विवेक विहार अग्निकांड: एसी ब्लास्ट से भड़की आग, 9 की मौत, कई झुलसे — रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
राजधानी दिल्ली के विवेक विहार इलाके में रविवार तड़के हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। सुबह करीब 3:47 बजे एक रिहायशी इमारत में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। शुरुआती जांच में इस हादसे की वजह एयर कंडीशनर (एसी) में ब्लास्ट बताई जा रही है। इस दर्दनाक घटना में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं और उनका इलाज अस्पताल में जारी है।
सुबह-सुबह मची चीख-पुकार, धुएं से घिरी इमारत
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के समय ज्यादातर लोग गहरी नींद में थे। अचानक जोरदार धमाके के साथ आग की लपटें उठीं और देखते ही देखते पूरी इमारत धुएं से भर गई। लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। कई परिवारों ने खुद को बचाने के लिए छत की ओर भागने की कोशिश की, लेकिन वहां भी रास्ता बंद मिला, जिससे स्थिति और भयावह हो गई।
फायर ब्रिगेड की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही फायर कंट्रोल रूम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 14 फायर टेंडर मौके पर भेजे। दमकल कर्मियों ने धुएं और आग के बीच फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए कड़ी मशक्कत की। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान 12 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। हालांकि, तब तक कई लोग आग और धुएं की चपेट में आ चुके थे।
दमकल विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि आग पर काबू पा लिया गया है, लेकिन अभी भी कूलिंग ऑपरेशन जारी है ताकि दोबारा आग भड़कने की आशंका खत्म की जा सके। साथ ही, पूरी इमारत की सघन तलाशी ली जा रही है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
एसी ब्लास्ट बना हादसे की वजह
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आग की शुरुआत इमारत की दूसरी मंजिल पर स्थित एक फ्लैट से हुई, जहां एसी में ब्लास्ट हुआ। धमाके के बाद आग तेजी से फैलते हुए तीसरी मंजिल तक पहुंच गई। तीसरी मंजिल पर मौजूद लोग जान बचाने के लिए छत की ओर भागे, लेकिन छत का दरवाजा बंद होने के कारण वे बाहर नहीं निकल सके और दम घुटने व आग की लपटों से उनकी मौत हो गई।
दूसरी मंजिल पर भी चार लोगों के फंसे होने की जानकारी सामने आई है, जिनकी मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना सुरक्षा इंतजामों की गंभीर कमी की ओर भी इशारा करती है।
बिस्तर पर मिले शव, पहचान में दिक्कत
पुलिस के मुताबिक, हादसे में मारे गए लोगों की पहचान करना फिलहाल मुश्किल हो रहा है, क्योंकि अधिकांश शव बुरी तरह झुलस चुके हैं। फायरकर्मियों ने बताया कि तीन शव बिस्तर पर ही मिले, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि वे लोग नींद में ही आग की चपेट में आ गए और बाहर निकलने का मौका नहीं मिला।
घायलों का इलाज जारी, स्थिति गंभीर
घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। कई लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी कर रही है और प्रशासन ने अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रखा है।
जांच के आदेश, सुरक्षा पर सवाल
दिल्ली पुलिस और फायर विभाग ने इस हादसे की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि एसी ब्लास्ट किस कारण हुआ और क्या इमारत में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम मौजूद थे या नहीं। प्रारंभिक संकेत बताते हैं कि बिल्डिंग में फायर सेफ्टी मानकों की अनदेखी की गई हो सकती है।
स्थानीय लोगों में आक्रोश और दहशत
इस हादसे के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा हैं। लोगों ने मांग की है कि सभी रिहायशी इमारतों में फायर सेफ्टी की नियमित जांच होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
सबक देने वाली घटना
विवेक विहार का यह अग्निकांड एक गंभीर चेतावनी है कि छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का रूप ले सकती है। एसी जैसे उपकरणों की नियमित जांच और भवनों में सुरक्षा इंतजामों की अनदेखी जानलेवा साबित हो सकती है। प्रशासन और नागरिकों दोनों को इस दिशा में सतर्क रहने की जरूरत है, ताकि ऐसी त्रासदियों की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।