सोना फिर तेज, चांदी ने भी पकड़ी रफ्तार
Gold-Silver Price 15 August 2026: भारतीय सर्राफा बाजार में इस सप्ताह सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। सोना करीब 2,742 रुपये प्रति 10 ग्राम महंगा हुआ, जबकि चांदी के भाव में 2,469 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी दर्ज की गई। चांदी अब 2.33 लाख रुपये प्रति किलो के पार पहुंच चुकी है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बाजार बंद होने के बावजूद मौजूदा भावों ने निवेशकों और खरीदारों का ध्यान खींचा है।
इस हफ्ते सोना कितना चढ़ा?
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन यानी IBJA के आंकड़ों के मुताबिक, 24 कैरेट सोने का भाव इस सप्ताह 1,49,621 रुपये प्रति 10 ग्राम से बढ़कर 1,52,363 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। यानी सप्ताह के दौरान कीमत में 2,742 रुपये की तेजी आई।
वहीं 22 कैरेट सोने का भाव भी 1,37,053 रुपये से बढ़कर 1,39,565 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। 18 कैरेट सोने की कीमत भी बढ़ी है और यह 1,12,216 रुपये से बढ़कर 1,14,272 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गई।
यानी सोने के लगभग सभी प्रमुख कैरेट में इस सप्ताह तेजी का रुझान देखने को मिला।
चांदी ने भी बढ़ाई चमक
सोने के साथ चांदी की कीमतों में भी तेजी बनी हुई है। इस सप्ताह चांदी का भाव 2,31,373 रुपये से बढ़कर 2,33,842 रुपये प्रति किलो हो गया। इस तरह एक सप्ताह में चांदी 2,469 रुपये प्रति किलो महंगी हुई।
सप्ताह के दौरान चांदी ने 2,37,214 रुपये प्रति किलो का उच्चतम स्तर भी देखा। वहीं 10 अगस्त की शाम को इसका सबसे निचला भाव 2,31,373 रुपये प्रति किलो रहा।
यह तेजी बताती है कि कीमती धातुओं में निवेश को लेकर बाजार की दिलचस्पी लगातार बनी हुई है।
15 अगस्त को बड़े शहरों में क्या है भाव?
15 अगस्त के उपलब्ध भावों के मुताबिक दिल्ली में 24 कैरेट सोना करीब 1,55,280 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 22 कैरेट सोना 1,42,350 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है।
कोलकाता, मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद में 24 कैरेट सोने का भाव करीब 1,55,130 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 22 कैरेट सोना करीब 1,42,200 रुपये प्रति 10 ग्राम है।
हालांकि शहर, ज्वेलर, टैक्स, मेकिंग चार्ज और स्थानीय बाजार की स्थिति के आधार पर ग्राहकों को मिलने वाला वास्तविक खरीद भाव अलग हो सकता है।
सप्ताह में कब सबसे महंगा रहा सोना?
इस सप्ताह सोने की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव भी देखने को मिला। IBJA के मुताबिक, 10 अगस्त की शाम 24 कैरेट सोने का भाव 1,50,641 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा, जो सप्ताह का निचला स्तर था।
इसके बाद कीमतों में तेजी आई और 12 अगस्त की शाम सोना 1,53,419 रुपये प्रति 10 ग्राम के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया।
इससे साफ है कि महज कुछ दिनों के भीतर सोने के भाव में बड़ा अंतर देखने को मिला।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का भी असर
घरेलू बाजार में सोने-चांदी की कीमतों को अंतरराष्ट्रीय बाजार की चाल से भी दिशा मिलती है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का भाव करीब 4,440 डॉलर प्रति औंस, जबकि चांदी करीब 65 डॉलर प्रति औंस के आसपास रही।
अमेरिकी अर्थव्यवस्था से जुड़े संकेत, फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें और डॉलर की चाल कीमती धातुओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।
अमेरिका की महंगाई ने बढ़ाई उम्मीद
सोने में तेजी के पीछे अमेरिका की महंगाई और ब्याज दरों को लेकर बदलती बाजार धारणा को भी महत्वपूर्ण वजह माना जा रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक जुलाई में अमेरिका की महंगाई दर 3.4 फीसदी रही, जबकि जून में यह 3.5 फीसदी थी।
महंगाई में नरमी से बाजार में अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति को लेकर उम्मीदें बदलती हैं। आम तौर पर ब्याज दरों में नरमी की संभावना सोने जैसे गैर-ब्याज देने वाले एसेट के लिए सकारात्मक मानी जाती है।
इसके अलावा वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, केंद्रीय बैंकों की खरीद और निवेशकों की सुरक्षित निवेश की तलाश भी सोने की मांग को प्रभावित कर सकती है।
खरीदारों के लिए क्या मायने?
सोने की कीमतों में लगातार तेजी से आम खरीदारों की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है। शादी-ब्याह और त्योहारों के लिए सोना खरीदने वाले लोगों के लिए मौजूदा स्तर काफी ऊंचा है। ऐसे में एक साथ बड़ी खरीदारी करने के बजाय अपनी जरूरत और बजट के अनुसार खरीदारी करना ज्यादा व्यावहारिक हो सकता है।
निवेशकों के लिए भी केवल एक सप्ताह की तेजी देखकर फैसला करना उचित नहीं माना जाता। सोने और चांदी दोनों में अंतरराष्ट्रीय संकेतों के कारण तेजी के साथ-साथ तेज गिरावट भी आ सकती है।
भाव दिन में दो बार बदल सकते हैं
IBJA की ओर से सोने और चांदी के बेंचमार्क भाव दिन में दो बार जारी किए जाते हैं। इसलिए अलग-अलग समय पर कीमतों में बदलाव संभव है। इसके अलावा IBJA का भाव और ज्वेलरी खरीदते समय ग्राहक द्वारा चुकाई जाने वाली अंतिम कीमत एक जैसी नहीं होती।
ज्वेलरी की कीमत में मेकिंग चार्ज, GST और अन्य स्थानीय शुल्क शामिल हो सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले स्थानीय ज्वेलर से अंतिम बिल और प्रति ग्राम कीमत जरूर जांचनी चाहिए।
आगे क्या?
सोने और चांदी के बाजार की नजर अब वैश्विक महंगाई, अमेरिकी फेड के अगले फैसलों, डॉलर की दिशा और भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर रहेगी। यदि ब्याज दरों में नरमी की उम्मीद मजबूत होती है और वैश्विक अनिश्चितता बनी रहती है, तो कीमती धातुओं को आगे भी समर्थन मिल सकता है।
फिलहाल इस सप्ताह की तस्वीर साफ है—सोना 2,700 रुपये से ज्यादा महंगा हुआ है और चांदी 2.33 लाख रुपये प्रति किलो के पार पहुंच चुकी है। ऐसे में आने वाले दिनों में सोने-चांदी की कीमतों पर निवेशकों के साथ-साथ आम खरीदारों की भी नजर बनी रहेगी।