क्या किसी देश की आर्थिक ताकत सिर्फ इस बात से तय होती है कि वह दुनिया को कितना सामान
बेचता है? या फिर यह भी उतना ही जरूरी है कि वह दुनिया के दूसरे देशों से क्या खरीदता है और अपने
बाजार के दरवाजे कितने खोलता है? दरअसल, चीन का 9वां चाइना इंटरनेशनल इंपोर्ट एक्सपो (CIIE)
इन सवालों का जवाब देता नजर आता है। चीन के शांगहाई में आयोजित यह एक्सपो अंतरराष्ट्रीय
व्यापार और आर्थिक सहयोग का एक बड़ा मंच बनकर उभरा है।
5 से 10 नवंबर तक चलने वाला 9वां चाइना इंटरनेशनल इंपोर्ट एक्सपो शांगहाई के नेशनल
एग्जिबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर में आयोजित हो रहा है। इस साल इसकी थीम है,नया युग, साझा
भविष्य'। साल 2018 में शुरू हुआ CIIE दुनिया का पहला राष्ट्रीय स्तर का ऐसा एक्सपो है, जो खास
तौर पर आयात यानी दूसरे देशों से सामान और सेवाएं खरीदने पर केंद्रित है। इसका मकसद साफ है,
दुनिया के अलग-अलग देशों और कंपनियों को चीन के विशाल बाजार तक पहुंचने का अवसर देना।
अब अगर इस साल के एक्सपो में भागीदारी की बात करें, तो इसके बड़े होते दायरे का अंदाजा आंकड़ों से
ही लगाया जा सकता है। इस बार एक्सपो का कुल एरिया 4 लाख 40 हजार वर्ग मीटर से ज्यादा है, जो
अब तक का सबसे बड़ा आयोजन है। इसमें 162 देश, क्षेत्र और अंतरराष्ट्रीय संगठन हिस्सा ले रहे हैं।
वहीं, विदेशों की 4,142 कंपनियां अपने उत्पादों और सेवाओं के साथ पहुंची हैं। खास बात यह है कि
इनमें 300 से ज्यादा कंपनियां फॉर्च्यून ग्लोबल 500 की सूची में शामिल हैं या अपने-अपने उद्योगों की
प्रमुख कंपनियां हैं।
दो हजार से ज्यादा कंपनियां पहली बार इस एक्सपो में हिस्सा ले रही हैं, जबकि करीब 200 कंपनियां
ऐसी हैं, जो इसके पिछले सभी आठ संस्करणों में लगातार शामिल होती रही हैं। कंट्री पैविलियन
एग्जिबिशन की बात करें, तो इसमें 69 देश और संगठन शामिल हैं। इस बार कनाडा और श्रीलंका को
गेस्ट कंट्री ऑफ ऑनर बनाया गया है। वहीं, मोल्दोवा, रोमानिया, सेशेल्स, गैबॉन, सोमालिया और
संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) पहली बार इस एक्सपो में हिस्सा ले रहे हैं।
इसके अलावा, चीन कम विकसित देशों की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए उन्हें विशेष सुविधाएं और
मुफ्त में प्रदर्शनी स्थल भी उपलब्ध करा रहा है। इसका उद्देश्य इन देशों को अपने उत्पादों और सेवाओं
को अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेश करने का बेहतर मौका देना है।
अगर प्रदर्शनी में पेश किए जा रहे उत्पादों और तकनीकों पर नजर डालें, तो यहां कई क्षेत्रों में नई खोज
और इनोवेशन देखने को मिल रहे हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), ग्रीन एनर्जी, हेल्थकेयर,
आधुनिक तकनीक और रोजमर्रा के इस्तेमाल की चीजें, इन सभी क्षेत्रों की कंपनियां अपने नए उत्पाद
और सेवाएं पेश कर रही हैं। कई मल्टीनेशनल कंपनियां अपने नए प्रोडक्ट पहली बार इसी मंच से
ग्लोबल मार्केट में लॉन्च कर रही हैं। यही वजह है कि CIIE अब सिर्फ एक ट्रेड एक्सपो नहीं रह गया है,
बल्कि दुनिया भर के नए उत्पादों और तकनीकों को बाजार तक पहुंचाने का एक बड़ा लॉन्चपैड बन चुका
है।
अब सवाल यह है कि इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय एक्सपो से दुनिया के दूसरे देशों और इसमें हिस्सा लेने
वाली कंपनियों को आखिर क्या फायदा होता है? इसे समझना मुश्किल नहीं है। आज ग्लोबल सप्लाई
चेन कई तरह की चुनौतियों से गुजर रही है। ऐसे समय में CIIE दुनिया की छोटी और मध्यम कंपनियों
के साथ-साथ बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियों को चीन के विशाल घरेलू बाजार तक पहुंचने का सीधा अवसर
देता है। यहां विकसित और विकासशील, दोनों तरह के देशों को अपने उत्पाद चीनी उपभोक्ताओं के
सामने पेश करने का मौका मिलता है।
यहां एक और अहम सवाल उठता है। आखिर वैश्विक आर्थिक उतार-चढ़ाव के बीच चीन दुनिया की
प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी खास भूमिका कैसे बनाए हुए है? इसकी एक बड़ी वजह चीन का विशाल
घरेलू बाजार है। करीब 140 करोड़ की आबादी और तेजी से बढ़ते मीडिल क्लास के कारण चीन दुनिया
भर की कंपनियों के लिए एक बड़ा बाजार बना हुआ है। यहां उपभोक्ताओं की ज़रूरतें लगातार बदल रही
हैं और बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पादों और सेवाओं की मांग भी बढ़ रही है। ऐसे में विदेशी कंपनियों के लिए
चीन में कारोबार की नई संभावनाएं पैदा होती हैं।
जब चीन आयात को बढ़ावा देने और विदेशी उत्पादों के लिए अपने बाजार में अवसर उपलब्ध कराने की
कोशिश करता है, तो इसका फायदा केवल चीन को ही नहीं, बल्कि दूसरे देशों की कंपनियों और उद्योगों
को भी मिलता है। उन्हें नए ग्राहक, नए ऑर्डर और कारोबार बढ़ाने के नए रास्ते मिलते हैं।
इसी प्रक्रिया में CIIE जैसे आयोजन चीन की आर्थिक भूमिका को एक नया आयाम दे रहे हैं। चीन लंबे
समय तक दुनिया की फैक्ट्री; के रूप में पहचाना जाता रहा है, लेकिन अब वह दुनिया के बड़े खरीदारों में
भी अपनी जगह मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। यही वजह है कि CIIE जैसे मंच वैश्विक व्यापार
और आर्थिक सहयोग के लिहाज से लगातार महत्वपूर्ण होते जा रहे हैं।
(अखिल पाराशर, चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)




