बिहार विधान परिषद चुनाव: आठ सीट पर मतगणना के बीच विवाद..चार राज्यों की 28 सीटों पर आज खुल रहा उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला

Dispute arises during vote counting for eight seats

पटना में मतगणना केंद्र पर हंगामा, फाइल लेकर निकल रहे कर्मचारियों को लोगों ने पकड़ा

बिहार विधान परिषद चुनाव की मतगणना के बीच पटना में मतगणना केंद्र पर हंगामे की खबर सामने आई है। खबर के मुताबिक, फाइल लेकर बाहर निकल रहे कुछ कर्मचारियों को लोगों ने पकड़ लिया। घटना के बाद मतगणना केंद्र की व्यवस्था और दस्तावेजों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, फाइलों में क्या था, कर्मचारी उन्हें कहां ले जा रहे थे और विवाद की वास्तविक वजह क्या थी, इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी जरूरी है।

मंगलवार, 27 अक्टूबर को बिहार, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र की विधान परिषद की कुल 28 सीटों के लिए मतगणना हो रही है। इनमें बिहार की आठ, उत्तर प्रदेश की 11, महाराष्ट्र की पांच और कर्नाटक की चार सीटें शामिल हैं। चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन और विपक्षी दलों के बीच मुकाबले पर नजर है।

बिहार की आठ सीटों पर मुकाबला

बिहार में विधान परिषद की चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मतगणना हो रही है। स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी शामिल हैं। वहीं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण की सीटें हैं।

इन सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान हुआ था। चुनाव से पहले राष्ट्रीय जनता दल ने मतगणना की पारदर्शिता सुनिश्चित करने और मतपत्रों की वैधता जांचने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की थी। ऐसे में मतगणना केंद्र पर हंगामे की खबर ने प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर चर्चा बढ़ा दी है।

चार राज्यों की 28 सीटों पर नतीजे

उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की 11 सीटों पर मतगणना हो रही है। इनमें पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। महाराष्ट्र में पांच और कर्नाटक में चार सीटों के नतीजे भी आज सामने आने हैं।

मतगणना के दौरान सभी की नजर उम्मीदवारों के प्रदर्शन और राजनीतिक दलों के बीच मुकाबले पर है। अंतिम नतीजों से ही स्पष्ट होगा कि किन उम्मीदवारों को विधान परिषद में प्रतिनिधित्व मिलेगा।

फिलहाल पटना की घटना को लेकर सबसे अहम सवाल यही है कि कर्मचारियों के पास मौजूद फाइलें किससे संबंधित थीं और उन्हें मतगणना केंद्र से बाहर ले जाने की अनुमति थी या नहीं। इन सवालों पर निर्वाचन अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

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