लखनऊ। उत्तर प्रदेश की नई पीढ़ी अब केवल शिक्षा और रोजगार तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि विकास योजनाओं की डिजिटल भागीदार भी बनेगी। राजधानी लखनऊ में आयोजित ‘यूपी राइज 2026: संवाद, संकल्प, सफलता’ कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों से पहुंचे हजारों छात्रों ने सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों और विकास कार्यों को आम जनता तक पहुंचाने का संकल्प लिया। इस पहल के तहत छात्र स्वयं को ‘कैंपस ब्रांड एम्बेसडर’ के रूप में तैयार करेंगे।
युवा बनेंगे विकास की डिजिटल आवाज
‘यूपी राइज 2026’ में छात्रों का संकल्प, सोशल मीडिया के जरिए सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाएंगे ‘कैंपस ब्रांड एम्बेसडर’
कार्यक्रम का आयोजन उत्तर प्रदेश सूचना एवं जनसंपर्क विभाग और टाइम्स नाऊ के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को राज्य के विकास अभियान से जोड़ना और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उनकी रचनात्मक भागीदारी सुनिश्चित करना रहा। इसमें विभिन्न शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया और विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने की प्रतिबद्धता जताई।
कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था, आधारभूत संरचना, निवेश, उद्योग, एक्सप्रेस-वे, शिक्षा और रोजगार जैसे क्षेत्रों में व्यापक बदलाव देखने को मिले हैं। उन्होंने कहा कि इन परिवर्तनों और सरकारी योजनाओं की सही जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना जरूरी है, जिसके लिए सोशल मीडिया सबसे प्रभावी माध्यम बन सकता है।
छात्रों ने बताया कि वे इंस्टाग्राम, फेसबुक, एक्स, यूट्यूब और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रील, शॉर्ट वीडियो, ब्लॉग, पोस्ट और इन्फोग्राफिक्स के माध्यम से विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी साझा करेंगे। विशेष रूप से छात्रवृत्ति, स्टार्टअप प्रोत्साहन, कौशल विकास, मिशन शक्ति, ड्रोन दीदी, लखपति दीदी, महिला सशक्तिकरण और युवा रोजगार जैसी योजनाओं को प्राथमिकता से प्रचारित करने की बात कही गई।
कार्यक्रम में डिजिटल मीडिया की बदलती भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि आज सूचना का सबसे तेज माध्यम सोशल मीडिया है और युवा वर्ग इसकी सबसे बड़ी ताकत है। यदि इस शक्ति का सकारात्मक उपयोग किया जाए तो सरकारी योजनाओं की जानकारी अधिक प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंचाई जा सकती है और समाज में जागरूकता बढ़ाई जा सकती है।
इस अवसर पर कई छात्रों ने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा किए। कुछ प्रतिभागियों ने बताया कि उन्हें सरकारी छात्रवृत्ति, स्टार्टअप सहायता और कौशल विकास कार्यक्रमों का लाभ मिला, जिससे उनके करियर को नई दिशा मिली। वहीं कई छात्राओं ने मिशन शक्ति जैसी पहलों के कारण महिला सुरक्षा और आत्मविश्वास में वृद्धि होने की बात कही।
कार्यक्रम में यह भी कहा गया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि जन-जागरूकता और सकारात्मक संवाद का प्रभावी साधन भी है। युवाओं से अपील की गई कि वे तथ्यात्मक और जिम्मेदार सामग्री साझा करें तथा समाज में सकारात्मक संदेश फैलाने में अपनी भूमिका निभाएं।
‘यूपी राइज 2026’ को राज्य सरकार की उस पहल के रूप में देखा जा रहा है, जिसका उद्देश्य युवाओं को केवल योजनाओं का लाभार्थी बनाना नहीं, बल्कि उन्हें विकास यात्रा का सक्रिय भागीदार बनाना है। कार्यक्रम के अंत में हजारों छात्रों ने विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण में अपनी भागीदारी निभाने और डिजिटल माध्यमों से जन-जागरूकता बढ़ाने का सामूहिक संकल्प लिया।