99 साल बाद भी: पीएलए चीन की सुरक्षा और विश्व शांति का प्रहरी

Even After 99 Years The PLA Guardian of China Security and World Peace

99 साल बाद भी: पीएलए चीन की सुरक्षा और विश्व शांति का प्रहरी
चीन लोक गणराज्य के संस्थापक और दिवंगत चीनी नेता माओ त्से-तुंग की एक
प्रसिद्ध पंक्ति याद आती है: "जनता पानी की तरह है और सेना मछली की
तरह"। यह कथन उन्होंने अपने लेख 'चीन के जापान-विरोधी संघर्ष के कुछ पहलू'
(Aspects of China's Anti-Japanese Struggle, 1948) में कहा था। 1 अगस्त को
चीनी जनता ने चीनी जन मुक्ति सेना (पीएलए) की स्थापना की 99वीं वर्षगांठ बड़े
हर्ष के साथ मनाई।
1927 में स्थापित और मूल रूप से "चीनी मजदूर-किसान लाल सेना" कहलाने
वाली चीनी जन मुक्ति सेना ने चीन की स्वतंत्रता, जनता की मुक्ति तथा राष्ट्र की
सुरक्षा और समृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पिछले 99 वर्षों में, चीनी
कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) के सशक्त नेतृत्व में इस सेना ने गौरवशाली
उपलब्धियां हासिल की हैं। जन मुक्ति सेना चीनी जनता का गौरव और अभिमान
रही है, और विश्व शांति की रक्षा में उसका योगदान पूरे विश्व के लिए भी गर्व का
विषय रहा है।
निस्संदेह, "नए युग में सशक्त सेना का निर्माण" के लक्ष्य से प्रेरित होकर,
पीएलए ने अपनी 99 वर्षों की गौरवशाली यात्रा में चीनी जनता को निरंतर अधिक
सुरक्षा प्रदान की है। साथ ही राष्ट्रीय संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा भी की
है। इसमें हांगकांग और मकाओ में अपनी रक्षा जिम्मेदारियों का निर्वहन विशेष
रूप से उल्लेखनीय रहा है।
2012 के अंत में आयोजित चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की 18वीं राष्ट्रीय कांग्रेस के
बाद से, राष्ट्रपति शी चिनफिंग के मार्गदर्शन में चल रहे राष्ट्रीय रक्षा और सैन्य
सुधारों के अनुरूप चीन की सैन्य प्रणाली में मात्रा से गुणवत्ता और मानव-श्रम
आधारित से विज्ञान-प्रौद्योगिकी आधारित प्रणाली की ओर बदलाव आया है।
"सेना को सशक्त बनाने संबंधी शी चिनफिंग के विचारों" के मार्गदर्शन में, पीएलए
निरंतर मजबूत हुआ है और विश्व शांति एवं स्थिरता की रक्षा में एक महत्वपूर्ण
शक्ति बनकर उभरा है।

