Thursday, August 27, 2026
  • Contact
India News
  • मुख्य समाचार
  • राजनीति
  • संपादक की पसंद
  • शहर और राज्य
    • उत्तर प्रदेश
      • आगरा
      • कानपुर
      • लखनऊ
      • मेरठ
    • छत्तीसगढ
      • जगदलपुर
      • बिलासपुर
      • भिलाई
      • रायपुर
    • दिल्ली
    • बिहार
      • पटना
    • मध्य प्रदेश
      • इंदौर
      • ग्वालियर
      • जबलपुर
      • भोपाल
    • महाराष्ट्र
      • नागपुर
      • नासिको
      • पुणे
      • मुंबई
    • राजस्थान
      • अजमेर
      • कोटा
      • जयपुर
      • जैसलमेर
      • जोधपुर
  • स्टार्टअप
  • कृषि
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • धर्म
  • ऑटो
  • सरकारी नौकरी
  • वीडियो
No Result
View All Result
India News
Home मुख्य समाचार

भूकंप → एवलांच → नदी ब्लॉक → जलप्रलय! नेपाल में मिनटों में कैसे आई तबाही, समझिए हिमालय का खतरनाक ‘डोमिनो इफेक्ट’

DigitalDesk by DigitalDesk
August 27, 2026
in मुख्य समाचार, स्पेशल
0
Bhote Koshi River in Nepal
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterWhatsapp

नेपाल में भोटेकोशी नदी की भीषण बाढ़ ने हिमालयी क्षेत्र की उस खतरनाक हकीकत को सामने ला दिया है, जहां एक प्राकृतिक घटना दूसरी आपदा को जन्म दे सकती है। नेपाल-चीन सीमा के रसुवागढ़ी क्षेत्र में अचानक आई बाढ़ ने घरों, पुलों, सड़कों और हाइड्रोपावर परियोजनाओं को भारी नुकसान पहुंचाया। कई लोग लापता बताए गए और बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाना पड़ा।

नेपाल के विदेश मंत्रालय के शुरुआती आकलन में भूकंप के बाद एवलांच और उसके चलते अचानक बाढ़ आने की संभावना सामने आई है। हालांकि, घटना की सटीक वजह की विस्तृत जांच अभी जारी है। इसलिए शुरुआती आकलन को अंतिम निष्कर्ष मानना जल्दबाजी होगी। लेकिन सवाल है—भूकंप के बाद आखिर एवलांच और फिर इतनी भयावह बाढ़ कैसे आ सकती है? इसका जवाब छिपा है हिमालय की भौगोलिक बनावट और उसकी बेहद अस्थिर ढलानों में।

Related posts

2026 APEC की तीसरी वरिष्ठ अधिकारी बैठक ताल्येन में आयोजित

2026 APEC की तीसरी वरिष्ठ अधिकारी बैठक ताल्येन में आयोजित

August 27, 2026
gleam of gold or a gamble on luck Why are thousands flocking to Kenya Cheporor village

सोने की चमक या किस्मत का दांव? केन्या के चेपोरोर गांव में क्यों उमड़ रही हजारों लोगों की भीड़

August 27, 2026

नेपाल में बाढ़ इतनी खतरनाक क्यों होती है?

नेपाल का बड़ा हिस्सा हिमालय और पहाड़ी क्षेत्रों में आता है। यहां ऊंचे पहाड़, बेहद ढलानदार भूभाग, ग्लेशियर, हिमनद झीलें और तेज बहाव वाली नदियां मौजूद हैं। हिमालय से निकलने वाली नदियां ऊंचाई से तेजी से नीचे आती हैं। ऐसे में यदि ऊपर के इलाके में अचानक बड़ी मात्रा में पानी, बर्फ, चट्टान या मलबा नदी में पहुंच जाए तो उसका असर कुछ ही समय में निचले इलाकों तक पहुंच सकता है। मानसून के दौरान खतरा और बढ़ जाता है। अत्यधिक बारिश पहले से कमजोर पहाड़ी ढलानों को अस्थिर कर सकती है। इसके बाद भूस्खलन नदी के प्रवाह को रोक सकता है और पीछे पानी जमा होता जाता है। जब यह प्राकृतिक अवरोध टूटता है तो पानी अचानक बेहद तेज गति से नीचे की ओर दौड़ सकता है।

इसी को फ्लैश फ्लड यानी अचानक आने वाली बाढ़ कहा जाता है।

भूकंप के बाद एवलांच क्यों आ सकता है?

सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि हर भूकंप के बाद एवलांच नहीं आता। लेकिन हिमालय जैसे ऊंचे और संवेदनशील पर्वतीय क्षेत्र में शक्तिशाली भूकंप पहाड़ों की ढलानों और बर्फ की परतों को अस्थिर कर सकता है। भूकंप के दौरान धरती के कंपन से पहले से कमजोर चट्टानें टूट सकती हैं। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ और चट्टान का मिश्रित हिस्सा भी ढलान से नीचे खिसक सकता है। अगर यह मलबा किसी ग्लेशियर, नदी या बर्फ से बनी संरचना को प्रभावित करता है तो उसके बाद घटनाओं की एक श्रृंखला शुरू हो सकती है।

भूकंप → पहाड़ में कंपन → चट्टान/बर्फ खिसकना → एवलांच या भूस्खलन → नदी प्रभावित → अचानक बाढ़

यही वह संभावित डोमिनो इफेक्ट है जिसे इस तरह की घटनाओं में समझना जरूरी है।

सबसे खतरनाक स्थिति—नदी का रास्ता बंद होना

कल्पना कीजिए कि पहाड़ से भारी मात्रा में चट्टान और मलबा टूटकर नदी में गिर गया। नदी का रास्ता अचानक बंद हो गया। अब पानी आगे नहीं जा पाएगा। पीछे की तरफ पानी जमा होना शुरू होगा। कुछ समय बाद यदि यह प्राकृतिक अवरोध पानी के दबाव को नहीं झेल पाया और टूट गया, तो जमा हुआ पानी अचानक एक साथ नीचे की तरफ बढ़ेगा। यही स्थिति कुछ मिनटों में सामान्य नदी को विनाशकारी सैलाब में बदल सकती है। इसमें सिर्फ पानी नहीं होता। पानी के साथ चट्टान, मिट्टी, पेड़ और भारी मलबा भी तेज गति से नीचे आता है। यही वजह है कि ऐसी बाढ़ अपने रास्ते में आने वाले पुल, सड़क, घर और दूसरी संरचनाओं को बेहद तेजी से नुकसान पहुंचा सकती है।

एवलांच और भूस्खलन में क्या अंतर है?

दोनों को एक समझना गलत होगा। एवलांच यानी हिमस्खलन में पहाड़ से बर्फ और हिम का बड़ा हिस्सा तेजी से नीचे गिरता या बहता है। वहीं भूस्खलन में मिट्टी, चट्टान और मलबा पहाड़ की ढलान से नीचे खिसकता है। हालांकि हिमालय में दोनों घटनाएं एक-दूसरे से जुड़ सकती हैं। भूकंप से चट्टान टूटे, उसके साथ बर्फ नीचे आए और यह पूरा मलबा नदी में पहुंच जाए—तो एक आपदा दूसरी आपदा को ट्रिगर कर सकती है।

एक और बड़ा खतरा—ग्लेशियल झील

हिमालय में ग्लेशियरों के आसपास कई झीलें बनती हैं। इन्हें ग्लेशियल लेक कहा जाता है। इन झीलों के आसपास बनी प्राकृतिक बर्फ, मलबे या मोरेन की दीवार कमजोर होने पर झील का पानी अचानक बाहर निकल सकता है। इसे Glacial Lake Outburst Flood यानी GLOF कहा जाता है। भूकंप, भारी बारिश, हिमस्खलन या चट्टान गिरने जैसी घटनाएं ऐसी झीलों को प्रभावित कर सकती हैं। यदि प्राकृतिक अवरोध टूटता है तो बहुत बड़ी मात्रा में पानी अचानक नीचे की घाटियों की ओर जा सकता है।

भोटेकोशी में क्या हुआ—जांच से क्या साफ होगा?

