दुनिया को अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते का इंतजार है। इस बीच होर्मुज जलडमरूमध्य के मुहाने पर खडे जहाजों को भी बेसब्री से इंतजार है कि कब शांति समझौता हो और कब उनका इंतजार खत्म हो। दरअसल दुनिया के सबसे अहम एनर्जी कॉरिडोर में से एक, होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) फिर से खुलता है, तो लगभग 8 करोड़ बैरल कच्चा तेल फारस की खाड़ी के मुहाने पर आगे बढ़ने के लिए तैयार खड़ा है।
वोर्टेक्सा (Vortexa) के डेटा और ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, खाड़ी के उत्पादकों से बिना प्रतिबंध वाला कच्चा तेल लेकर लगभग 40 बहुत बड़े क्रूड कैरियर (VLCC) अभी फारस की खाड़ी में मौजूद हैं। इस आंकड़े में ईरान का तेल और छोटे टैंकर शामिल नहीं हैं, जिसका मतलब है कि आगे बढ़ने के लिए इंतजार कर रहे कच्चे तेल की कुल मात्रा इससे कहीं ज़्यादा हो सकती है।
यह जमावड़ा वाशिंगटन और तेहरान के बीच चल रही कूटनीतिक कोशिशों की अहमियत को दिखाता है। बाज़ार इस बात पर बारीकी से नज़र रखे हुए हैं कि क्या होर्मुज़ से शिपिंग बहाल करने के लिए हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच बनी सहमति, महीनों की रुकावट के बाद एनर्जी सप्लाई को फिर से शुरू करने में कामयाब हो पाएगी।
होर्मुज़ जलडमरूमध्य से दुनिया के समुद्री तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा गुज़रता है। टकराव की वजह से आवाजाही रुकने से पहले, खाड़ी के उत्पादकों से रोज़ाना लगभग 1.5 करोड़ बैरल कच्चा तेल एशियाई खरीदारों को भेजा जाता था।
टैंकरों ने रूट आज़माना शुरू किया
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, अभी 21 VLCC (बहुत बड़े क्रूड कैरियर) एशिया की ओर जाने का संकेत दे रहे हैं, जिनमें से पांच चीन जा रहे हैं। पांच और जहाज मलेशिया और सिंगापुर के पास शिप-टू-शिप ट्रांसफर हब की ओर बढ़ रहे हैं। शुक्रवार को कम से कम तीन जहाज सामान्य गति से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की ओर बढ़ते हुए देखे गए।
माना जा रहा है कि तेल टैंकर इस रूट को आज़माने वाले शुरुआती जहाजों में से होंगे, क्योंकि उनके कार्गो की कीमत बहुत ज़्यादा है और रिफाइनरियों तक सप्लाई पहुँचाना ज़रूरी है, जिन्हें रुकावटों का सामना करना पड़ रहा है। फिर भी, अनिश्चितता बनी हुई है।
गुरुवार को ओमान की खाड़ी में सऊदी अरब के तीन सुपरटैंकर फिर से दिखाई दिए, जिससे पता चलता है कि जहाजों की आवाजाही धीरे-धीरे फिर से शुरू हो रही है। हालाँकि, शिपिंग इंडस्ट्री ग्रुप BIMCO ने चेतावनी दी है कि अमेरिका-ईरान समझौते के बावजूद सुरक्षा के बड़े जोखिम बने हुए हैं।
संयुक्त अरब अमीरात से भी इस बात के संकेत मिले हैं कि बाज़ार में भरोसा लौट रहा है। ब्लूमबर्ग की एक अलग रिपोर्ट के अनुसार, अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (ADNOC) ने ग्राहकों से कहा है कि वे फारस की खाड़ी में स्थित दास और ज़िरकू द्वीपों पर मौजूद एक्सपोर्ट टर्मिनल से कच्चा तेल उठाना फिर से शुरू करें।
कंपनी ने लंबे समय से जुड़े खरीदारों को बताया कि लोडिंग के लिए कार्गो उपलब्ध हैं और चेतावनी दी कि डिलीवरी न लेने पर कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों का उल्लंघन माना जा सकता है। ADNOC ने यह भी कहा कि अगर ग्राहक अपने टैंकर का इंतज़ाम नहीं कर पाते हैं, तो वह अपनी सहयोगी कंपनियों के जहाज़ उपलब्ध करा सकती है।
दुनिया भर की नजर अब शांति समझौते पर टिकी
दुनिया भर के तेल व्यापारी, रिफाइनर और शिपिंग कंपनियाँ इन घटनाक्रमों पर बारीकी से नज़र रख रहे हैं। होर्मुज़ जलडमरूमध्य के लगातार खुले रहने से खाड़ी में फँसे करोड़ों बैरल तेल को निकाला जा सकेगा, जिससे सप्लाई की कमी की चिंता कम होगी; इसी कमी के कारण तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया था।





