PM मोदी की अपील के बीच गोल्ड-सिल्वर मार्केट में बंपर उछाल, चांदी ने एक दिन में लगाई ₹11,620 की छलांग सोने के दाम में करीब 8500 रुपये की उछाल

देश में सोना और चांदी खरीदने वाले लोगों के लिए आने वाले दिन महंगे साबित हो सकते हैं। केंद्र सरकार द्वारा कीमती धातुओं पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने के बाद बाजार में बड़ा असर देखने को मिला है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि वैश्विक परिस्थितियां और तनाव इसी तरह बने रहे, तो सोना और चांदी दोनों की कीमतों में और तेज उछाल आ सकता है। बढ़ती कीमतों ने ज्वेलरी कारोबार से लेकर आम ग्राहकों तक सभी की चिंता बढ़ा दी है।

सोना और चांदी पर इंपोर्ट टैक्स बढ़ने के बाद बाजार में अचानक बढ़ी कीमतें

सरकार ने विदेशी मुद्रा के दबाव को कम करने और आयात घटाने के उद्देश्य से सोना-चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% कर दी है। इस फैसले का असर घरेलू बाजार में तुरंत दिखाई दिया। जयपुर सहित कई बड़े शहरों में 24 कैरेट सोने के दाम में करीब 8500 रुपये प्रति 10 ग्राम की तेजी दर्ज की गई, जबकि चांदी लगभग 18000 रुपये प्रति किलो तक महंगी हो गई। कारोबारियों का कहना है कि यह हाल के वर्षों की बड़ी उछालों में शामिल है।

अंतरराष्ट्रीय तनाव और वैश्विक बाजार की हलचल ने बढ़ाई निवेशकों की बेचैनी

रिजर्व बैंक और आर्थिक विशेषज्ञों ने संकेत दिए हैं कि यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्ध जैसे हालात बने रहते हैं, तो पेट्रोल-डीजल के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी और तेजी आ सकती है। निवेशकों का रुझान एक बार फिर गोल्ड की तरफ बढ़ रहा है, क्योंकि अस्थिर वैश्विक माहौल में लोग इसे सुरक्षित निवेश मान रहे हैं। यही वजह है कि बाजार में खरीदारी का दबाव लगातार बढ़ रहा है।

ज्वेलरी कारोबारियों ने कहा आने वाले महीनों में ग्राहकों पर और बढ़ सकता है असर

ऑल इंडिया जेम्स एंड ज्वेलरी काउंसिल से जुड़े व्यापारियों का कहना है कि इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने से ज्वेलरी इंडस्ट्री पर सीधा असर पड़ेगा। विशेषज्ञों के अनुसार अगर यही स्थिति बनी रही तो सोने की कीमतों में आगे और 27000 रुपये तक की अतिरिक्त तेजी देखने को मिल सकती है। इससे शादी-विवाह और त्योहारों के सीजन में ग्राहकों की जेब पर बड़ा असर पड़ सकता है।

निवेशकों को जल्दबाजी से बचने और बाजार पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई

कमोडिटी मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि मौजूदा समय में बाजार काफी संवेदनशील दौर से गुजर रहा है। ऐसे में निवेशकों को घबराकर फैसले लेने के बजाय धैर्य बनाए रखने की सलाह दी जा रही है। उनका कहना है कि कीमतों में उतार-चढ़ाव कुछ समय तक जारी रह सकता है, लेकिन लंबे समय के निवेशकों के लिए गोल्ड अब भी मजबूत विकल्प बना हुआ है।

आयात घटाने और विदेशी मुद्रा बचाने की रणनीति के तहत सरकार का बड़ा कदम

आर्थिक जानकारों का मानना है कि सरकार का यह फैसला देश का आयात बिल कम करने और विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत बनाए रखने की रणनीति का हिस्सा है। भारत हर साल बड़ी मात्रा में सोने का आयात करता है, जिससे विदेशी मुद्रा पर दबाव बढ़ता है। ऐसे में इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाकर सरकार घरेलू मांग को नियंत्रित करने और अर्थव्यवस्था को संतुलित रखने की कोशिश कर रही है।

प्रधानमंत्री Narendra Modi की अपील के तुरंत बाद देश में सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। सरकार ने विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम करने के लिए सोने-चांदी पर इम्पोर्ट ड्यूटी 6% से बढ़ाकर सीधे 15% कर दी, जिसके बाद बाजार में हलचल मच गई। चांदी की कीमतों में एक ही दिन में ₹11,620 तक की तेजी दर्ज की गई, जबकि सोना भी रिकॉर्ड स्तर की ओर बढ़ता दिखाई दिया। एक्सपर्ट्स मान रहे हैं कि यह सिर्फ शुरुआत हो सकती है।

इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ने से विदेशी सोने की कीमत भारत में अचानक महंगी हो गई

सरकार ने बेसिक कस्टम ड्यूटी को 5% से बढ़ाकर 10% कर दिया, वहीं कृषि अवसंरचना उपकर यानी AIDC को 1% से बढ़ाकर 5% किया गया। इस बदलाव के बाद कुल प्रभावी इम्पोर्ट ड्यूटी 6% से सीधे 15% पहुंच गई। भारत अपनी जरूरत का लगभग 99% सोना विदेशों से मंगाता है, इसलिए टैक्स बढ़ते ही आयातित सोने की लागत तेजी से बढ़ गई।

बाजार में Panic Buying शुरू होने से ज्वेलरी शॉप्स पर बढ़ गई भीड़

सरकार के सख्त फैसले और पीएम मोदी की अपील के बाद लोगों को आशंका हुई कि आने वाले दिनों में सोना और महंगा हो सकता है। शादी और त्योहारों के सीजन को देखते हुए कई परिवारों ने तुरंत खरीदारी शुरू कर दी। अचानक बढ़ी मांग की वजह से घरेलू बाजार में कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला।

डॉलर मजबूत और रुपया कमजोर होने से सोने का आयात और महंगा पड़ा

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर 95.63 के स्तर तक पहुंच गया। रुपया कमजोर होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार से सोना खरीदने की लागत और बढ़ गई। इसका सीधा असर घरेलू सर्राफा बाजार पर दिखाई दिया।

नोट- हमारे द्वारा दी गई सोने-चांदी की दरें सांकेतिक हैं और इसमें जीएसटी, टीसीएस और मेकिंग चार्ज जैसे अन्य शुल्क शामिल नहीं हैं. सटीक दरों के लिए अपने स्थानीय जौहरी या ज्वैलर्स शॉप से संपर्क करें.

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