भोटेकोशी नदी की घटना में शुरुआती आकलन ने भूकंप के बाद एवलांच और अचानक बाढ़ की संभावना जताई है। वहीं विभिन्न शुरुआती रिपोर्टों में नदी के ऊपरी क्षेत्र में चट्टान खिसकने, नदी के रास्ते में अस्थायी अवरोध बनने और उसके बाद पानी के अचानक मुक्त होने जैसी संभावनाओं का भी उल्लेख किया गया है। इसलिए फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अंतिम कारण का निर्धारण विस्तृत वैज्ञानिक जांच के बाद ही होगा।

सैटेलाइट तस्वीरों, भूकंपीय रिकॉर्ड, नदी के जलस्तर, घटनास्थल के भू-आकृतिक बदलाव और प्रत्यक्षदर्शियों की जानकारी को मिलाकर वैज्ञानिक यह पता लगा सकते हैं कि आपदा की शुरुआत वास्तव में कहां से हुई और किस घटना ने किसे ट्रिगर किया।

नेपाल की तबाही से सबसे बड़ा सबक क्या?

इस घटना ने दिखाया है कि हिमालय में आपदा को सिर्फ “बाढ़” या सिर्फ “भूकंप” के रूप में देखना पर्याप्त नहीं है। यहां एक छोटी-सी प्राकृतिक हलचल कई घटनाओं की श्रृंखला शुरू कर सकती है—

भूकंप
⬇️
पहाड़ में कंपन
⬇️
चट्टान/बर्फ का खिसकना
⬇️
एवलांच या भूस्खलन
⬇️
नदी का रास्ता बाधित
⬇️
पानी का अस्थायी जमाव
⬇️
प्राकृतिक अवरोध टूटना
⬇️
फ्लैश फ्लड
⬇️
जलप्रलय और भारी तबाही

यानी हिमालय में खतरा सिर्फ पानी से नहीं है। पानी से पहले पहाड़ हिल सकता है, पहाड़ के बाद नदी रुक सकती है और नदी रुकने के बाद अचानक सैलाब आ सकता है। यही हिमालयी आपदाओं का सबसे खतरनाक चेहरा है—एक आपदा दूसरी आपदा को जन्म देती है और लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिलता।

Tags: #Bhote Koshi River in Nepal #Severe floods #Himalayan region #Rasuwagadhi area #Heavy damage to hydropower project #Many people missing #Rescue operation #Avalanche following
LIVE India News

लाइव इंडिया न्यूज 2016 से आप तक खबरें पंहुचा रहा है। लाइव इंडिया वेबसाइट का मकसद ब्रेकिंग, नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, बिजनेस और अर्थतंत्र से जुड़े हर अपडेट्स सही समय पर देना है। देश के हिंदी भाषी राज्यों से रोजमर्रा की खबरों से लेकर राजनीति नेशनल व इंटरनेशनल मुद्दों से जुडी खबरें और उनके पीछे छुपे सवालों को बेधड़क सामने लाना, देश-विदेश के राजनैतिक, आर्थिक और सामाजिक मुद्दों का विश्लेषण बेबाकी से करना हमारा मकसद है।

Vihan Limelite Event & Entertainment Pvt Ltd
Regd Office Flat No 1
Mig 3 E 6
Arera Colony Bhopal

Branch Office
Main Road. Tikraparaa
Raipur CG

Director Deepti Chaurasia
Mobile No 7725016291

Email id - liveindianewsandviews@gmail.com

Currently Playing

चार महीने में बदले सियासी तेवर: मोदी सरकार पर शायरी से वार करने वाली सायोनी घोष अब बनेंगी सरकार की आवाज़

Saayoni Ghosh

चार महीने में बदले सियासी तेवर: मोदी सरकार पर शायरी से वार करने वाली सायोनी घोष अब बनेंगी सरकार की आवाज़

मुख्य समाचार
Drone Technology: चीन में हर काम कर रहे हैं ड्रोन! देखकर रह जाएंगे हैरान

Drone Technology: चीन में हर काम कर रहे हैं ड्रोन! देखकर रह जाएंगे हैरान

मुख्य समाचार
क्यों लगातार फेल हो रही टीम इंडिया? मोहम्मद कैफ ने टीम मैनेजमेंट के फैसलों पर उठाए बड़े सवाल

क्यों लगातार फेल हो रही टीम इंडिया? मोहम्मद कैफ ने टीम मैनेजमेंट के फैसलों पर उठाए बड़े सवाल

मुख्य समाचार

RSS Unknown Feed

  • Contact

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

No Result
View All Result
  • Home
  • मुख्य समाचार
  • शहर और राज्य
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • संपादक की पसंद
  • मनोरंजन
  • स्टार्टअप
  • धर्म
  • कृषि

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

Go to mobile version