उत्तर प्रदेश में ग्रामीण कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने “मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना 2026” की शुरुआत की है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत उन हजारों गांवों को बस सेवा से जोड़ा जाएगा, जहां अब तक सार्वजनिक परिवहन की सुविधा नहीं पहुंच पाई थी।
उत्तरप्रदेश में मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना
गांव-गांव बस सेवा, बदलेगी कनेक्टिविटी की तस्वीर
ग्राम परिवहन योजना से 1.5 करोड़ लोगों को सीधा लाभ
योजना के तहत प्रदेश के करीब 12,200 गांवों में बस सेवा शुरू की जाएगी और 59,163 ग्राम सभाओं को कनेक्ट करने का लक्ष्य रखा गया है। खास बात यह है कि दुर्गम और छोटे गांवों के लिए 28 सीटों वाली छोटी बसों का संचालन भी किया जाएगा, ताकि कोई भी गांव कनेक्टिविटी से वंचित न रहे।
सरकार का स्पष्ट लक्ष्य सिर्फ सड़क बनाना नहीं, बल्कि उस पर नियमित और भरोसेमंद परिवहन सुनिश्चित करना है। इसी के तहत हर ग्राम पंचायत में दिन में कम से कम दो बार बस सेवा उपलब्ध कराई जाएगी। बसों का संचालन सुबह से लेकर रात तक तय समय सीमा में होगा, जिससे ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य और बाजार तक पहुंच आसान हो सके।
इस योजना का सबसे बड़ा लाभ छात्रों को मिलेगा। अनुमान है कि करीब 1.5 करोड़ छात्र-छात्राएं इससे सीधे लाभान्वित होंगे, जिन्हें अब पढ़ाई के लिए लंबी दूरी तय करने में परेशानी नहीं होगी। इसके अलावा ग्रामीणों के लिए रोजगार, चिकित्सा और व्यापार के अवसर भी बढ़ेंगे।
योजना में रोजगार सृजन पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। बसों के चालक और सहायक स्टाफ की भर्ती स्थानीय स्तर पर की जाएगी, जिससे गांव के युवाओं को रोजगार मिलेगा। साथ ही निजी ऑपरेटरों को भी जोड़ा जा रहा है, जिन्हें परमिट और करों में छूट देकर प्रोत्साहित किया जाएगा।
कुल मिलाकर “मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना” उत्तर प्रदेश में ग्रामीण विकास की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकती है, जो न केवल परिवहन व्यवस्था को मजबूत करेगी बल्कि गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में भी अहम भूमिका निभाएगी।





