‘प्राथमिकता तय करो, तभी मिलेगा फंड’ का संदेश
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विकास परियोजनाओं को नई रफ्तार देने की तैयारी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ संकेत दिया है कि अब विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करने की जिम्मेदारी सीधे सांसदों और विधायकों की होगी। सरकार ने कहा है कि जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकता मिलने के बाद ही कार्ययोजना को अंतिम मंजूरी देकर धनराशि जारी की जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक, सरकार सड़क, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं को तेजी से जमीन पर उतारने की रणनीति पर काम कर रही है। इसी क्रम में आगरा में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्रों की विकास योजनाओं पर तत्काल सुझाव और संशोधन भेजने को कहा।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वीकृति मिलते ही धनराशि जारी कर निर्माण कार्य शुरू कराया जाए और परियोजनाओं की गुणवत्ता तथा समयसीमा की लगातार निगरानी की जाए। बैठक में लोक निर्माण विभाग की योजनाओं, जिला विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था की भी समीक्षा की गई।
आगरा हवाई अड्डे के विस्तार कार्य की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि परियोजना इसी वर्ष अक्टूबर तक पूरी होने का लक्ष्य है। हालांकि रनवे विस्तार के लिए कुछ पेड़ों को हटाने की अनुमति अभी सर्वोच्च न्यायालय से मिलनी बाकी है। इस पर मुख्यमंत्री ने कानूनी प्रक्रिया में तेजी लाने और वरिष्ठ अधिवक्ताओं का पैनल बनाकर प्रभावी पैरवी करने के निर्देश दिए।
राजनीतिक मायने
सरकार का कहना है कि उद्देश्य विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करना है। वहीं राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बड़े पैमाने पर सड़क और आधारभूत ढांचा परियोजनाओं को गति देने की यह पहल आगामी चुनावों से पहले विकास एजेंडे को मजबूत करने की रणनीति के रूप में भी देखी जा सकती है।
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