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रोटी बदलिए, सेहत सुधारिए: क्या सिर्फ गेहूं खाना सही है?..मिलावटी मल्टीग्रेन से रहें सावधान

DigitalDesk by DigitalDesk
July 7, 2026
in स्पेशल
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नई दिल्ली। बदलती जीवनशैली और तेजी से बढ़ रहे मधुमेह (डायबिटीज) के मामलों के बीच खानपान को लेकर जागरूकता भी बढ़ रही है। लंबे समय तक केवल गेहूं और चावल पर निर्भर रहने के बजाय अब लोग जौ, बाजरा, मक्का और चने जैसे मोटे अनाज को अपने भोजन में शामिल कर रहे हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि इन अनाजों का सही अनुपात और व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखना भी उतना ही जरूरी है।

मल्टीग्रेन आटे के दावों को परखें

बाजार में मिलने वाले पैकेटबंद मल्टीग्रेन आटे को लेकर भी सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। कई उत्पादों में विभिन्न अनाजों का अनुपात स्पष्ट नहीं होता और कई बार ऐसे तत्व भी मिलाए जाते हैं जिनकी हर व्यक्ति को आवश्यकता नहीं होती। इसलिए लेबल पढ़कर ही खरीदारी करना बेहतर माना जाता है।

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मिश्रण सीमित रखें

आहार विशेषज्ञों के अनुसार, यदि गेहूं के आटे में दूसरे अनाज मिलाने हों तो उनकी मात्रा सामान्यतः कुल आटे का लगभग 20–25 प्रतिशत तक रखना संतुलित माना जाता है। सोयाबीन जैसे अधिक प्रोटीन वाले आटे हर व्यक्ति के लिए उपयुक्त हों, यह जरूरी नहीं है। किसी विशेष स्वास्थ्य समस्या या पाचन संबंधी परेशानी होने पर डॉक्टर या पोषण विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर रहता है।

क्षेत्र के अनुसार बदलती है रोटी की परंपरा

देश के अलग-अलग हिस्सों में स्थानीय फसलों के अनुसार रोटियों का चलन रहा है। उत्तर प्रदेश और बिहार में जौ व चने का आटा लंबे समय से उपयोग में है, जबकि पंजाब में मक्के की रोटी और राजस्थान में बाजरे की रोटी पारंपरिक भोजन का हिस्सा हैं। स्थानीय जलवायु और खानपान की परंपराएं भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

बाजरे की रोटी क्यों है खास?

सर्दियों में बाजरे की रोटी को पौष्टिक विकल्प माना जाता है। इसमें फाइबर, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, मैंगनीज और अन्य खनिज पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं। इसकी रोटी गुनगुने पानी से गूंथने पर बेहतर बनती है और इसे दाल, हरी सब्जियों तथा सीमित मात्रा में देशी घी के साथ खाया जा सकता है।

सभी लोगों के लिए एक ही प्रकार का आहार उपयुक्त नहीं होता। मधुमेह, किडनी रोग या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों को अपने भोजन में बदलाव करने से पहले योग्य चिकित्सक या पोषण विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लेनी चाहिए। संतुलित और विविध आहार ही बेहतर स्वास्थ्य की कुंजी है।

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Tags: #Change Your Roti #Improve Your Health #Eating Only Wheat Right? #Adulterated Multigrain #Wheat Alternatives#Multigrain
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