मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। 22 जून को भोपाल में UCC ड्राफ्टिंग कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा रही है। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, आयोगों के प्रतिनिधि, राजनीतिक दलों के सदस्य, धार्मिक नेताओं और विधि विशेषज्ञों की भागीदारी रहेगी। इस दौरान UCC के संभावित मसौदे, कानूनी पहलुओं, सामाजिक प्रभावों और विभिन्न समुदायों के सुझावों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। सरकार इसे व्यापक सहमति के आधार पर तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। बैठक को मध्य प्रदेश में UCC लागू करने की प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है।
- UCC पर मंथन के लिए बड़ी बैठक
- भोपाल में जुटेंगे विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधि
- कानून के मसौदे पर होगी विस्तृत चर्चा
- धार्मिक और सामाजिक पक्षों पर फोकस
- विशेषज्ञों से लिए जाएंगे सुझाव
- समान नागरिक संहिता की दिशा में बड़ा कदम
मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। राजधानी भोपाल में आज UCC ड्राफ्टिंग कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा रही है। सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाली समिति नरोन्हा प्रशासनिक अकादमी में शाम 6 बजे तक विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा करेगी।
- UCC ड्राफ्टिंग कमेटी की अहम बैठक
- जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई करेंगी अध्यक्षता
- आयोग, राजनीतिक दल और धर्मगुरु होंगे शामिल
- हर वर्ग के हितों पर होगा विचार
- संभावित प्रभावों का होगा अध्ययन
- समान नागरिक संहिता की दिशा में बड़ा कदम
बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, आयोगों के प्रतिनिधि, राजनीतिक दलों के सदस्य, धार्मिक नेता, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और विधि विशेषज्ञ शामिल होंगे। ड्राफ्टिंग कमेटी का उद्देश्य ऐसा मसौदा तैयार करना है जिसमें समाज के सभी वर्गों के हित सुरक्षित रह सकें।
बैठक के दौरान यूसीसी के कानूनी, सामाजिक और प्रशासनिक पहलुओं पर विस्तार से मंथन किया जाएगा। साथ ही विभिन्न समुदायों और हितधारकों से सुझाव लेकर संभावित प्रभावों का आकलन किया जाएगा। समिति अलग-अलग समूहों के साथ संवाद कर उनके विचार और चिंताओं को समझने का प्रयास करेगी।
मध्य प्रदेश सरकार UCC को व्यापक सहमति और समावेशी दृष्टिकोण के साथ लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। ऐसे में भोपाल में होने वाली यह बैठक समान नागरिक संहिता के मसौदे को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जा रही है।





