हाल ही में जॉर्डन के पूर्व प्रधानमंत्री उमर अल-रज़ाज़ ने चाइना मीडिया ग्रुप (सीएमजी) को दिए एक
विशेष साक्षात्कार में चीन की अपनी कई यात्राओं के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि चीन
सांस्कृतिक विरासत और तकनीकी नवाचार को बखूबी जोड़ रहा है और उसका समग्र विकास
प्रशंसनीय है।
रज़ाज़ ने पेइचिंग, छंगतु, छोंगछिंग और शीआन समेत चीन के कई शहरों का दौरा किया है। इस
दौरान वह आधुनिकता और सांस्कृतिक गहराई के सहज मेल से काफी प्रभावित हुए। उन्होंने कहा,
"यहां आधुनिकता और परंपरा के बीच चुनाव करने की जरूरत नहीं है। दोनों के बीच कोई विरोधाभास
नहीं है। चीन का समग्र विकास वाकई प्रशंसनीय है।"
स्थानीय शासन के क्षेत्र में भी रज़ाज़ ने चीन के अनुभवों की सराहना की। उन्होंने साल 2024 में
पेइचिंग की 12345 नागरिक सेवा हॉटलाइन के संचालन का जायजा लिया था और एक चीनी
विद्वान के साथ मिलकर एक शोध पत्र भी प्रकाशित किया, जिसमें इसे "कुशल और संतुलित शासन
का आदर्श" बताया गया। उन्होंने कहा कि यह हॉटलाइन केवल नागरिकों की शिकायतों का समाधान
नहीं करती, बल्कि डेटा विश्लेषण के जरिए सरकारी फैसलों में भी मदद करती है और नागरिक
संतुष्टि के आधार पर अधिकारियों की जवाबदेही तय करने में योगदान देती है। उन्होंने कहा, "यह
शासन प्रणाली मुझे गहराई से प्रभावित करती है। चीन को अपने इस अनुभव को दुनिया के साथ
साझा करना चाहिए।"
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के शासन पर बात करते हुए रज़ाज़ ने राष्ट्रपति शी चिनफिंग द्वारा
प्रस्तावित "वैश्विक कृत्रिम बुद्धिमत्ता शासन पहल" की भी सराहना की। उन्होंने राष्ट्रपति शी के इस
विचार का उल्लेख किया कि "कृत्रिम बुद्धिमत्ता का विकास किसी एक देश का एकल प्रदर्शन नहीं,
बल्कि वैश्विक सहयोग की सिम्फनी होनी चाहिए।" रज़ाज़ ने कहा कि चीन वैश्विक कृत्रिम
बुद्धिमत्ता शासन के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
साक्षात्कार के दौरान रज़ाज़ ने राष्ट्रपति शी चिनफिंग द्वारा प्रस्तावित चार प्रमुख वैश्विक पहलों की
भी सराहना की। उन्होंने कहा कि ये पहल दूरदर्शी हैं और दुनिया में शांतिपूर्ण सहअस्तित्व की दिशा
दिखाती हैं। उन्होंने कहा, "विश्व को ऐसे नेतृत्व की आवश्यकता है।"
जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय की अगस्त में हुई चीन की राजकीय यात्रा को भी रज़ाज़ ने बेहद
महत्वपूर्ण बताया। अगले वर्ष चीन और जॉर्डन के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 50वीं
वर्षगांठ होगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों देश हरित ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन, शिक्षा और प्रतिभा
विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करेंगे। उन्होंने खास तौर पर बताया कि जॉर्डन में
स्नातक से स्नातकोत्तर स्तर तक चीनी भाषा की पूरी शिक्षा व्यवस्था मौजूद है, जिससे दोनों देशों के
बीच सांस्कृतिक संबंध और मजबूत हो रहे हैं।
इसके अलावा, रज़ाज़ ने चीनी पर्यटकों को भी जॉर्डन आने का न्योता दिया। उन्होंने कहा कि चीनी
पर्यटक उनके देश में पेट्रा के प्राचीन शहर, मृत सागर जैसे अनोखे पर्यटन स्थलों के साथ-साथ वहां के
मैत्रीपूर्ण और सुरक्षित सामाजिक माहौल का अनुभव कर सकते हैं।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)





