संयुक्त राष्ट्र स्थित चीन के स्थायी मिशन के अस्थाई कार्यदूत सुन लेई ने 11
सितंबर को दक्षिण-दक्षिण सहयोग के लिए संयुक्त राष्ट्र दिवस पर एक उच्च
स्तरीय चर्चा में भाषण देते हुए दक्षिण-दक्षिण सहयोग को गहरा करने का
आह्वान किया।
सुन लेई ने कहा कि चीन "ग्रुप ऑफ 77 और चीन" की ओर से उरुग्वे द्वारा दिए
गए बयान का समर्थन करता है और वैश्विक दक्षिण के विकास को बढ़ावा देने के
लिए संयुक्त राष्ट्र के दक्षिण-दक्षिण सहयोग कार्यालय द्वारा किए गए प्रयासों की
सराहना करता है। दक्षिण-दक्षिण देशों के सामने आर्थिक और सामाजिक विकास
हासिल करने का साझा लक्ष्य है। उन्हें स्वतंत्रता, आत्मनिर्भरता, समानता और
पारस्परिक लाभ के सिद्धांतों का पालन करना चाहिए, क्षमता निर्माण और ज्ञान
साझाकरण में दक्षिण-दक्षिण सहयोग की ताकत का लाभ उठाना चाहिए और
विकास के लिए तालमेल बनाना चाहिए। चीन हमेशा से वैश्विक दक्षिण का
सदस्य रहा है और दक्षिण-दक्षिण सहयोग तंत्रों और मंचों के निरंतर संवर्धन का
स्वागत करता है। चीन को उम्मीद है कि सम्बंधित सहयोग विकासशील देशों के
नेतृत्व में और मांग-उन्मुख होकर व्यावहारिक परिणाम प्राप्त करता रहे।
सुन लेई ने इस बात पर जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को विकास को
संयुक्त राष्ट्र के एजेंडे के केंद्र में वापस लाना चाहिए, ताकि वैश्विक दक्षिण के देश
अंतरराष्ट्रीय सहयोग में निष्पक्ष रूप से भाग ले सकें और विकास के फलों को
साझा कर सकें। (साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)





