देश में इन दिनों सोशल मीडिया पर एक अनोखा और व्यंग्यात्मक अभियान तेजी से चर्चा में है। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ यानी CJP नाम से शुरू हुई इस ऑनलाइन मुहिम ने देखते ही देखते लाखों युवाओं को अपनी ओर आकर्षित कर लिया है। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश Justice Surya Kant की एक टिप्पणी के बाद शुरू हुए इस अभियान ने अब डिजिटल आंदोलन का रूप ले लिया है। इंस्टाग्राम पर इसके लाखों फॉलोअर्स हो चुके हैं और हजारों युवा खुद को इससे जोड़ रहे हैं। यह मामला अब सिर्फ सोशल मीडिया ट्रेंड नहीं बल्कि युवाओं की नाराजगी और राजनीतिक व्यंग्य का बड़ा प्रतीक बनता जा रहा है।
CJI की टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर शुरू हुआ ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ अभियान
पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब सोशल मीडिया पर यह दावा वायरल हुआ कि मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने सिस्टम की आलोचना करने वाले युवाओं की तुलना “कॉकरोच” और “परजीवियों” से की। हालांकि बाद में उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि उनकी टिप्पणियों को गलत तरीके से पेश किया गया। लेकिन इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं आने लगीं। इसी दौरान ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम से एक व्यंग्यात्मक डिजिटल अभियान की शुरुआत हुई, जिसने देखते ही देखते इंटरनेट पर जबरदस्त लोकप्रियता हासिल कर ली।
अभिजीत दीपके ने शुरू किया अभियान, युवाओं की नाराजगी को बनाया आंदोलन
इस डिजिटल अभियान के संस्थापक Abhijeet Deepke बताए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें यह आइडिया तब आया जब उन्होंने सोशल मीडिया पर युवाओं को लेकर चल रही बहस देखी। अभिजीत के मुताबिक अगर युवाओं को “कॉकरोच” कहा जा रहा है तो उसी शब्द को विरोध और व्यंग्य के प्रतीक में बदलना जरूरी था। इसके बाद उन्होंने “कॉकरोच जनता पार्टी” नाम से एक पैरोडी प्लेटफॉर्म शुरू किया। पार्टी की सदस्यता के लिए उन्होंने उन्हीं शब्दों को पात्रता बनाया जिन्हें कथित तौर पर युवाओं का मजाक उड़ाने के लिए इस्तेमाल किया गया था।
इंस्टाग्राम पर 40 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स, लाखों युवाओं ने किया समर्थन
यह अभियान बेहद तेजी से वायरल हुआ। इंस्टाग्राम पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के 40 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हो चुके हैं, जबकि लाखों लोग इसकी वेबसाइट पर खुद को रजिस्टर कर चुके हैं। सोशल मीडिया एक्सपर्ट्स इसे डिजिटल युग का बड़ा वायरल पॉलिटिकल सटायर मान रहे हैं। कई युवाओं ने इसे अपनी बेरोजगारी, गुस्से और सिस्टम के खिलाफ निराशा जाहिर करने का मंच बताया है। अभिजीत दीपके का कहना है कि यह सफलता किसी मार्केटिंग या पैसे की वजह से नहीं बल्कि युवाओं के भीतर लंबे समय से मौजूद नाराजगी का परिणाम है।
महुआ मोइत्रा और कीर्ति आजाद समेत कई नेताओं ने भी जताया समर्थन
इस अभियान को कई चर्चित हस्तियों का समर्थन भी मिलने लगा है। Mahua Moitra और पूर्व क्रिकेटर व सांसद Kirti Azad जैसे नामों ने भी इस मुहिम को लेकर प्रतिक्रिया दी है। सोशल मीडिया पर लोग इसे मौजूदा राजनीतिक और सामाजिक माहौल पर एक तीखा व्यंग्य मान रहे हैं। वहीं कुछ लोग इसे युवाओं की हताशा और डिजिटल विरोध की नई शैली के रूप में देख रहे हैं।
घोषणापत्र में न्यायपालिका, राजनीति और महिला आरक्षण जैसे मुद्दे भी शामिल
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का घोषणापत्र भी सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है। इसमें न्यायपालिका की स्वतंत्रता, राजनीति में पारदर्शिता और महिलाओं के प्रतिनिधित्व जैसे मुद्दों को उठाया गया है। अभिजीत दीपके का कहना है कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर सवाल बढ़ रहे हैं और युवाओं को अपनी आवाज उठाने के लिए एक मंच चाहिए था। उन्होंने महिला आरक्षण को लेकर भी कहा कि महिलाओं को सिर्फ 33 प्रतिशत नहीं ब





