उत्तरी चीन के शान्शी प्रांत के ताथोंग शहर में शनिवार को चीन और फ्रांस के बीच 28वीं रणनीतिक
वार्ता आयोजित हुई। इसमें चीन के विदेश मंत्री वांग यी और फ्रांस के राष्ट्रपति के विदेश मामलों
के सलाहकार इमैनुएल बोन ने हिस्सा लिया।
इस मौके पर वांग यी ने कहा कि चीन-फ्रांस रणनीतिक वार्ता ने दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों के बीच
कूटनीतिक संवाद को आगे बढ़ाने और आपसी राजनीतिक विश्वास मजबूत करने में अहम
भूमिका निभाई है। चीन फ्रांस के साथ मिलकर दोनों देशों के नेताओं के बीच बनी सहमतियों को
लागू करना चाहता है। इससे चीन-फ्रांस और चीन-यूरोपीय संघ के संबंधों को स्थिर और
दीर्घकालिक बनाने के साथ-साथ विश्व शांति, स्थिरता और विकास में भी योगदान दिया जा
सकेगा।
वांग यी ने आगे कहा कि चीन फ्रांस के साथ उच्चस्तरीय आदान-प्रदान जारी रखना चाहता है।
दोनों देश विमानन, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा जैसे पारंपरिक क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत
कर सकते हैं। साथ ही, उन्नत विनिर्माण, हरित एवं कम कार्बन वाले विकास और कृत्रिम
बुद्धिमत्ता (एआई) जैसे नए क्षेत्रों में भी सहयोग का विस्तार किया जा सकता है। उन्होंने उम्मीद
जताई कि फ्रांस चीनी कंपनियों के निवेश के लिए नीतिगत समर्थन और अनुकूल कारोबारी माहौल
उपलब्ध कराएगा।
उन्होंने कहा कि चीन और फ्रांस को संवाद और समन्वय बढ़ाने के साथ चीनी राष्ट्रपति शी
चिनफिंग की ओर से प्रस्तावित चार वैश्विक पहलों को लागू करने में भी सहयोग करना चाहिए।
इससे अधिक न्यायसंगत और उचित वैश्विक शासन व्यवस्था के निर्माण में मदद मिलेगी। वांग
यी ने फ्रांस से एक-चीन सिद्धांत के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखने और इसे चीन-फ्रांस
संबंधों का राजनीतिक आधार मानने का भी आग्रह किया।
चीन और यूरोपीय संघ के संबंधों का जिक्र करते हुए वांग यी ने कहा कि दोनों पक्ष बातचीत के
जरिए व्यापारिक मतभेदों का उचित समाधान निकाल सकते हैं और अपने संबंधों को फिर से
स्थिर तथा स्वस्थ विकास की राह पर ला सकते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि फ्रांस चीन और
यूरोपीय संघ के बीच पारस्परिक लाभ वाले सहयोग को आगे बढ़ाने में रचनात्मक भूमिका निभाता
रहेगा।
वहीं, इमैनुएल बोन ने कहा कि फ्रांस चीन के साथ आपसी सम्मान और विश्वास पर आधारित
मजबूत एवं सक्रिय व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाना चाहता है। उन्होंने दोहराया कि
फ्रांस एक-चीन सिद्धांत का पालन करता है। फ्रांस दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय और सांस्कृतिक
आदान-प्रदान बढ़ाने के साथ विभिन्न क्षेत्रों में पारस्परिक लाभ वाले सहयोग को और गहरा करना
चाहता है।
उन्होंने यह भी कहा कि फ्रांस चीनी कंपनियों के लिए स्थिर और पूर्वानुमेय कारोबारी माहौल
उपलब्ध कराता रहेगा। इसके अलावा, बोन ने चीन की वैश्विक पहलों की सराहना की और
बहुपक्षीय मुद्दों पर आपसी समन्वय मजबूत करने की इच्छा जताई।
बोन ने यह भी स्पष्ट किया कि यूरोपीय संघ चीन के साथ व्यापार युद्ध नहीं चाहता और न ही
चीन से आर्थिक संबंध तोड़ने का पक्षधर है। उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ चीन का एक
विश्वसनीय और भरोसेमंद साझेदार बनना चाहता है।
(साभार – चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)





