एमपी सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी वीरा राणा को मुख्य सचिव का अतिरिक्त प्रभार देने के आदेश जारी कर दिए हैं। इसके बाद वीरा राणा ने सीएस की जिम्मेदारी संभाली। बता दें भारतीय प्रशासनिक सेवा 1988 बैच की वरिष्ठ अधिकारी वीरा राणा राज्य के मुख्य सचिव का पद संभालने वाली दूसरी महिला हैं। उनसे पहले निर्मला बुच ने मुख्य सचिव की जिम्मेदारी संभाली थी।
- 30 साल बाद मप्र को मिली महिला मुख्य सचिव
- वीरा राणा ने संभाली सीएस की जिम्मेदारी
- 1988 बैच की आईएएस हैं वीरा राणा
बता दें मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस का सेवा विस्तार 30 नवंबर को खत्म हो चुका है। बैंस को पिछले साल 30 नवंबर 2022 को रिटायर होना था, लेकिन विधानसभा चुनाव के चलते सरकार ने उन्हें 31 मई 2023 तक छह महीने का विस्तार दिया था। इसके बाद 30 नवंबर 2023 तक के लिए एक बार फिर उनके कार्यकाल को विस्तार दिया गया था। आखिर 1985 बैच के आईएएस अधिकारी इकबाल सिंह बैंस से आज 30 नवंबर को वीरा राणा ने मुख्य सचिव का प्रभार ले लिया।
वोटिंग के समय थे बैंस सीएस,काउंटिंग के समय वीरा राणा
वैसे प्रदेश के प्रसाशनिक इतिहास में ये पहली बार हुआ है। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए जिस दिन वोटिंग हुई उस दिन अलग चीफ सेक्रेट्री थे और जिस दिन कांउंटिंग होगी उस दिन अलग। बता दें वोटिंग वाले दिन इकबाल सिंह बैंस सीएस की कुर्सी पर थे। अब वीरा राणा सीएस बन चुकी हैं यानी 3 दिसंबर को काउंटिंग के दिन वीरा राणा प्रशासनिक मुखिया होंगी। बता दें वीरा राणा इससे पहले मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की अध्यक्ष के रूप में पदस्थ थीं। इसके अलावा उनके पास राज्य कृषि उत्पादन आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार था। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की अध्यक्ष बनने से पहले वीरा राणा मप्र में राज्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी, खेल और युवा कल्याण विभाग की एसीएस के साथ प्रशासन अकादमी महानिदेशक, कुटीर और ग्रामोद्योग विभाग जैसे अहम विभागों की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं। इकबाल सिंह बैंस के बाद एमपी की नई सीएस बनी वीरा राणा सबसे सीनियर अधिकारी हैं। उनका रिटायरमेंट मार्च 2024 में होगा। बता दें मध्य प्रदेश की नई सीएस वीरा राणा का जन्म 26 मार्च 1964 को यूपी में हुआ था। वे 1988 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। वीरा राणा ने बैचलर ऑफ आर्ट्स और एमबीए शिक्षा हासिल की है।





