छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र: जानें पानी पर क्यों चढ़ विपक्ष का पारा…सत्ता पक्ष के विधायकों ने भी मंत्रीजी को घेरा

छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र: जानें पानी पर क्यों चढ़ विपक्ष का पारा…सत्ता पक्ष के विधायकों ने भी मंत्रीजी को घेरा

छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सदन में जल जीवन मिशन का मुद्दा जमकर गूंजा। सत्ता पक्ष और विपक्ष विधायक दोनों ही मिलकर मंत्री को घेरते नजर आए। आखिर प्रदेश में केंद्र सरकार की महती योजनाओं को लेकर अधिकारी की ओर से कैसे पलीता लगाया जा रहा है। इस पर बहस गरमा गई। जिससे सदन में हाहाकार मच गया।

पानी पर मंत्री पानी-पानी…!
अपनो के चुभते सवालों में उलझे साव…!
छग का बजट सत्र…सत्र में हंगामा
सदन में गूंजा जल जीवन मिशन का मुद्दा
कौशिक बोले- ठेकेदारों पर FIR हो
‘विभाग की स्थिति क्या होगी ?’

छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र के दौरान ‘जल जीवन मिशन’ का मुद्दा सदन में गरमाया। प्रश्न काल में जल जीवन मिशन का मुद्दा उठा। जिसे लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों ने मिलकर नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव को घेरा। विभागीय मंत्री के जवाब से असंतुष्ट होकर विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया। इस मुद्दे को लेकर विपक्ष के विधायक ही नहीं बल्कि सत्ता पक्ष के विधायक भी सदन में अपनी ही सरकार के मंत्री को घेरते नजर आए। वहीं शहर के अलग-अलग वार्डो का उदाहरण लेकर बीजेपी विधायक राजेश मूणत ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारियों की मनमानी का परिचायक है। वहीं इसी सवालों पर बीजेपी के ही विधायक मोतीलाल साहू ने राजधानी रायपुर के 45 वार्डों में हुए कार्यों की जानकारी मांग ली। वार्डों के घरों में नल के जरिए पानी नहीं पहुंचने पर सदन में मंत्री से जवाब तक मांग लिया।

छग का बजट सत्र…सत्र में हंगामा
सदन में गूंजा जल जीवन मिशन का मुद्दा
कौशिक बोले- ठेकेदारों पर FIR हो
पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा-
‘प्रदेश में जल जीवन मिशन की स्थिति खराब’
‘बिना तैयारी के आ रहे मंत्री’
‘सत्ता पक्ष के विधायक भी असंतुष्ट’
‘विभाग की स्थिति क्या होगी ?’
योजना पूरी नहीं हुई,तो होगी कार्रवाई- साव

विपक्ष भी इस मुद्दे को सदन में भुनाते नजर आए। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पूरे प्रदेश में जल जीवन मिशन की स्थिति को लेकर कहा कि प्रदेश में जलप्रदाय की स्थिति दयनीय है। मंत्री सदन में बगैर तैयारी के आ रहे हैं। सत्ता पक्ष के विधायक भी असंतुष्ट हैं। मंत्री के पास संतोषजनक जवाब नहीं हैं। नल जल विभाग में कोई काम नहीं हो रहा है। एक ही विभाग से विधायकों को तीन-तीन बार सवाल पूछने पड़ रहे हैं। विधानसभा में सत्ता पक्ष बीजेपी के विधायक भी असंतुष्ट हैं, तो समझ जाइए कि विभाग की स्थिति क्या होगी।

बहरहाल प्रदेश में सरकार जिसकी भी हो लेकिन मूलभूत समस्याओं में से एक है जल प्रदाय योजना और ऐसे मामले में लापरवाही किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए। ऐसे लापरवाह अधिकारियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाना चाहिए। जिससे इस तरह की मूलभूत और प्रमुख योजनाओं में लापरवाही ना हो। हालांकि अब देखना यह होगा कि सरकार ऐसे मामलों को लेकर कोई ठोस कार्रवाई करेगी या अधिकारियों की ढर्राशाही जारी रहेगा।

 

 

 

Exit mobile version