उल्लेखनीय है कि चीन के थाईवान क्षेत्र को लेकर अमेरिका और जापान के साथ
बढ़ते तनाव के बीच, पेइचिंग में आयोजित चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की 20वीं
राष्ट्रीय कांग्रेस में राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने चीन के सशस्त्र बलों में "व्यापक
उन्नयन" का आदेश दिया। यह चीन के समाजवादी आधुनिकीकरण अभियान का
हिस्सा था। साथ ही उन्होंने सभी सैन्य प्रतिभाओं के लिए उच्च-तकनीकी
आधुनिकीकरण का आह्वान किया और उनकी पहचान, नवाचार और
कार्यान्वयन क्षमता को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
31 जुलाई को चीनी रक्षा मंत्री डोंग जुन ने चीनी जन मुक्ति सेना की 99वीं वर्षगांठ
पर आयोजित भव्य समारोह में एक बार फिर राष्ट्रपति शी के विचारों का समर्थन
करते हुए कहा कि,"पीएलए की शताब्दी अब केवल एक वर्ष दूर है। इस
ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ी चीनी सेना न केवल देश की सुरक्षा का अडिग कवच है,
बल्कि विश्व शांति की भी रक्षक है। आज पीएलए एक जिम्मेदार बड़े देश की
विश्वस्तरीय सेना बनने की दिशा में ठोस और निर्णायक कदम उठा रही है।"
शताब्दी से ठीक एक वर्ष पहले दिया गया यह संदेश बेहद स्पष्ट है – पीएलए अब
केवल रक्षात्मक भूमिका तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक जिम्मेदारियों को
निभाने के लिए भी पूरी तरह तैयार है।
आज की अनिश्चित होती दुनिया में राष्ट्रीय रक्षा और पीएलए का आधुनिकीकरण
केवल जटिल सुरक्षा चुनौतियों का जवाब देने की व्यावहारिक जरूरत नहीं है,
बल्कि यह चीनी राष्ट्र के महान कायाकल्प को साकार करने की अनिवार्य शर्त भी
है।
समुद्र आज वैश्विक व्यापार की रीढ़ बन चुका है। दुनिया का 90% से अधिक
व्यापार समुद्री मार्गों से ही होता है और यह सामान तथा कच्चे माल को एक स्थान
से दूसरे स्थान तक पहुंचाने का सबसे किफायती तरीका है। इसी हकीकत के चलते
पीएलए नौसेना "तटीय नौसेना" से "महासागरीय नौसेना" बनने की ओर तेजी से
बढ़ रही है। दक्षिण चीन सागर में अमेरिका द्वारा लगातार गश्त कर अपनी
मौजूदगी मजबूत करने के बीच, चीन के लिए अपने समुद्री हितों और व्यापारिक

मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अब सामरिक प्राथमिकता बन गई है।
दक्षिण चीन सागर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा ने यह स्पष्ट कर दिया है कि शांति बनाए
रखने के लिए भी शक्ति जरूरी है। पीएलए नौसेना का आधुनिकीकरण इसी सोच
का नतीजा है – आक्रामकता के लिए नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार समुद्री शक्ति के
रूप में क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक व्यापार की सुरक्षा में योगदान देने के लिए।
पीएलए वास्तव में जनता की रक्षा करने वाली सेना है। इसका ताजा प्रमाण इसी
जुलाई में दक्षिण चीन के क्वांगशी च्वांग स्वायत्त प्रदेश में देखने को मिला। सुपर
तूफान मेसाक के कारण कई इलाकों में विनाशकारी बाढ़ आ गई। ऐसे समय में
चीनी सैन्यकर्मियों ने कर्तव्य का आह्वान मिलते ही राहत और बचाव कार्यों में
पूरी ताकत झोंक दी। ये तस्वीरें साफ कहती हैं कि संकट की हर घड़ी में पीएलए
सबसे पहले जनता के साथ खड़ी होती है।
वहीं अंतरराष्ट्रीय मंच पर चीन बहुपक्षवाद का झंडा बुलंद कर रहा है। अप्रैल 1990
में संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों से जुड़ने के बाद से, पीएलए के जवान दुनिया के
सबसे संवेदनशील संघर्ष क्षेत्रों में शांति स्थापित करने में अहम भूमिका निभा रहे
हैं। यह उस प्रतिबद्धता का हिस्सा है जिसके तहत चीन वैश्विक मामलों में एक
जिम्मेदार भागीदार बनना चाहता है।
चीनी जनता को अपनी पीएलए पर गर्व है। पीएलए सिर्फ एक सेना नहीं है, बल्कि
चीन के समाजवादी आदर्शों, संप्रभुता, सुधार और मानव प्रयास के हर क्षेत्र में
प्रगति की चाह का जीवंत प्रतीक है। 99 वर्षों की गौरवशाली यात्रा पूरी करने के
बाद, मजबूत आदर्शों और आस्था, महान परंपराओं और युद्ध में अदम्य साहस से
लैस पीएलए आज नई उड़ान भरने के लिए तैयार है।
(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)

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