चीन और अफ्रीकी देशों के बीच व्यापार-निवेश सहयोग पर बैठक, औद्योगीकरण को बढ़ावा देने के लिए जिनेवा में बनी रणनीति

विश्व व्यापार संगठन के 10वें व्यापार सहायता वैश्विक समीक्षा सम्मेलन के दौरान चीन,
ज़ाम्बिया और रवांडा ने 29 अक्तूबर को स्विट्ज़रलैंड के जिनेवा में एक संयुक्त बैठक
आयोजित की। बैठक का विषय था चीन-अफ्रीका व्यापार एवं निवेश एकीकरण सहयोग से
अफ्रीका के औद्योगीकरण को बढ़ावा

चीनी वाणिज्य मंत्रालय के उप मंत्री च्यांग छंगहुआ ने अपने मुख्य भाषण में कहा कि वैश्विक
व्यापार में विकास की खाई लंबे समय से बनी हुई है। उनके मुताबिक़, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार
और विनिर्माण मूल्य वर्धन में अफ्रीकी देशों की हिस्सेदारी अब भी बहुत कम है। ऐसे में
व्यापार एवं निवेश एकीकरण के ज़रिये वहां औद्योगीकरण और आर्थिक विकास को बढ़ावा
देना बेहद ज़रूरी हो गया है।

उन्होंने उल्लेख किया कि इस साल विश्व व्यापार संगठन में चीन के शामिल होने के 25 वर्ष
पूरे हो रहे हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि चीन अपने विकास के अनुभव सभी पक्षों के साथ
साझा करना चाहता है। साथ ही वह संगठन में सुधार के अवसर का लाभ उठाकर इसके
विकास एजेंडे पर सहयोग को आगे बढ़ाना और विकास की खाई को कम करना चाहता है।
इसके बाद चीनी वाणिज्य मंत्रालय के अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक सहयोग ब्यूरो के उप प्रमुख छन
हाओ ने व्यापार सहायता के क्षेत्र में अफ्रीका के औद्योगीकरण को आगे बढ़ाने के चीन के
प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चीन ने अफ्रीका में सड़कों, पुलों, हवाई अड्डों
और बंदरगाहों जैसी बुनियादी ढांचा परियोजनाएं बनाकर अंतर्संपर्कता को बढ़ावा दिया है।
इसके अलावा चीन ने हरित परिवर्तन में भी सहयोग किया है और स्वच्छ ऊर्जा, संचार तथा
अंतरिक्ष जैसे उभरते क्षेत्रों में साझेदारी का दायरा बढ़ाया है।

उन्होंने यह भी बताया कि अब तक चीन 23 अफ्रीकी देशों में 38 व्यावसायिक तकनीकी
स्कूल परियोजनाएं लागू कर चुका है, जिससे मानव संसाधन सहयोग मज़बूत हुआ है।
कारखानों और औद्योगिक पार्कों के निर्माण, कृषि उद्योग श्रृंखला में सुधार तथा व्यापार एवं
निवेश एकीकरण को बढ़ावा देकर चीन ने अफ्रीका के औद्योगीकरण की ठोस नींव भी तैयार
की है।

बैठक में ज़ाम्बिया और रवांडा के उच्च स्तरीय अधिकारियों तथा चीनी वित्त पोषित उद्यमों
के प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव भी साझा किए। ज़ाम्बिया में चीनी वित्त पोषित उद्यमों ने
50 करोड़ अमेरिकी डॉलर से ज़्यादा का निवेश कर तीन लाख टन वार्षिक उत्पादन क्षमता
वाली यूरिया परियोजना बनाई है। यह परियोजना स्थानीय कोयले को उर्वरक में बदलती है
और ज़ाम्बिया को उर्वरक आयातक से निर्यातक देश बनाने में मदद कर रही है। वहीं रवांडा में
चीनी वित्त पोषित उद्यमों ने कारखाने लगाकर लगभग दस हज़ार लोगों को रोज़गार दिया है।
इसके चलते रवांडा में निर्मित कपड़े यूरोप और अमेरिका में लोकप्रिय हो रहे हैं और
औद्योगीकरण का लाभ स्थानीय लोगों तक पहुंच रहा है।
गौरतलब है कि विश्व व्यापार संगठन का व्यापार सहायतावैश्विक समीक्षा सम्मेलन
2007 में शुरू हुआ था और यह हर दो साल में आयोजित होता है। इसका उद्देश्य व्यापार
सहायता पहल के क्रियान्वयन का मूल्यांकन और निगरानी करना है। 10वां सम्मेलन 29 से
30 अक्तूबर तक जिनेवा में चल रहा है।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

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