बिहार में भाजपा बनी चौधरी…सम्राट ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ…अब इन राज्यों में BJP के मुख्यमंत्री
NDA ने बिहार में चुना नया नेतृत्व
बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव सामने आया है। जहां एक दिन पहले सम्राट चौधरी को एनडीए विधायक दल का नेता चुना गया वहीं दूसरे दिन उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके नेतृत्व में पहली बार बिहार में भारतीय जनता पार्टी की सरकार और मुख्यमंत्री बना है। जो राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है।
देश में बीजेपी शासित राज्यों और मुख्यमंत्री की बात करें तो 16 राज्यों में उसके मुख्यमंत्री हो चुके हैं।
देश के 16 राज्यों में BJP का विस्तार
सम्राट चौधरी के नाम जुड़ने के साथ ही अब देश के 16 राज्यों में भाजपा के मुख्यमंत्री हो गए हैं। उत्तर भारत से लेकर पश्चिम और पूर्वी भारत तक पार्टी का प्रभाव लगातार बढ़ता नजर आ रहा है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, गुजरात और ओडिशा जैसे राज्यों में पहले से ही भाजपा की सरकार है।
भाजपा के मुख्यमंत्रियों की लिस्ट
बिहार— सम्राट चौधरी 15 अप्रैल 2026
मणिपुर— युमनम खेमचंद सिंह 4 फरवरी 2026
दिल्ली— रेखा गुप्ता 20 फरवरी 2025
महाराष्ट्र— देवेंद्र फडणवीस 5 दिसंबर 2024
हरियाणा— नायब सिंह सैनी 17 अक्टूबर 2024
अरुणाचल प्रदेश— पेमा खांडू 13 जून 2024
ओडिशा—मोहन चरण माझी 12 जून 2024
राजस्थान— भजनलाल शर्मा 15 दिसंबर 2023
मध्य प्रदेश— डॉ.मोहन यादव 13 दिसंबर 2023
छत्तीसगढ़— विष्णु देव साय 13 दिसंबर 2023
त्रिपुरा— डॉ.माणिक साहा 8 मार्च 2023
गुजरात:भूपेंद्र पटेल 12 दिसंबर 2022
उत्तर प्रदेश—योगी आदित्यनाथ 25 मार्च 2022
गोवा—प्रमोद सावंत गोवा 28 मार्च 2022
उत्तराखंड — पुष्कर सिंह धामी 23 मार्च 2022
असम हिमंत बिस्वा सरमा 10 मई 2021
मुख्यमंत्रियों की पूरी सूची
भाजपा शासित राज्यों में कई नए और अनुभवी चेहरों का मिश्रण देखने को मिलता है। प्रमुख मुख्यमंत्रियों में योगी आदित्यनाथ (उत्तर प्रदेश), देवेंद्र फडणवीस (महाराष्ट्र), भूपेंद्र पटेल (गुजरात), मोहन यादव (मध्य प्रदेश) और हिमंत बिस्वा सरमा (असम) शामिल हैं। इसके अलावा हरियाणा में नायब सिंह सैनी, राजस्थान में भजनलाल शर्मा और छत्तीसगढ़ में विष्णु देव साय जैसे नेता पार्टी की कमान संभाले हुए हैं।
‘मोदी युग’ में बढ़ा राजनीतिक दायरा
नरेंद्र मोदी के 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद भाजपा का राजनीतिक विस्तार तेज हुआ है। हरियाणा, असम, मणिपुर और ओडिशा जैसे राज्यों में पहली बार भाजपा सरकार बनी। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में भी 2017 में पार्टी ने पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता हासिल की। अब बिहार में सम्राट चौधरी के नेतृत्व के साथ यह दायरा और मजबूत हो गया है।
पूर्वोत्तर और दक्षिण में सहयोगियों की भूमिका
पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भाजपा अपने सहयोगियों के साथ सरकार चला रही है। मेघालय, नागालैंड और सिक्किम में एनडीए के सहयोगी दलों के मुख्यमंत्री हैं। वहीं आंध्र प्रदेश में चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में सरकार भाजपा की अहम सहयोगी मानी जाती है।
कहां मजबूत है विपक्ष
देश के कुछ राज्यों में अभी भी विपक्षी दलों की सरकार कायम है। दक्षिण भारत के कई राज्यों जैसे कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल में विपक्ष का दबदबा है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश, पंजाब और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में भी भाजपा सत्ता से बाहर है। कांग्रेस और अन्य क्षेत्रीय दल इन राज्यों में मजबूत स्थिति में बने हुए हैं।
राजनीतिक संतुलन में बदलाव के संकेत
बिहार में भाजपा का मुख्यमंत्री बनना न केवल राज्य बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। इससे आने वाले चुनावों में राजनीतिक समीकरण बदलने के संकेत मिल रहे हैं। पार्टी का लक्ष्य अब और अधिक राज्यों में अपनी पकड़ मजबूत करना है। सम्राट चौधरी का मुख्यमंत्री बनना भाजपा के बढ़ते राजनीतिक प्रभाव का प्रतीक है। 16 राज्यों में सरकार के साथ पार्टी देश की राजनीति में मजबूत स्थिति में दिखाई दे रही है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह विस्तार और कितना आगे बढ़ता है और विपक्ष किस तरह इसका मुकाबला करता है।