Saturday, October 3, 2026
  • Contact
India News
  • मुख्य समाचार
  • राजनीति
  • संपादक की पसंद
  • शहर और राज्य
    • उत्तर प्रदेश
      • आगरा
      • कानपुर
      • लखनऊ
      • मेरठ
    • छत्तीसगढ
      • जगदलपुर
      • बिलासपुर
      • भिलाई
      • रायपुर
    • दिल्ली
    • बिहार
      • पटना
    • मध्य प्रदेश
      • इंदौर
      • ग्वालियर
      • जबलपुर
      • भोपाल
    • महाराष्ट्र
      • नागपुर
      • नासिको
      • पुणे
      • मुंबई
    • राजस्थान
      • अजमेर
      • कोटा
      • जयपुर
      • जैसलमेर
      • जोधपुर
  • स्टार्टअप
  • कृषि
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • धर्म
  • ऑटो
  • सरकारी नौकरी
  • वीडियो
No Result
View All Result
India News
Home बिजनेस

Share Crash: युद्ध की आंच से उबलता कच्चा तेल, भारतीय ऑयल शेयरों में भूचाल: अपस्ट्रीम चमके, डाउनस्ट्रीम लड़खड़ाए

DigitalDesk by DigitalDesk
March 2, 2026
in बिजनेस, मुख्य समाचार
0
Share Crash: युद्ध की आंच से उबलता कच्चा तेल, भारतीय ऑयल शेयरों में भूचाल: अपस्ट्रीम चमके, डाउनस्ट्रीम लड़खड़ाए
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterWhatsapp

अंतरराष्ट्रीय तनाव ने क्यों बढ़ाई तेल की तपिश
अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच लगातार गहराते सैन्य तनाव ने वैश्विक बाजारों में जबरदस्त हलचल मचा दी है। इसका सबसे सीधा असर अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है, जो कुछ ही समय में करीब 10 प्रतिशत तक उछल गईं। भू-राजनीतिक अनिश्चितता, सप्लाई रूट्स पर खतरे और युद्ध के लंबे खिंचने की आशंका ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। नतीजतन, एनर्जी मार्केट में कीमतें ऊपर भाग रही हैं और इसका असर भारत के शेयर बाजार में साफ नजर आया।

डाउनस्ट्रीम कंपनियों पर पड़ा सबसे ज्यादा दबाव
कच्चे तेल की कीमतों में आई इस तेज़ी का खामियाजा भारत की डाउनस्ट्रीम तेल कंपनियों को भुगतना पड़ा। शुरुआती कारोबार में Hindustan Petroleum Corporation Limited, Bharat Petroleum Corporation Limited और Indian Oil Corporation Limited के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई।
बीपीसीएल के शेयर करीब 6 प्रतिशत, एचपीसीएल के 5.3 प्रतिशत और आईओसी के शेयरों में लगभग 5 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिली। निवेशकों को आशंका है कि ऊंचे दाम पर कच्चा तेल खरीदने के बावजूद इन कंपनियों को देश में ईंधन के दाम सीमित रखने पड़ते हैं, जिससे उनका मार्जिन दबाव में आ जाता है।

Related posts

8thPay Commission: 8वें वेतन आयोग में 18 महीने के DA एरियर की मांग, पेंशनभोगियों ने भी उठाई कई बड़ी मांगें

8thPay Commission: 8वें वेतन आयोग में 18 महीने के DA एरियर की मांग, पेंशनभोगियों ने भी उठाई कई बड़ी मांगें

October 2, 2026
Invest ment: ₹5,000 महीने का निवेश 20 साल में कहां पहुंच सकता है? ULIP और Mutual Fund में समझें पूरा अंतर

Invest ment: ₹5,000 महीने का निवेश 20 साल में कहां पहुंच सकता है? ULIP और Mutual Fund में समझें पूरा अंतर

October 2, 2026

अपस्ट्रीम शेयरों में क्यों दिखी रफ्तार
इसके उलट, अपस्ट्रीम ऑयल और गैस कंपनियों के शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिली। सोमवार को Oil and Natural Gas Corporation और Oil India Limited के शेयरों में करीब 5 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई।
बीएसई पर ओएनजीसी का शेयर बढ़कर 293 रुपये के स्तर तक पहुंच गया, जबकि ऑयल इंडिया का शेयर शुरुआती कारोबार में 505.50 रुपये तक चढ़ गया। साफ है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें उन कंपनियों के लिए फायदेमंद साबित हो रही हैं, जो सीधे तेल और गैस का उत्पादन करती हैं।

