सीआईएफटीआईएस 2026: एकीकृत विकास का नया मानचित्र, वैश्विक सेवाओं का नया क्षितिज

9 से 13 सितंबर 2026 तक राजधानी पेइचिंग में स्थित शौकांग औद्योगिक पार्क
में आयोजित होने वाला चीन अंतरराष्ट्रीय सेवा व्यापार मेला (CIFTIS) वैश्विक
अर्थव्यवस्था के निर्णायक मोड़ पर आ रहा है। 15वीं पंचवर्षीय योजना अवधि का
पहला राष्ट्रीय स्तरीय सेवा व्यापार मेला होने के नाते यह केवल तकनीकी
प्रदर्शनी नहीं बल्कि खुलेपन की एक रणनीतिक घोषणा है।
आँकड़ों और तकनीकों से आगे यह मेला वैश्विक अर्थव्यवस्था की जटिल जरूरतों
का जवाब है और संरक्षणवाद के खिलाफ मजबूती से खड़ा है।

आपसी जुड़ाव की रूपरेखा, न कि कोई आम प्रदर्शनी
CIFTIS की स्थायी थीम "वैश्विक सेवाएँ, साझा समृद्धि" कोई राजनयिक नारा
नहीं, बल्कि इस सच्चाई की पहचान है कि व्यापार का भविष्य अब मूर्त वस्तुओं में
नहीं, अमूर्त सेवाओं में है। जब वस्तु व्यापार भू-राजनीतिक तनाव और टूटती
आपूर्ति श्रृंखलाओं से जकड़ा है, तब डिजिटल वित्त, क्लाउड कंप्यूटिंग, हरित
परामर्श और सीमा-पार स्वास्थ्य सेवाएँ ही समावेशी विकास का असली इंजन बन
रही हैं। इस थीम के साथ पेइचिंग स्पष्ट संकेत दे रहा है — अब मात्रा नहीं, मूल्य
मायने रखता है; प्रतिस्पर्धा नहीं, सह-सृजन प्राथमिक है।

यह दृष्टि सम्मानित अतिथियों के चयन में साफ दिखती है। नॉर्वे (Norway) इस
वर्ष CIFTIS में सम्मानित अतिथि देश के रूप में और क्वांगसी च्वांग स्वायत्त प्रदेश
सम्मानित अतिथि प्रांत के रूप में भाग ले रहे हैं। एक उच्च आय वाला नवाचार
केंद्र और दूसरा चीन का विकासशील संसाधन समृद्ध क्षेत्र, दोनों मिलकर एक
गहरा संदेश देते हैं कि साझा समृद्धि एकरूपता नहीं बल्कि पूरकता माँगती है।
यह कोई निष्क्रिय प्रदर्शनी नहीं है बल्कि 21वीं सदी की सेवा प्रधान अर्थव्यवस्था
के लिए जुड़ाव के नियमों को नए सिरे से लिखने का सक्रिय प्रयास है।
नवाचार वाहन है, खुलापन इंजन इस बार CIFTIS को अलग बनाती है सिद्धांत को मंडप में बदलने की क्षमता।

खुलेपन, सहयोग और नवाचार का त्रिस्तरीय ढांचा अब नारा नहीं रहा। "चाइना
सर्विसेज" और "गो ग्लोबल सर्विसेज" जोन की पहली शुरुआत एक दोतरफा मार्ग
बनाती है। एक तरफ वैश्विक श्रेष्ठ प्रथाएँ चीन आएँगी, दूसरी तरफ चीनी
कंपनियों, खासकर MSME को कानूनी, वित्तीय और तकनीकी सहयोग देकर
वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार किया जाएगा।

एआई आधारित फिनटेक और स्मार्ट हेल्थकेयर में 100 से अधिक वैश्विक और
राष्ट्रीय स्तर की पहली लॉन्चिंग के साथ नवाचार इस मेले के केंद्र में है। "डिजिटल
इंटेलिजेंस" और "हरित विकास" जैसे उप-विषय इस महत्वाकांक्षा को जमीनी
चुनौतियों से जोड़ते हैं, जहाँ समृद्धि का पैमाना सिर्फ व्यापार नहीं बल्कि स्थिरता
और लचीलापन भी है। डी-कपलिंग की चर्चा के बीच CIFTIS का संदेश साफ है,
खुलापन आज भी कारगर है।

