राजस्थान रॉयल्स में ‘स्टील और वैक्सीन’ की एंट्री…IPL की सबसे बड़ी डील ने बदला खेल का गणित…
मित्तल परिवार और अदार पूनावाला ने मिलकर खरीदी 93% हिस्सेदारी, 15,600 करोड़ की डील से क्रिकेट बिजनेस में नया युग
आईपीएल 2026 के बीच एक ऐसी डील सामने आई है। जिसने सिर्फ एक टीम का मालिकाना नहीं बदला, बल्कि पूरे क्रिकेट इकोसिस्टम की दिशा बदलने के संकेत दे दिए हैं।राजस्थन रॉयल्य अब पारंपरिक स्पोर्ट्स फ्रेंचाइजी नहीं रही, बल्कि ग्लोबल बिजनेस दिग्गजों की नई प्रयोगशाला बनने जा रही है।
स्टील किंग की पिच पर एंट्री
दुनिया के बड़े उद्योगपतियों में गिने जाने वाले लक्ष्मी निवास मित्तल और उनके बेटे आदित्य मित्तल ने राजस्थान रॉयल्स में 75% हिस्सेदारी लेकर खेल जगत में बड़ा दांव खेला है। स्टील इंडस्ट्री से क्रिकेट तक का यह सफर सिर्फ निवेश नहीं, बल्कि एक रणनीतिक विस्तार माना जा रहा है।
वैक्सीन किंग का ‘स्मार्ट निवेश’
इस डील का दूसरा बड़ा नाम है अदार पूनावाला जिन्होंने 18% हिस्सेदारी लेकर यह साफ कर दिया है कि अब स्पोर्ट्स फ्रेंचाइजी हेल्थ, ब्रांडिंग और ग्लोबल नेटवर्किंग का भी बड़ा प्लेटफॉर्म बन चुकी हैं।
कुल 93% हिस्सेदारी का खेल
नई डील के तहत:
मित्तल परिवार: 75%
अदार पूनावाला: 18%
7%: पुराने मालिक Manoj Badale और अन्य निवेशक
मनोज बदाले टीम से जुड़े रहेंगे, यानी अनुभव और नई सोच का मिश्रण देखने को मिलेगा।
कितनी बड़ी है यह डील?
करीब 1.65 बिलियन डॉलर (15,600 करोड़ रुपये) की यह डील आईपीएल इतिहास की सबसे बड़ी फ्रेंचाइजी वैल्यूएशन में से एक मानी जा रही है। खास बात ये है कि यह सिर्फ Indian Premier League तक सीमित नहीं है। इसमें शामिल हैं Paarl Royals (दक्षिण अफ्रीका)। Barbados Royals (कैरेबियन प्रीमियर लीग)। यानि एक ही डील में तीन देशों की टीमें—एक ग्लोबल क्रिकेट नेटवर्क।
अब सिर्फ टीम नहीं,‘क्रिकेट कॉरपोरेशन’
यह सौदा दिखाता है कि आईपीएल अब सिर्फ खेल नहीं रहा, बल्कि मल्टी-नेशनल बिजनेस मॉडल बन चुका है। स्टील, वैक्सीन और स्पोर्ट्स—तीनों सेक्टर का यह मेल आने वाले समय में प्लेयर डेवलपमेंट ग्लोबल ब्रांडिंग डिजिटल फैन एंगेजमेंट को नए स्तर पर ले जा सकता है। फिलहाल इस डील को मंजूरी का इंतजार है। Board of Control for Cricket in India और Competition Commission of India के साथ ही आईपीएल गवर्निंग काउंसिल से मंजूरी मिलना बाकी है। उम्मीद है कि यह सौदा वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही तक पूरा हो जाएगा। राजस्थान रॉयल्स अब सिर्फ ‘रॉयल्स’ नहीं—बल्कि ग्लोबल क्रिकेट साम्राज्य बनने की राह पर है।