तेल-गैस सेक्टर को कैसे समझें: अपस्ट्रीम, मिडस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम
तेल और गैस सेक्टर को आमतौर पर तीन हिस्सों में बांटा जाता है।
अपस्ट्रीम कंपनियां कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के भंडार खोजने और उन्हें जमीन या समुद्र के नीचे से निकालने का काम करती हैं।
मिडस्ट्रीम कंपनियां तेल और गैस को पाइपलाइन या टैंकरों के जरिए एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने और स्टोर करने की जिम्मेदारी निभाती हैं।
वहीं, डाउनस्ट्रीम कंपनियां कच्चे तेल को रिफाइन कर पेट्रोल, डीजल जैसे उत्पाद बनाती हैं और उपभोक्ताओं तक पहुंचाती हैं।

कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से किसे फायदा, किसे नुकसान
जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 82 डॉलर प्रति बैरल के पार जाता है, तो अपस्ट्रीम कंपनियों को अपने उत्पाद के बदले ज्यादा कीमत मिलती है, जिससे उनकी कमाई बढ़ती है। दूसरी ओर, डाउनस्ट्रीम कंपनियां महंगे दाम पर कच्चा तेल खरीदने को मजबूर होती हैं, लेकिन घरेलू बाजार में कीमतें स्थिर रखने के दबाव के कारण वे अतिरिक्त लागत उपभोक्ताओं पर नहीं डाल पातीं। यही वजह है कि ऊंचे क्रूड प्राइस का असर उनके मुनाफे और शेयरों पर नकारात्मक रूप से दिखता है।

नोट: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। liveindia.news अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।

 

 

 

 

Tags: #CrudeOil #StockMarket #OilStocks #ONGC #BPCL #HPCL #MarketNews
LIVE India News

लाइव इंडिया न्यूज 2016 से आप तक खबरें पंहुचा रहा है। लाइव इंडिया वेबसाइट का मकसद ब्रेकिंग, नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, बिजनेस और अर्थतंत्र से जुड़े हर अपडेट्स सही समय पर देना है। देश के हिंदी भाषी राज्यों से रोजमर्रा की खबरों से लेकर राजनीति नेशनल व इंटरनेशनल मुद्दों से जुडी खबरें और उनके पीछे छुपे सवालों को बेधड़क सामने लाना, देश-विदेश के राजनैतिक, आर्थिक और सामाजिक मुद्दों का विश्लेषण बेबाकी से करना हमारा मकसद है।

Vihan Limelite Event & Entertainment Pvt Ltd
Regd Office Flat No 1
Mig 3 E 6
Arera Colony Bhopal

Branch Office
Main Road. Tikraparaa
Raipur CG

Director Deepti Chaurasia
Mobile No 7725016291

Email id - liveindianewsandviews@gmail.com

Currently Playing

मोदी-योगी की सवा घंटे की मुलाकात, यूपी में चुनावी गणित और संगठन की अगली चाल

Modi Yogi 75 minute meeting

मोदी-योगी की सवा घंटे की मुलाकात, यूपी में चुनावी गणित और संगठन की अगली चाल

उत्तर प्रदेश
अजीत अगरकर के बाद कौन बनेगा टीम इंडिया का नया चीफ सेलेक्टर?

अजीत अगरकर के बाद कौन बनेगा टीम इंडिया का नया चीफ सेलेक्टर?

मनोरंजन
हलफनामे में 3.82 करोड़ की संपत्ति, रोल्स रॉयस की कीमत 13 करोड़, मैथिली ठाकुर पर क्यों उठे सवाल?

हलफनामे में 3.82 करोड़ की संपत्ति, रोल्स रॉयस की कीमत 13 करोड़, मैथिली ठाकुर पर क्यों उठे सवाल?

स्पेशल

RSS feed: Unknown Feed Unknown Feed

  • Contact

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

No Result
View All Result
  • Home
  • मुख्य समाचार
  • शहर और राज्य
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • संपादक की पसंद
  • मनोरंजन
  • स्टार्टअप
  • धर्म
  • कृषि

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

Go to mobile version