25 सितंबर को घरेलू बाजार में सोने और चांदी दोनों की कीमतों में तेजी दर्ज की गई। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोने का भाव 10 ग्राम पर ₹1,328 बढ़कर ₹1.52 लाख हो गया। वहीं एक किलो चांदी की कीमत ₹4,102 बढ़कर ₹2.32 लाख पहुंच गई। बाजार में जारी उतार-चढ़ाव के बीच विशेषज्ञों की नजर अब त्योहारी मांग और वैश्विक खरीदारी पर बनी हुई है।
दुनिया के केंद्रीय बैंकों की खरीद और त्योहारों की मांग से सोने को मिल रहा सहारा
सोने की कीमतों में तेजी के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। चीन और भारत समेत कई देशों के बैंक लगातार सोने की खरीद कर रहे हैं। दूसरी ओर, त्योहारी सीजन शुरू होने से घरेलू बाजार में भी सोने की मांग बढ़ने लगी है। इन दोनों वजहों का असर कीमतों पर दिखाई दे रहा है।
कमोडिटी एक्सपर्ट के अनुमान से सोना ₹1.80 लाख और चांदी ₹3 लाख तक पहुंच सकती है
कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक मौजूदा परिस्थितियों में साल के अंत तक सोने का भाव ₹1.80 लाख प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹3 लाख प्रति किलो तक पहुंच सकता है। हालांकि यह बाजार का अनुमान है और वास्तविक कीमतें आगे की परिस्थितियों पर निर्भर करेंगी।
2026 में सोना ₹19 हजार महंगा, जनवरी में दोनों धातुओं ने बनाया था रिकॉर्ड
31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोने की कीमत ₹1.33 लाख थी, जो अब बढ़कर ₹1.52 लाख हो गई है। यानी इस साल अब तक सोना करीब ₹19 हजार महंगा हुआ है। 29 जनवरी को सोने ने ₹1.76 लाख और चांदी ने ₹3.86 लाख प्रति किलो का ऑलटाइम हाई बनाया था।
कम रकम से गोल्ड ETF में निवेश का विकल्प भी मौजूद है
गोल्ड ETF के जरिए निवेशक कम रकम से सोने में निवेश कर सकते हैं। इनकी खरीद-बिक्री BSE और NSE पर शेयरों की तरह होती है। निवेशक को इसमें फिजिकल सोना नहीं मिलता, बल्कि बेचने के समय बाजार भाव के आधार पर रकम प्राप्त होती है।
गोल्ड ETF खरीदने के लिए डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट होना जरूरी है
गोल्ड ETF में निवेश के लिए डीमैट अकाउंट की जरूरत होती है। NSE पर उपलब्ध ETF यूनिट खरीदी जा सकती हैं और ऑर्डर के दो दिन बाद यूनिट डीमैट खाते में जमा होने की जानकारी दी गई है। इन्हें बेचने के लिए ट्रेडिंग अकाउंट के जरिए लेनदेन किया जाता है।





