केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों से जुड़े संगठन आठवें वेतन आयोग के सामने अपनी अलग-अलग मांगें रख रहे हैं। इनमें कोरोना काल के दौरान रोके गए 18 महीने के महंगाई भत्ते और महंगाई राहत (DA/DR) का बकाया भी शामिल है। जनवरी 2020 से जनवरी 2021 के बीच DA/DR की तीन किस्तें रोक दी गई थीं। कर्मचारी संगठन लंबे समय से इस अवधि का एरियर जारी करने की मांग कर रहे हैं।
18 महीने का DA एरियर
कोरोना महामारी के दौरान केंद्र सरकार ने जनवरी 2020, जुलाई 2020 और जनवरी 2021 की DA/DR की तीन किस्तों को फ्रीज कर दिया था। इसके चलते केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को करीब 18 महीने तक बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता नहीं मिला। कर्मचारी संगठन अब इस अवधि की बकाया राशि का भुगतान करने की मांग कर रहे हैं।
सरकार का रुख
केंद्र सरकार संसद में दिए गए अलग-अलग जवाबों में पहले ही अपना पक्ष रख चुकी है। सरकार के मुताबिक कोरोना महामारी के दौरान वित्तीय स्थिति पर काफी दबाव था। असाधारण आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए तीन किस्तों को रोकने का फैसला लिया गया था। सरकार ने यह भी कहा है कि उस अवधि के DA/DR एरियर का भुगतान करना व्यावहारिक नहीं माना गया।
8वें वेतन आयोग से मांग
आठवें वेतन आयोग के गठन के बाद कर्मचारी संगठन अपनी पुरानी मांगों को फिर सामने रख रहे हैं। इनमें 18 महीने के DA/DR एरियर के साथ पेंशन में संशोधन और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को वेतन आयोग का लाभ देने जैसे मुद्दे शामिल हैं।
रिटायर्ड कर्मचारियों की मांग
उत्तर प्रदेश में सेवानिवृत्त कर्मचारियों और पेंशनभोगियों ने हाल में प्रदर्शन कर 12 सूत्रीय मांगें प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री तक पहुंचाई हैं। संगठन की प्रमुख मांग है कि 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हुए कर्मचारियों को भी आठवें वेतन आयोग में शामिल किया जाए। उनका कहना है कि रिटायरमेंट की तारीख के आधार पर पेंशनभोगियों के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए।
पुरानी पेंशन की मांग
संगठन ने पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने और पुराने पेंशनभोगियों की पेंशन में संशोधन की मांग भी रखी है। इसके अलावा पेंशन से होने वाली आय को टैक्स के दायरे से बाहर रखने की मांग की गई है। इन मांगों पर अंतिम निर्णय सरकार और संबंधित प्रक्रिया के आधार पर होगा।





