Central Board of Secondary Education ने कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 का परिणाम घोषित कर दिया है। इस बार देशभर से करीब 18.50 लाख विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी, जिनमें मध्यप्रदेश के 80 हजार 454 छात्र-छात्राएं शामिल रहे। राजधानी भोपाल से भी 9 हजार 399 विद्यार्थियों ने परीक्षा में हिस्सा लिया। बोर्ड के अनुसार इस वर्ष कुल 85.20 प्रतिशत छात्र सफल हुए हैं, हालांकि यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में लगभग 3 प्रतिशत कम रहा।
डिजिटल मूल्यांकन सिस्टम से जल्दी आया रिजल्ट, पारदर्शिता पर भी रहा फोकस
इस साल CBSE ने कॉपियों की जांच के लिए डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया का इस्तेमाल किया। बोर्ड का कहना है कि ऑनलाइन मॉनिटरिंग और स्क्रीन बेस्ड चेकिंग के कारण परिणाम पहले से ज्यादा पारदर्शी और तेज तरीके से जारी किया जा सका। कक्षा 12वीं की परीक्षाएं 17 फरवरी से 10 अप्रैल 2026 के बीच आयोजित हुई थीं।
लड़कियों का प्रदर्शन फिर शानदार, ट्रांसजेंडर विद्यार्थियों का रिजल्ट 100 प्रतिशत
इस बार भी लड़कियों ने परीक्षा परिणाम में लड़कों को पीछे छोड़ दिया। लड़कियों का पास प्रतिशत 88.86 रहा, जबकि लड़कों का रिजल्ट 82.23 प्रतिशत दर्ज किया गया। यानी लड़कियों का प्रदर्शन करीब 6.73 प्रतिशत बेहतर रहा। वहीं ट्रांसजेंडर वर्ग के विद्यार्थियों का रिजल्ट 100 प्रतिशत रहा, जिसने सभी का ध्यान खींचा।
वेबसाइट से लेकर DigiLocker तक, कई प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया गया रिजल्ट
बोर्ड ने इस बार छात्रों की सुविधा के लिए कई डिजिटल विकल्प उपलब्ध कराए हैं। छात्र CBSE Official Website
, DigiLocker
और UMANG ऐप के जरिए अपनी मार्कशीट डाउनलोड कर सकते हैं। इसके अलावा SMS और IVRS कॉल सुविधा भी शुरू की गई है। दिल्ली के छात्र 24300699 नंबर पर कॉल कर रिजल्ट जान सकते हैं, जबकि अन्य राज्यों के लिए 011-24300699 नंबर जारी किया गया है।
15 जुलाई को होगी सप्लीमेंट्री परीक्षा, कंपार्टमेंट छात्रों को मिला एक और मौका
CBSE ने सप्लीमेंट्री परीक्षा की तारीख भी घोषित कर दी है। 12वीं की सप्लीमेंट्री परीक्षा 15 जुलाई 2026 को आयोजित की जाएगी। इसमें वे छात्र शामिल हो सकेंगे जो किसी विषय में अंक सुधारना चाहते हैं या कंपार्टमेंट श्रेणी में आए हैं। बोर्ड ने साफ किया है कि 2025 के कंपार्टमेंट छात्रों के लिए यह अंतिम अवसर होगा।
री-इवैल्यूएशन और आंसर शीट की कॉपी के लिए भी शुरू होगी प्रक्रिया
रिजल्ट जारी होने के बाद बोर्ड ने वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है। जिन छात्रों को अपने अंकों पर संदेह है, वे दोबारा जांच के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके अलावा उत्तर पुस्तिका की फोटोकॉपी भी प्राप्त की जा सकेगी, ताकि छात्र खुद अपने जवाबों की समीक्षा कर सकें।





