NEET, बेरोजगारी और परीक्षा घोटाले!
सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन राजधानी दिल्ली में सियासी माहौल गरमा गया है। नीट (NEET) पेपर लीक, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और बढ़ती बेरोजगारी के मुद्दे पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सोमवार को ‘चलो संसद’ मार्च का ऐलान किया है। इस आंदोलन को देखते हुए संसद भवन और नई दिल्ली के पूरे वीवीआईपी इलाके को हाई सिक्योरिटी जोन में तब्दील कर दिया गया है। दिल्ली पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी है, जिसके तहत पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, जुलूस निकालने और प्रदर्शन करने पर प्रतिबंध रहेगा।
मार्च शुरू होने से पहले CJP नेता अभिजीत दिपके ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि “संसद जाने से हमें कोई नहीं रोक सकता।” उन्होंने कहा कि छात्र और युवा अपने भविष्य के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठा रहे हैं और सरकार को उनकी मांगें सुननी चाहिए।
जंतर-मंतर से संसद तक प्रदर्शन की तैयारी
देशभर से छात्र, प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थी और उनके अभिभावक रविवार शाम से ही जंतर-मंतर पहुंचने लगे थे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लगातार पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में देरी और बढ़ती बेरोजगारी ने युवाओं का भविष्य संकट में डाल दिया है। इसी मुद्दे को लेकर संसद तक मार्च निकालने की तैयारी की गई है।
हालांकि दिल्ली पुलिस ने साफ कर दिया है कि संसद मार्च के लिए किसी भी संगठन को अनुमति नहीं दी गई है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनधिकृत प्रदर्शन में शामिल न हों और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।
राजधानी में अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था
संसद मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस, अर्द्धसैनिक बल और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर हैं। जंतर-मंतर, संसद मार्ग, सेंट्रल विस्टा, कनॉट प्लेस, शंकर चौक और आसपास के इलाकों में तीन-स्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत दिल्ली पुलिस की दो परतों के साथ अर्द्धसैनिक बल की एक अतिरिक्त परत तैनात की गई है। रैपिड रिस्पॉन्स टीमें किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए चौबीसों घंटे तैयार रखी गई हैं। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है और आने-जाने वाले लोगों की सघन जांच की जा रही है।
धारा 163 लागू, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा ने सोशल मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक एडवाइजरी जारी करते हुए स्पष्ट किया कि प्रदर्शन या जुलूस निकालने की कोई अनुमति नहीं दी गई है।
उन्होंने बताया कि मानसून सत्र और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए नई दिल्ली जिले में BNSS की धारा 163 लागू की गई है। इसके तहत पांच या अधिक लोगों के एकत्र होने, विरोध प्रदर्शन, धरना और जुलूस पर रोक रहेगी। केवल जंतर-मंतर पर पूर्व अनुमति के साथ शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति होगी।
दिल्ली पुलिस ने चेतावनी दी है कि आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 सहित अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
CJP की प्रमुख मांगें
कॉकरोच जनता पार्टी ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं—
- NEET पेपर लीक और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच।
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग।
- बढ़ती बेरोजगारी, सरकारी भर्तियों में देरी और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर ठोस कार्रवाई।
प्रदर्शनकारी संगठनों का कहना है कि जब तक इन मांगों पर सरकार स्पष्ट जवाब नहीं देती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
AISA के छात्रों ने खत्म किया आमरण अनशन
इस बीच जंतर-मंतर पर पिछले 23 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे AISA के तीन छात्रों ने अपना अनशन समाप्त कर दिया। सामाजिक कार्यकर्ताओं, नेताओं और बुद्धिजीवियों के एक प्रतिनिधिमंडल की अपील पर छात्रों ने यह फैसला लिया। प्रतिनिधिमंडल में अभिनेत्री शबाना आजमी, अभिनेता प्रकाश राज, सांसद मनोज झा, योगेंद्र यादव, वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण और प्रोफेसर अतुल सूद सहित कई प्रमुख लोग शामिल थे।
सोनम वांगचुक मामले में हाईकोर्ट पहुंचीं पत्नी
उधर, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि ने एक बार फिर दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है। उन्होंने वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से उनकी पसंद के निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने की मांग को लेकर सिंगल जज के आदेश को चुनौती दी है। मामले में जल्द सुनवाई की मांग की गई है।
पहले दिन संसद के बाहर भी सियासी परीक्षा
संसद का मानसून सत्र शुरू होते ही जहां सदन के भीतर विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में है, वहीं संसद के बाहर छात्रों और युवाओं का आंदोलन राजनीतिक तापमान बढ़ा रहा है। दिल्ली पुलिस के लिए कानून-व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती है, जबकि प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर संसद तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं। ऐसे में पूरे दिन राजधानी की स्थिति और संसद परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर देशभर की निगाहें टिकी रहेंगी।