विदेश जाने से वैश्विक बनने तक
इस साल का सबसे निर्णायक बदलाव विदेश विस्तार को मिला स्पष्ट समर्थन है।
नया "विदेश गमन विशेष क्षेत्र ", समर्पित एसएमई क्षेत्र और "ग्लोबल सेवा
संवर्धन रोडशो क्षेत्र" चीन की अंतरराष्ट्रीयकरण रणनीति के परिपक्व होने का
संकेत है।

यह बदलाव समय की माँग है। 2026 की पहली छमाही में ही चीन का प्रत्यक्ष
विदेशी निवेश लगभग 600 अरब युआन तक पहुँच गया। विदेश में सफल होने के
लिए चीनी उद्यमों को अब केवल विनिर्माण क्षमता से अधिक की दरकार है। 40
से अधिक रोडशो में वित्त, कानून और लेखा से जुड़ी संस्थाएँ एक मंच पर आएँगी।
मकसद है बाजार में प्रवेश की लागत घटाने वाले वन स्टॉप समाधान उपलब्ध
कराना। सोच साफ है, रोकना नहीं बल्कि सक्षम बनाना।
प्रदर्शनी से क्रियान्वयन तक
इस व्यावहारिकता की साफ तस्वीर इंजीनियरिंग परामर्श और निर्माण सेवा खंड
में दिखती है, जिसका सह-आयोजन पेइचिंग आवास और योजना आयोग कर रहा है।

इस खंड की थीम है "पूर्ण शृंखला सशक्तीकरण, भविष्य का स्मार्ट निर्माण "।
इसमें परामर्श-डिजाइन से लेकर निर्माण और स्मार्ट संचालन तक पूरा जीवन चक्र
है, चार क्षेत्रों में बंटा – डिजाइन परामर्श, बुद्धिमान हरित निर्माण, संचालन-
रखरखाव और अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियाँ।

एकतरफा दबाव का रणनीतिक जवाब
जब CIFTIS के दरवाजे करीब 90 देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के लिए खुल रहे
हैं, तब अमेरिकी व्यापार नीति से इसका अंतर साफ दिखता है।
पेइचिंग सेवा व्यापार के राष्ट्रीय प्रदर्शन क्षेत्रों को गति दे रहा है और सीमा पार
सेवाओं की नकारात्मक सूची को छोटा कर रहा है, वहीं वाशिंगटन साझेदारों को
दंडात्मक टैरिफ और व्यापार जाँच की धमकियों में उलझा रहा है। यह टकराव का
ऐसा चक्र है, जहाँ अमेरिकी टैरिफ और चीन के जवाबी कदम दोनों तरफ के
कारोबार और उपभोक्ताओं को चोट पहुँचाते हैं।

सेवा-प्रधान युग में साझा समृद्धि की रूपरेखा
CIFTIS 2026 केवल वैश्विक विशेषज्ञता को आमंत्रित करने का मंच नहीं बल्कि
चीनी नवाचार को वैश्विक पटल पर ले जाने का सशक्त माध्यम भी है। यह
आयोजन ऐसे भविष्य की परिकल्पना पेश करता है जो दबाव पर नहीं सहयोग
पर, टैरिफ पर नहीं संवाद पर और एकतरफा लाभ पर नहीं साझा विकास पर टिका
है।

दुनिया में खपत का रुझान वस्तुओं से सेवाओं की ओर तेजी से बदल रहा है। इसी
क्रम में केवल 2026 की पहली छमाही में चीन का कुल सेवा व्यापार रिकॉर्ड 3.9
लाख करोड़ युआन तक पहुँच गया, जो सेवा उपभोग में तेज विस्तार का स्पष्ट
संकेत है।

इस बदलाव की अगुआई के लिए CIFTIS पूरी तरह तैयार है। यह साबित करता है
कि परस्पर जुड़ी दुनिया में साझा समृद्धि का सबसे भरोसेमंद रास्ता खुलापन
और सहयोग ही है।

(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग) (लेखक— रविशंकर बसु)

 

 

 

 

 

 

 

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