राजस्थान में पंचायत राज और शहरी निकाय चुनावों से पहले कांग्रेस ने बड़ा राजनीतिक दांव चलते हुए युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने का फैसला किया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने घोषणा की है कि आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में पार्टी 50 प्रतिशत टिकट युवा उम्मीदवारों को देगी। कांग्रेस का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य गांव, ब्लॉक और शहरों में नए नेतृत्व को अवसर देना और स्थानीय शासन में युवाओं की भागीदारी बढ़ाना है। इस ऐलान को आगामी चुनावों से पहले कांग्रेस की नई रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
युवा नेतृत्व पर कांग्रेस का बड़ा भरोसा
जयपुर स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में राजीव गांधी पंचायती राज संगठन की कार्यशाला को संबोधित करते हुए गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि पार्टी जमीनी स्तर पर युवाओं को नेतृत्व की भूमिका में लाना चाहती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंचायत और शहरी निकाय चुनावों में आधे टिकट युवा उम्मीदवारों को दिए जाएंगे।
कांग्रेस का मानना है कि इससे गांव, पंचायत, ब्लॉक और वार्ड स्तर पर ऊर्जावान और नए चेहरों को राजनीति में आगे आने का अवसर मिलेगा। पार्टी इसे संगठन में नई ऊर्जा और भविष्य के नेतृत्व को तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रही है।
बीजेपी पर चुनाव टालने और पंचायती राज कमजोर करने का आरोप
डोटासरा ने राज्य की भाजपा सरकार पर स्थानीय निकाय चुनावों में देरी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार समय पर चुनाव कराने से बचती रही और राजस्थान हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद ही चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ी।
उनका आरोप है कि चुनाव में देरी के कारण पंचायती राज संस्थाओं और शहरी निकायों को मिलने वाले केंद्रीय और राज्य अनुदान में करीब 300 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद विकास कार्य प्रभावित हुए और कई योजनाओं की गति धीमी पड़ गई।
कांग्रेस का दावा है कि समय पर चुनाव और नए जनप्रतिनिधियों के चयन से स्थानीय विकास कार्यों को फिर गति मिलेगी।
पेपर लीक…सरकार को घेरा
कार्यशाला के दौरान डोटासरा ने NEET सहित विभिन्न भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक के मामलों को लेकर भी केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024, 2025 और 2026 के दौरान लगातार सामने आए पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं पर सरकार प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही। डोटासरा ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में राजस्थान में पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून बनाया गया था और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि केंद्र सरकार ने राजस्थान के कानून की तर्ज पर समय रहते प्रभावी व्यवस्था लागू की होती तो हालात इतने गंभीर नहीं होते।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, चुनावी रणनीति पर नजर
गोविंद सिंह डोटासरा ने राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के इस्तीफे की मांग करते हुए परीक्षा व्यवस्था में कथित लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में सरकार जवाबदेह है और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करना उसकी जिम्मेदारी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि स्थानीय निकाय चुनावों से पहले युवाओं को 50 प्रतिशत टिकट देने का फैसला कांग्रेस की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है। इससे एक ओर पार्टी युवा मतदाताओं को संदेश देना चाहती है, वहीं दूसरी ओर नए नेतृत्व को तैयार कर संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की कोशिश भी कर रही है। अब सभी की नजर इस बात पर होगी कि टिकट वितरण में यह घोषणा किस हद तक लागू होती है और इसका चुनावी नतीजों पर कितना असर पड़ता है।