चीन और मिस्र ने सर्वांगीण रणनीतिक साझेदारी और गहराने पर संयुक्त बयान जारी किया
चीन और मिस्र ने 2 सिंतबर को काहिरा में सर्वांगीण साझेदारी और गहराने पर संयुक्त बयान जारी किया।
इस संयुक्त बयान में कहा गया कि मिस्र के राष्ट्रपति अब्दुल फतह
अल सीसी के निमंत्रण पर चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने दोनों देशों
के राजनयिक सम्बंध की स्थापना की 70 वर्षगांठ के अवसर पर 1
से 2 सितंबर तक मिस्र की राजकीय यात्रा की। 70 वर्षों में दोनों देशों
का मैत्रीपूर्ण सम्बंध का स्पष्ट विकास हुआ है और हमेशा स्वस्थ व
स्थिर बना रहता है, जो चीन-अरब और अफ्रीकी देश मित्रता व
सहयोग भावना के विकास की मिसाल है।
बयान में कहा गया कि दोनों राष्ट्राध्यक्ष सर्वसम्मति से निम्न पक्षों
में सर्वांगीण रणनीतिक साझेदारी गहराने पर सहमत हुए हैः पहला,
उच्च, स्तरीय आवाजाही बनाए रखकर रणनीतिक समन्वय और
मजबूत बनाया जाए। दूसरा, विभिन्न द्विपक्षीय क्षेत्रों का पारस्परिक
लाभ व सहयोग मजबूत किया जाए। तीसरा, वैश्विक शासन पर
समन्वय मजबूत कर विकासशील देशों और वैश्विक हितों की सुरक्षा
की जाए।
इस बयान में कहा गया कि दोनों पक्ष कुछ वर्षों से चीन-मिस्र सम्बंध
के विकास के आधार पर चीन-मिस्र साझे भविष्य वाले समुदाय के
निर्माण में संलग्न रहेंगे। चीन मिस्र द्वारा संतुलित रणनीति सिद्धांत
अपनाने की प्रशंसा करता है और चीन के विचार में यह सिद्धांत
अंतरराष्ट्रीय बहुपक्षवाद का समर्थन करता है।
अंतरराष्ट्रीय व क्षेत्रीय मुद्दों के बारे में इस बयान में बल दिया गया
कि दोनों देश यूएन चार्टर के नियमों, सिद्धांतों तथा अंतरराष्ट्रीय
कानूनों का पालन करते हैं और दोहरे मापदंड तथा एकतरफा कार्रवाई
का विरोध करते हैं। दोनों देशों ने बल दिया कि अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था
और अंतरराष्ट्रीय वित्त पोषण संस्था का सुधार करना चाहिए ताकि वे
अधिक न्यायपूर्ण हों, विकासशील देशों का अधिक प्रतिनिधित्व करें
और अधिक प्रभावी रूप से वैश्विक चुनौतियों का निपटारा करें।
(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप , पेइचिंग)