देशभर में सक्रिय हुआ मानसून, कई राज्यों में भारी बारिश का दौर
5 अगस्त 2026 को देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहने का अनुमान है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार उत्तर भारत, मध्य भारत, पूर्वोत्तर, पश्चिमी तटीय क्षेत्रों और दक्षिण भारत के कई राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ अनेक स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। मौसम विभाग ने कई इलाकों में गरज-चमक, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की है। लगातार हो रही बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ सकता है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखने की अपील की है।
उत्तर और मध्य भारत में बारिश का असर, पहाड़ों में बढ़ा खतरा
उत्तर भारत में उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। राजधानी दिल्ली और एनसीआर में दिनभर बादल छाए रह सकते हैं तथा रुक-रुककर बारिश होने की संभावना है। पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में भी कई स्थानों पर बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है।
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, सड़क अवरोध और नदियों के जलस्तर में वृद्धि की आशंका है। चारधाम यात्रा मार्गों और पर्वतीय इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
मध्य भारत की बात करें तो मध्य प्रदेश के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना है। छत्तीसगढ़ के दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों में भी तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।
पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में मूसलाधार बारिश के संकेत
पूर्वी भारत में बिहार के कई जिलों में भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। किसानों और खुले क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। झारखंड में गरज-चमक के साथ बारिश का दौर बना रहेगा, जबकि ओडिशा के तटीय और आंतरिक क्षेत्रों में भारी वर्षा की संभावना है।
पश्चिम बंगाल और सिक्किम के उप-हिमालयी क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। इन इलाकों में भूस्खलन और सड़क संपर्क प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।
पूर्वोत्तर भारत में असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में कई स्थानों पर अत्यधिक वर्षा हो सकती है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी रुक-रुककर बारिश और गरज-चमक का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। लगातार वर्षा के कारण नदियों के जलस्तर में वृद्धि और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।
पश्चिम और दक्षिण भारत में भी बरसेंगे बादल, तटीय क्षेत्रों पर विशेष नजर
पश्चिम भारत में महाराष्ट्र के कोंकण, मुंबई और मध्य महाराष्ट्र के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है। मुंबई सहित तटीय क्षेत्रों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका के चलते प्रशासन अलर्ट मोड पर है। गोवा में भी तेज बारिश के साथ समुद्र में ऊंची लहरें उठने की संभावना जताई गई है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
दक्षिण गुजरात में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है।
दक्षिण भारत में केरल के कई जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। कर्नाटक के तटीय और मालनाड क्षेत्रों में तेज वर्षा जारी रहने के आसार हैं। तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है, जबकि आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में बिखरी हुई वर्षा और तेज हवाओं का प्रभाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग का कहना है कि दक्षिणी राज्यों में अगले कुछ दिनों तक मानसून सक्रिय बना रहेगा।
मौसम विभाग की सलाह—सतर्क रहें, सुरक्षित रहें
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने भारी बारिश वाले राज्यों के लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रियों से भूस्खलन संभावित इलाकों से दूर रहने तथा प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है। आकाशीय बिजली के दौरान खुले मैदान, ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों और जलाशयों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।
किसानों को खेतों में काम करते समय मौसम की जानकारी लेते रहने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी गई है। शहरी क्षेत्रों में जलभराव वाले मार्गों से बचने तथा वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगस्त के पहले सप्ताह में मानसून की सक्रियता देश के अधिकांश हिस्सों में बनी रह सकती है, इसलिए स्थानीय प्रशासन और IMD द्वारा जारी ताजा मौसम बुलेटिन पर लगातार नजर रखना बेहद जरूरी होगा।