आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि इस वर्ष 15 जुलाई 2026, बुधवार से प्रारंभ होकर 23 जुलाई 2026, गुरुवार को भड़लिया नवमी के साथ संपन्न होगी। इस बार गुप्त नवरात्रि पूरे नौ दिनों की रहेगी। धार्मिक मान्यता के अनुसार गुप्त नवरात्रि मां दुर्गा की दस महाविद्याओं की उपासना, तंत्र साधना, आध्यात्मिक उन्नति और विशेष मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। ज्योतिषाचार्य पंडित रामगोविंद शास्त्री के अनुसार, इस दौरान श्रद्धा और विधि-विधान से किए गए कुछ विशेष उपाय आर्थिक संकट, शत्रु बाधा, विवाह में देरी और ग्रह दोष जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में सहायक माने जाते हैं।
15 जुलाई से शुरू होगी आषाढ़ गुप्त नवरात्रि, जानें तिथि, महत्व और विशेष उपाय
गुप्त नवरात्रि का महत्व
सामान्य चैत्र और शारदीय नवरात्रि की तरह आषाढ़ और माघ की गुप्त नवरात्रि का भी विशेष धार्मिक महत्व है। इन दिनों में मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना के साथ साधक विशेष सिद्धियों और आध्यात्मिक साधना के लिए पूजा-अर्चना करते हैं। गृहस्थ भी सुख-समृद्धि, धन, संतान और सफलता की कामना से मां भगवती की उपासना करते हैं।
आर्थिक संकट दूर करने के लिए काली हल्दी का उपाय
गुप्त नवरात्रि में शनिवार के दिन काली हल्दी का विशेष महत्व माना जाता है।
ऐसे करें उपाय
- काली हल्दी को साफ जल से शुद्ध करें।
- उस पर सिंदूर अर्पित करें।
- अब इसे लाल रंग के स्वच्छ कपड़े में बांध दें।
- इस पोटली को घर की तिजोरी, धन रखने के स्थान या व्यापार स्थल के गल्ले में रखें।
मान्यता है कि इस उपाय से आर्थिक तंगी दूर होती है, धन आगमन के नए मार्ग खुलते हैं और शत्रु बाधाओं से भी रक्षा होती है।
व्यापार और सफलता के लिए हनुमान जी का उपाय
यदि कारोबार में रुकावट आ रही हो या लगातार मेहनत के बाद भी सफलता न मिल रही हो, तो गुप्त नवरात्रि में यह उपाय किया जा सकता है।
उपाय
- पीपल का एक साफ पत्ता लें।
- उस पर लाल चंदन या रोली से “राम” लिखें।
- उस पर थोड़ा गुड़ या कोई मीठा प्रसाद रखें।
- इसे किसी हनुमान मंदिर में श्रद्धापूर्वक अर्पित करें।
मान्यता है कि इससे व्यापार में उन्नति, कार्यों में सफलता और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
विवाह और संतान सुख के लिए उपाय
यदि विवाह में लगातार विलंब हो रहा हो या संतान प्राप्ति में बाधा आ रही हो, तो गुप्त नवरात्रि में यह उपाय किया जाता है।
उपाय
- एक ताजा नींबू लें।
- उसमें चार लौंग लगाएं।
- इसे मां दुर्गा के सामने स्थापित करें।
- “ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे” मंत्र का 108 बार जाप करें।
- पूजा के बाद उस नींबू को किसी सुनसान चौराहे पर बिना पीछे देखे छोड़ दें।
धार्मिक मान्यता के अनुसार यह उपाय मनोकामना पूर्ति और बाधाओं को दूर करने वाला माना जाता है।
ग्रह दोष और वास्तु दोष शांति का उपाय
यदि कुंडली में ग्रह दोष हो, बार-बार कार्यों में असफलता मिल रही हो या घर में नकारात्मकता महसूस होती हो, तो गुप्त नवरात्रि के दौरान प्रतिदिन यह उपाय किया जा सकता है।
उपाय
- शिवलिंग पर गंगाजल में लाल चंदन मिलाकर अभिषेक करें।
- भगवान शिव का ध्यान करते हुए नियमित पूजा करें।
मान्यता है कि इससे ग्रहों के अशुभ प्रभाव शांत होते हैं और घर की सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।
गुप्त नवरात्रि में क्या करें?
- मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की श्रद्धापूर्वक पूजा करें।
- दुर्गा सप्तशती या देवी कवच का पाठ करें।
- सात्विक भोजन ग्रहण करें।
- जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और दान दें।
- घर में स्वच्छता और सकारात्मक वातावरण बनाए रखें।
- ब्रह्मचर्य और संयम का पालन करें।
क्या न करें?
- तामसिक भोजन और नशे से दूर रहें।
- किसी का अपमान या विवाद न करें।
- पूजा के समय क्रोध और नकारात्मक विचारों से बचें।
- असत्य बोलने और किसी को कष्ट पहुंचाने से बचें।
आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 2026: प्रमुख तिथियां
- प्रारंभ: 15 जुलाई 2026 (बुधवार)
- समापन: 23 जुलाई 2026 (भड़लिया नवमी)
ध्यान दें: ये उपाय धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय परंपराओं पर आधारित हैं। इन्हें आस्था के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। इनके परिणाम व्यक्ति की श्रद्धा, परिस्थितियों और मान्यताओं के अनुसार भिन्न हो सकते हैं।