उत्तर प्रदेश में विकास की सबसे बड़ी ‘लाइफलाइन’ माने जा रहे गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के साथ ही सियासी पारा भी चढ़ गया है।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हरदोई से इस मेगा प्रोजेक्ट को जनता को समर्पित किया…लेकिन ये कार्यक्रम सिर्फ विकास का जश्न नहीं रहा।बल्कि चुनावी संदेश का बड़ा मंच भी बन गया…जहां सरकार ने अपनी उपलब्धियां गिनाईं, वहीं विपक्ष को कठघरे में खड़ा किया गया।
गंगा एक्सप्रेसवे: विकास की रफ्तार या सियासी प्रहार?…
पीएम के निशाने पर रहे अखिलेश और सपा—कांग्रेस
उद्घाटन के साथ गरमाई यूपी की राजनीति,
मंच से सरकार का रिपोर्ट कार्ड—विपक्ष पर तीखे वार
करीब 594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे अब आम लोगों के लिए खुल चुका है।मेरठ से प्रयागराज तक का सफर अब घंटों में सिमटने वाला है। लेकिन इस हाई-स्पीड कॉरिडोर ने सिर्फ दूरी ही नहीं घटाई।बल्कि यूपी की सियासत में नई बहस को भी जन्म दे दिया है।एक्सप्रेसवे अब सिर्फ सड़क नहीं, बल्कि चुनावी मुद्दा बन चुका है।
- गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन
- विकास का एक्सप्रेस—वे..गंगा एक्सप्रेस-वे
- यूपी के विकास की नई लाइफलाइन!
- यूपी की सियासत में एक्सप्रेसवे संग्राम
- पीएम नरेन्द्र मोदी ने किया उद्घाटन
- उद्घाटन से पहले PM ने लगाया पौधा
- मेरठ से हरिद्वार भी जाएगा गंगा एक्सप्रेस-वे
- पीएम नरेन्द्र मोदी का सपा पर निशाना
- कहा— सपा विकास विरोधी भी है
- नारी विरोधी भी है सपा
उद्घाटन समारोह के मंच से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर सीधा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष विकास और नारी सशक्तिकरण दोनों का विरोध करता रहा है। प्रधानमंत्री ने ‘नारी शक्ति वंदन’ जैसे मुद्दे का जिक्र करते हुए कहा कि अगर विपक्ष ने साथ दिया होता, तो महिलाओं को जल्द ही बड़ा प्रतिनिधित्व मिलता। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में उत्तर प्रदेश की बदलती तस्वीर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जो राज्य कभी ‘बीमारू’ कहा जाता था। वही अब ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है…यूपी की युवा आबादी को सबसे बड़ी ताकत बताते हुए उन्होंने इसे मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने का संकल्प दोहराया।
प्रधानमंत्री ने पुराने दौर की कार्यशैली पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहले एक सड़क के लिए दशकों तक इंतजार करना पड़ता था।घोषणाएं होती थीं, लेकिन काम जमीन पर नहीं दिखता था…जबकि अब ‘डबल इंजन सरकार’ में शिलान्यास से लेकर लोकार्पण तक का काम तय समय में पूरा हो रहा है। गंगा एक्सप्रेसवे को लेकर भविष्य की योजनाओं का भी जिक्र हुआ। प्रधानमंत्री ने बताया कि इसे आगे मेरठ से हरिद्वार तक बढ़ाने की तैयारी है। यानी ये एक्सप्रेसवे आने वाले समय में और भी बड़े कनेक्टिविटी नेटवर्क का हिस्सा बनने वाला है।
अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने हाल के चुनावी नतीजों का जिक्र करते हुए बीजेपी-एनडीए की जीत को जनता के भरोसे का प्रमाण बताया…उन्होंने कहा कि देशभर में स्थानीय निकाय चुनावों में मिली सफलता विकास की राजनीति पर मुहर है। पांच राज्यों में भी एनडीए को चुनावी में विजय मिलेगी। प्रधानमंत्री ने गंगा एक्सप्रेसवे को ‘मां गंगा का आशीर्वाद’ बताते हुए इसे यूपी के विकास की नई लाइफलाइन करार दिया। उन्होंने कहा कि अब लोग कम समय में प्रयागराज और काशी जैसे धार्मिक स्थलों तक पहुंच सकेंगे। जिससे न सिर्फ यात्रा आसान होगी, बल्कि पर्यटन और अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा। सियासी हमलों के बीच प्रधानमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर परिवारवाद और जातिवाद की राजनीति का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष कभी विकास की राजनीति नहीं कर सकता और जनता को इससे सावधान रहने की जरूरत है।
गंगा एक्सप्रेसवे अब सिर्फ मेरठ से प्रयागराज को जोड़ने वाला रास्ता नहीं है। ये उस बदलते उत्तर प्रदेश की तस्वीर है…जहां इंफ्रास्ट्रक्चर अब वादों से निकलकर जमीन पर उतर चुका है। जहां ‘सड़क’ अब सवाल नहीं, बल्कि जवाब बन चुकी है…लेकिन सियासत में सवाल अभी बाकी हैं। क्या ये एक्सप्रेसवे यूपी को ट्रिलियन इकोनॉमी की रफ्तार देंगे। या फिर ये भी क्रेडिट की राजनीति में उलझ जाएंगे। फिलहाल इतना तय है कि यूपी की चुनावी रेस अब ‘स्पीड’ से तय होगी…और इस रफ्तार पर जनता की नजर सबसे ज्यादा है।





