दिल्ली में विधानसभा चुनाव के परिणाम के बाद अब आम आदमी पार्टी की सरकार और पूर्व सीण्म अरविंद केजरीवाल के कार्यकाल में सरकार की ओर से किए गए निर्माण कामों पर बीजेपी की नजर पड़ चुकी है। इस निर्माण में वो आधा दर्जन फ्लैगस्टाफ वाला बंगला जिसे बीजेपी शीशमहल कहती है भी शामिल है। जिसका रिनोवेशन केजरीवाल की सरकार के दौरान कराया गया था। अब आरोप लग रहे हैं कि इसके लिए करोड़ों रुपए फूंक दिए गए।
- सत्ता गई केजरीवाल पर नई मुसीबत आई!
- केजरीवाल के खिलाफ अब सीवीसी की जांच
- शीशमहल वाले आरोप पर सीवीसी ने कसा शिकंजा
- सीएम रहते केजरीवाल ने कराया था बंगले का रिनोवेशन
- केजरीवाल ने रिनोवेशन के नाम पर खर्च किए थे 33.66 करोड़
- रिनोवेशन पर लागत का शुरुआती अनुमान 7.91करोड़ था
- अंत तक 7.91 करोड़ की बजाय 33.66 करोड़ रुपए किए खर्च
- 8 एकड़ में तैयार हुआ केजरीवाल का आवास
- रिनोवेशन में नियमों का किया जमकर उल्लंघन
- दिल्ली भाजपा नेता विजेंद्र गुप्ता का तंज
- ‘ यह किसी गुनाह से कम नहीं ‘
- सीवीसी की ओर से जांच के आदेश जारी
- भाजपा विधायक विजेंद्र गुप्ता ने की थी शिकायत
- शिकायत के बाद सक्रिय हुआ सीवीसी
‘शीश महल’ वाले आरोप, CVC का शिकंजा
आम आदमी पार्टी संयोजक दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल परिणाम के बाद नई-नई मुसीबत में फंसते नजर आ रहे हैं। ताजा मामला केजरीवाल के कार्यकाल में बनाए गए फ्लैग आफ बंगला ‘शीश महल’ को लेकर उठ रहा है। जहां रोहिणी सीट से भाजपा के नवनिर्वाचित विधायक विजेंद्र गुप्ता की शिकायत पर सीवीसी केंद्रीय सतर्कता आयोग की ओर से जांच के आदेश जारी दिए गए हैं।
केंद्रीय सतर्कता आयोग CVC के आदेश के बाद अब आम आदमी पार्टी ने बीजेपी पर पलटवार करते हुए हमलावर नजर आ रही है तो दूसरी ओर से चुनाव में मिली जीत से गदगद भाजपा नेता कहते फिर रहे हैं कि जिसने दिल्ली को लूटा है। उसे लौटाना पड़ेगा। जनता के सामने हिसाब देने आना पड़ेगा।
आखिर क्या है केंद्रीय सतर्कता आयोग CVC का आदेश?
केंद्रीय सतर्कता आयोग सीवीसी की ओर सेआदेश दिए हैं कि केंद्रीय लोक निर्माण विभाग की ओर से तत्कालीन सीएम अरविंद केजरीवाल के 6 फ्लैगस्टाफ बंगले का रिनोवेशन किया गया था। इस दौरान आलीशान सुविधाओं पर करोड़ों रुपये खर्च किये गये, जिसकी विस्तृत जांच की जाए। जब से केंद्रीय सतर्कता आयोग सीवीसी ने आदेश दिया है। तब से दिल्ली की सियासत में एक बार फिर से यह मुद्दा गरमा गया है। इसे को लेकर बीजेपी और कांग्रेस लगातार आम आदमी पार्टी पर हमलावर नजर आती रही है। दिल्ली के विधानसभा चुनाव में भी दोनों ही पार्टियां भाजपा और कांग्रेस ने इस मुद्दे को उठाया भी था।
(प्रकाश कुमार पांडेय)