हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर शुरुआती कारोबार के दौरान सोने का भाव 1,419 रुपये तक टूटकर 1,50,080 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं, चांदी की कीमत भी 1,429 रुपये तक फिसलकर 2,24,326 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। घरेलू फिजिकल मार्केट में भी सोने के अलग-अलग कैरेट के भाव नीचे आए। अंतरराष्ट्रीय बाजार में निवेशकों की नजर अमेरिका के आगामी महंगाई आंकड़ों पर टिकी है, क्योंकि इनसे अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति को लेकर संकेत मिल सकते हैं। हालांकि, अलग-अलग बाजारों में कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच खरीदारी करने वालों के लिए ताजा भाव और स्थानीय बाजार के रेट की जानकारी लेना जरूरी है।
MCX पर सोने की कीमत में बड़ी गिरावट, शुरुआती कारोबार में 1.50 लाख रुपये के करीब पहुंचा भाव
वायदा बाजार में 4 दिसंबर की डिलीवरी वाला सोना पिछले कारोबारी सत्र में 1,51,499 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। सोमवार को इसने 1,51,596 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार की शुरुआत की, लेकिन शुरुआती सत्र में बिकवाली का दबाव बढ़ने से कीमत गिरकर 1,50,080 रुपये तक पहुंच गई। इस दौरान सोने के भाव में 1,419 रुपये तक की गिरावट दर्ज की गई। कीमतों में आई इस कमजोरी ने बाजार के कारोबारियों और निवेशकों का ध्यान खींचा है। सोने की वायदा कीमतों में बदलाव का असर बाजार की धारणा पर पड़ सकता है, हालांकि आगे का रुख वैश्विक संकेतों, डॉलर की चाल और ब्याज दरों को लेकर उम्मीदों पर निर्भर करेगा।
चांदी के वायदा भाव में भी कमजोरी, MCX पर 2.24 लाख रुपये के स्तर तक फिसली कीमत
सोने के साथ चांदी की कीमतों में भी सोमवार को दबाव दिखाई दिया। MCX पर 4 दिसंबर की डिलीवरी वाली चांदी पिछले सत्र में 2,25,755 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। नए कारोबारी दिन इसकी शुरुआत 2,25,494 रुपये प्रति किलोग्राम पर हुई। शुरुआती कारोबार में चांदी का भाव गिरकर 2,24,326 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया। इस तरह पिछले बंद भाव के मुकाबले कीमत में 1,429 रुपये तक की गिरावट देखी गई। चांदी की कीमतों पर निवेश की मांग के साथ-साथ औद्योगिक इस्तेमाल और अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियों का भी असर पड़ता है। ऐसे में कारोबारियों की नजर आगे के सत्रों में कीमतों की दिशा और वैश्विक बाजार से मिलने वाले संकेतों पर बनी रहेगी।
फिजिकल मार्केट में 24, 22 और 18 कैरेट सोना सस्ता, चांदी का भाव 2.40 लाख रुपये पर स्थिर
वायदा बाजार में गिरावट के बीच फिजिकल मार्केट में भी सोने की कीमतों में कमी दर्ज की गई। उपलब्ध दरों के मुताबिक, 24 कैरेट सोना 440 रुपये सस्ता होकर 1,50,980 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं, 22 कैरेट सोने की कीमत में 400 रुपये की गिरावट आई और इसका भाव 1,38,400 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। 18 कैरेट सोना भी 330 रुपये टूटकर 1,13,240 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। इसके विपरीत, चांदी की कीमत 2,40,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर बताई गई। ध्यान देने वाली बात यह है कि सोने-चांदी के खुदरा भाव शहर, ज्वेलर, मेकिंग चार्ज और लागू करों के कारण अलग-अलग हो सकते हैं। खरीदारी से पहले अपने शहर के ताजा रेट की पुष्टि करना बेहतर रहेगा।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना स्थिर, अमेरिका के महंगाई आंकड़ों से मिल सकता है ब्याज दरों का संकेत
वैश्विक बाजार में सोमवार के शुरुआती एशियाई कारोबार के दौरान सोने की कीमत में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ। शुक्रवार को एक सप्ताह के ऊंचे स्तर पर पहुंचने के बाद स्पॉट गोल्ड करीब 4,200.23 डॉलर प्रति औंस पर स्थिर रहा। वहीं, दिसंबर डिलीवरी वाले अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स में 0.2 प्रतिशत की तेजी आई और भाव 4,225.50 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया। निवेशक इस सप्ताह अमेरिका से जारी होने वाले महंगाई संबंधी आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं। इन आंकड़ों से यह समझने में मदद मिल सकती है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व आगे ब्याज दरों को लेकर क्या रुख अपना सकता है। सोने को आमतौर पर महंगाई और आर्थिक अनिश्चितता के दौर में निवेश के विकल्प के तौर पर देखा जाता है, लेकिन ब्याज दरें बढ़ने या ऊंची बने रहने की स्थिति में बिना ब्याज देने वाले सोने की आकर्षकता प्रभावित हो सकती है।
वैश्विक आर्थिक सुस्ती और मध्य पूर्व संकट पर नजर, सोने की मांग को लेकर बाजार सतर्क
वैश्विक अर्थव्यवस्था की स्थिति भी कीमती धातुओं के बाजार को प्रभावित कर सकती है। संयुक्त राष्ट्र की व्यापार एवं विकास एजेंसी के शुक्रवार को दिए गए अनुमान के मुताबिक, वर्ष 2026 में वैश्विक आर्थिक वृद्धि दर घटकर 2.6 प्रतिशत रह सकती है, जबकि पिछले साल यह 2.9 प्रतिशत थी। मध्य पूर्व में जारी संकट से ऊर्जा की कीमतों पर पड़ने वाला दबाव भी वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती बन सकता है। इसके अलावा, पिछले सप्ताह भारत में सोने की मांग कमजोर रहने की बात सामने आई, जबकि दुनिया के सबसे बड़े सोना उपभोक्ताओं में शामिल चीन में छुट्टियों के कारण कारोबार सीमित रहा। फिलहाल घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निवेशकों की निगाह महंगाई के आंकड़ों, ब्याज दरों की संभावनाओं और आर्थिक परिस्थितियों पर है। सोने-चांदी की अगली चाल इन्हीं कारकों से प्रभावित हो सकती है।





