चंडीगढ़/नई दिल्ली। पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान एक बार फिर खुलकर सामने आती दिख रही है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के महत्वपूर्ण संबोधन के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी सदन से अनुपस्थित रहे। इसके बजाय उन्होंने पंजाब के फरीदकोट में आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ धरने का नेतृत्व किया। इस घटनाक्रम ने पंजाब कांग्रेस में चल रहे गुटीय संघर्ष को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
जानकारी के अनुसार, राहुल गांधी के लोकसभा भाषण के दौरान पंजाब से कांग्रेस के सात सांसदों में केवल चरणजीत सिंह चन्नी ही गैरहाजिर रहे। बताया जा रहा है कि कांग्रेस संसदीय दल के पंजाब प्रभारी और अमृतसर सांसद गुरजीत सिंह औजला ने सभी सांसदों को व्हाट्सएप संदेश भेजकर राहुल गांधी के संबोधन के समय सदन में मौजूद रहने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद चन्नी दिल्ली की बजाय पंजाब में दिखाई दिए।
फरीदकोट में संभाला मोर्चा
चरणजीत सिंह चन्नी ने फरीदकोट स्थित बाबा फरीद यूनिवर्सिटी के बाहर कांग्रेस के धरने का नेतृत्व किया। यह प्रदर्शन फार्मेसी अधिकारी भर्ती परीक्षा में कथित नकल और अनियमितताओं के विरोध में आयोजित किया गया था। धरने में चन्नी समर्थक कई वरिष्ठ नेताओं और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने यह संकेत दिया कि पंजाब कांग्रेस में उनका अलग राजनीतिक प्रभाव अब भी बरकरार है। धरने में पूर्व विधायक कुशलदीप सिंह ढिल्लों समेत कई ऐसे नेता शामिल हुए जिन्हें चन्नी का करीबी माना जाता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह केवल सरकार विरोधी प्रदर्शन नहीं था, बल्कि चन्नी की ताकत का सार्वजनिक प्रदर्शन भी माना जा रहा है।
राजा वड़िंग से टकराव जारी
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और चरणजीत सिंह चन्नी के बीच लंबे समय से मतभेद की खबरें सामने आती रही हैं। दिलचस्प बात यह रही कि बुधवार को जहां राजा वड़िंग ने संसद परिसर के बाहर पंजाब के कांग्रेस सांसदों के साथ प्रदर्शन किया और राज्य के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के इस्तीफे की मांग उठाई, वहीं चन्नी ने उसी मुद्दे पर पंजाब में अलग धरना आयोजित किया। एक ही मुद्दे पर कांग्रेस के दो अलग-अलग विरोध प्रदर्शनों ने पार्टी के भीतर एकजुटता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सुलह की कोशिशें भी नहीं आईं काम
सूत्रों के अनुसार, विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस नेतृत्व पंजाब इकाई में एकजुटता स्थापित करने की कोशिश कर रहा है। इसी सिलसिले में हाल ही में दिल्ली में चुनाव रणनीतिकार की मौजूदगी में चन्नी और राजा वड़िंग के बीच एक गोपनीय बैठक भी कराई गई थी। हालांकि बुधवार की घटनाओं ने संकेत दिया कि दोनों नेताओं के बीच मतभेद अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुए हैं।
पहले भी दिख चुकी है नाराजगी
1 जुलाई को कांग्रेस नेतृत्व ने राजा वड़िंग को पंजाब प्रदेश अध्यक्ष बनाए रखने का फैसला किया था। वहीं चरणजीत सिंह चन्नी को चुनाव अभियान समिति की जिम्मेदारी और सुखजिंदर सिंह रंधावा को कोर कमेटी का प्रमुख बनाया गया। इसके बावजूद चन्नी और रंधावा समर्थक कई नेताओं ने वड़िंग के नेतृत्व पर सवाल उठाए थे।
स्थिति संभालने के लिए कांग्रेस के पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल ने कई दिनों तक प्रदेश में बैठकों का दौर चलाया। इसके बाद संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने चन्नी और अन्य नाराज नेताओं को दिल्ली बुलाकर अनुशासन बनाए रखने की सलाह दी थी। उस समय चन्नी ने सार्वजनिक रूप से पार्टी नेतृत्व के फैसले का समर्थन करने की बात कही थी।
फोटो तक सीमित रही एकजुटता?
इसके बाद कांग्रेस मुख्यालय में हुई बैठक में चन्नी और राजा वड़िंग एक साथ बैठे और पार्टी ने दावा किया कि सभी मतभेद खत्म हो चुके हैं। लेकिन राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि दोनों नेताओं के बीच संवाद अब भी सामान्य नहीं है और सार्वजनिक एकजुटता केवल औपचारिकता बनकर रह गई है। संसद परिसर में पंजाब के कांग्रेस सांसदों द्वारा किए गए प्रदर्शन में भी चरणजीत सिंह चन्नी और सुखजिंदर सिंह रंधावा शामिल नहीं हुए थे। अब बुधवार की गैरमौजूदगी ने एक बार फिर पार्टी के भीतर जारी खींचतान को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
अब सबकी नजर भूपेश बघेल के दौरे पर
कांग्रेस नेतृत्व पंजाब में संगठनात्मक स्थिति को मजबूत करने के लिए एक बार फिर सक्रिय हो गया है। गुरुवार से भूपेश बघेल का नया पंजाब दौरा शुरू होने जा रहा है, जिसमें वे स्थानीय नेताओं से मुलाकात कर संगठनात्मक विवादों को सुलझाने की कोशिश करेंगे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि पंजाब कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के बीच मतभेद जल्द खत्म नहीं हुए तो आगामी चुनावों में पार्टी की रणनीति और संगठनात्मक मजबूती पर इसका सीधा असर पड़ सकता है। फिलहाल चरणजीत सिंह चन्नी का राहुल गांधी के भाषण से दूरी बनाकर पंजाब में अलग मोर्चा संभालना कांग्रेस के भीतर जारी शक्ति संतुलन की नई तस्वीर पेश कर रहा है।