34,450 | ₹2,50,000 |
| मुंबई | ₹1,46,510 | ₹1,34,300 | ₹2,50,000 |
| कोलकाता | ₹1,46,510 | ₹1,34,300 | ₹2,50,000 |
| चेन्नई | ₹1,48,360 | ₹1,35,990 | ₹2,50,000 |
| भोपाल | ₹1,46,560 | ₹1,34,350 | ₹2,50,000 |
| जयपुर | ₹1,46,660 | ₹1,34,450 | ₹2,50,000 |
| लखनऊ | ₹1,46,660 | ₹1,34,450 | ₹2,50,000 |
| अहमदाबाद | ₹1,46,560 | ₹1,34,350 | ₹2,50,000 |
फेडरल रिजर्व की नीति ने बढ़ाई थी चिंता, अब बाजार में लौट रहा संतुलन
बीते सप्ताह अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में जल्द कटौती नहीं करने के संकेत मिले थे। इसके बाद वैश्विक बाजारों में सोना और चांदी दबाव में आ गए थे। ऊंची ब्याज दरों के माहौल में निवेशक आमतौर पर बॉन्ड और अन्य वित्तीय साधनों की ओर रुख करते हैं, जिससे कीमती धातुओं की मांग प्रभावित होती है। हालांकि अब बाजार में स्थिरता लौटती दिखाई दे रही है।
क्या आगे और बढ़ सकते हैं दाम? विशेषज्ञों की नजर वैश्विक संकेतों पर
विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोने और चांदी की दिशा काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संकेतों, डॉलर इंडेक्स और केंद्रीय बैंकों की नीतियों पर निर्भर करेगी। यदि वैश्विक अनिश्चितता बढ़ती है तो सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग फिर मजबूत हो सकती है। फिलहाल बाजार में रिकवरी के शुरुआती संकेत दिखाई दे रहे हैं, जिस पर निवेशकों की नजर बनी हुई है।





