RBI की दरों में कटौती के बाद अब FD पर फिर बढ़ा आकर्षण
2025 में Reserve Bank of India ने जनवरी से दिसंबर के बीच रेपो रेट को 6.5% से घटाकर 5.25% कर दिया था, जिसके बाद बैंकों ने भी फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की ब्याज दरों में कमी की। हालांकि 2026 की शुरुआत से तस्वीर बदलती नजर आ रही है। RBI ने रेपो रेट 5.25% पर स्थिर रखा है, लेकिन इसके बावजूद कई बैंकों ने FD पर ब्याज दरें बढ़ा दी हैं, जिससे निवेशकों के लिए यह विकल्प फिर से आकर्षक बन गया है।
स्मॉल फाइनेंस बैंक दे रहे सबसे ज्यादा ब्याज, 8% के पार पहुंची दरें
इस समय स्मॉल फाइनेंस बैंक FD पर सबसे ऊंचा रिटर्न दे रहे हैं। Suryoday Small Finance Bank 30 महीने की FD पर 8.10% (सीनियर सिटीज़न: 8.25%) तक ब्याज दे रहा है। Shivalik Small Finance Bank 21 महीने से 22 महीने की अवधि पर 7.80% (सीनियर: 8.30%) ऑफर कर रहा है। Jana Small Finance Bank 3 साल से 5 साल तक की FD पर 7.77% की दर दे रहा है। वहीं Ujjivan Small Finance Bank 24 महीने की FD पर 7.45% और Unity Small Finance Bank 12 महीने की FD पर 7.25% ब्याज दे रहा है।
प्राइवेट बैंकों में भी बढ़ी प्रतिस्पर्धा, लेकिन SFB से कम रिटर्न
प्राइवेट सेक्टर के बैंकों में भी FD दरों में इजाफा हुआ है, लेकिन ये स्मॉल फाइनेंस बैंकों से थोड़ी कम हैं। IDFC FIRST Bank 390 दिन की FD पर 7.40% (सीनियर: 7.90%) दे रहा है। RBL Bank 18–36 महीने की अवधि पर 7.20% और Yes Bank 36–60 महीने के बीच 7.00% तक ब्याज दे रहा है। ICICI Bank और HDFC Bank जैसे बड़े बैंक 3 से 5 साल की FD पर लगभग 6.50% की दर दे रहे हैं।
सरकारी बैंकों में स्थिर दरें, सीमित लेकिन सुरक्षित विकल्प
सरकारी बैंकों की बात करें तो यहां ब्याज दरें अपेक्षाकृत स्थिर हैं। Punjab & Sind Bank 666 दिन की FD पर 6.75% का सबसे ऊंचा रिटर्न दे रहा है। वहीं Punjab National Bank, Canara Bank, Bank of India और Indian Overseas Bank 450 से 555 दिन के बीच करीब 6.60% ब्याज दे रहे हैं। IDBI Bank 2–3 साल की FD पर 6.50% ऑफर कर रहा है।
आखिर क्यों बढ़ रही हैं FD की ब्याज दरें, समझिए वजह
बैंकों द्वारा FD दरें बढ़ाने के पीछे कई कारण हैं। सबसे बड़ा कारण है क्रेडिट ग्रोथ का तेजी से बढ़ना और डिपॉजिट का अपेक्षाकृत धीमा रहना। इसके अलावा म्यूचुअल फंड, सरकारी योजनाओं और बॉन्ड जैसे विकल्पों से बढ़ती प्रतिस्पर्धा भी बैंकों को बेहतर रिटर्न देने के लिए मजबूर कर रही है। बदलती निवेश आदतों के बीच FD को आकर्षक बनाए रखने के लिए बैंक ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर रहे हैं।