दक्षिण चीन सागर स्थित हुआंगयान द्वीप राष्ट्रीय प्राकृतिक अभ्यारण्य को लेकर चीन ने संरक्षण और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने का फैसला किया है। चीनी प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय, राष्ट्रीय वानिकी एवं घासभूमि प्रशासन, चीन तटरक्षक बल और हाईनान प्रांत की सरकार ने संयुक्त रूप से नए प्रबंधन उपाय जारी किए हैं। इन नियमों के तहत अभ्यारण्य क्षेत्र में नियमित गश्त, संसाधनों की निगरानी और अवैध गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। चीन का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों और समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
राष्ट्रीय प्राकृतिक अभ्यारण्य में नियमित गश्ती व्यवस्था लागू करने का लिया गया फैसला
नई नीति के अनुसार, हुआंगयान द्वीप राष्ट्रीय प्राकृतिक अभ्यारण्य में प्रतिदिन गश्त की जाएगी। संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि यदि किसी प्रकार की अवैध गतिविधि सामने आती है तो उसकी तुरंत जांच कर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। चीन का दावा है कि इससे संरक्षित क्षेत्र की निगरानी और संरक्षण व्यवस्था पहले से अधिक प्रभावी होगी।
प्राकृतिक संसाधनों की निगरानी और पर्यावरण संरक्षण पर रहेगा विशेष फोकस
चीनी अधिकारियों के अनुसार, प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय का दक्षिण चीन सागर ब्यूरो इस अभ्यारण्य के संचालन और संरक्षण की जिम्मेदारी संभालेगा। इसके तहत संसाधनों का सर्वेक्षण, पर्यावरणीय निगरानी, समुद्री जैव विविधता की सुरक्षा और पारिस्थितिक तंत्र की बहाली जैसे कार्य प्राथमिकता में रहेंगे। सरकार का कहना है कि इन प्रयासों से क्षेत्र की प्राकृतिक संपदा को दीर्घकाल तक सुरक्षित रखा जा सकेगा।
अभ्यारण्य क्षेत्र में सख्त संरक्षण नियम लागू रहेंगे
जारी किए गए प्रबंधन उपायों में स्पष्ट किया गया है कि हुआंगयान द्वीप राष्ट्रीय प्राकृतिक अभ्यारण्य को सख्त संरक्षित क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए निगरानी तंत्र को और मजबूत किया जाएगा तथा संरक्षण संबंधी नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। चीन का कहना है कि यह व्यवस्था समुद्री पारिस्थितिकी संरक्षण के दीर्घकालिक लक्ष्य का हिस्सा है।





