“ब्रिक्स युवा संवाद” में फिल्मों पर खुलकर हुई बातचीत, अलग-अलग भाषाओं के युवाओं ने साझा किए अनुभव

भारत में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान युवाओं के बीच संवाद और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को लेकर कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी क्रम में “ब्रिक्स युवा संवाद” के तहत चीन, ईरान, भारत और थाईलैंड के युवा एक मंच पर जुटे। अलग-अलग देशों और भाषाओं से आने के बावजूद इन युवाओं के बीच बातचीत में किसी तरह की झिझक नजर नहीं आई। फिल्मों, टीवी धारावाहिकों और लघु वीडियो जैसे मनोरंजन के माध्यमों ने उन्हें एक-दूसरे के करीब लाने का काम किया। BRICS के आधिकारिक दस्तावेज में भी युवा आदान-प्रदान और सांस्कृतिक सहयोग को महत्वपूर्ण क्षेत्र माना गया है।

इस संवाद में युवाओं ने अपने-अपने देशों में देखे जाने वाले टीवी कार्यक्रमों, फिल्मों और शॉर्ट वीडियो के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि दूसरे देशों की फिल्मों और ड्रामों में उन्हें क्या पसंद आता है और किन कहानियों से वे खुद को जोड़ पाते हैं। बातचीत का केंद्र सिर्फ मनोरंजन नहीं रहा, बल्कि फिल्मों के जरिए अलग-अलग समाजों, संस्कृतियों और लोगों की सोच को समझने की कोशिश भी हुई।

सबसे दिलचस्प बात यह रही कि अलग-अलग भाषाओं के बावजूद युवा बेहद सहज तरीके से अपने विचार एक-दूसरे तक पहुंचाते नजर आए। फिल्मों और दृश्य माध्यमों ने भाषा की दूरी को काफी हद तक कम कर दिया। किसी फिल्म की कहानी, किसी किरदार या किसी दृश्य को लेकर बातचीत करते हुए युवाओं ने अपने देश की संस्कृति और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े अनुभव भी साझा किए।

“ब्रिक्स युवा संवाद” का यह मंच केवल फिल्मों पर चर्चा तक सीमित नहीं था, बल्कि इसका उद्देश्य युवाओं के बीच आपसी समझ और लोगों के स्तर पर रिश्तों को मजबूत करना भी है। BRICS के 2026 के एजेंडे में भी युवा आदान-प्रदान, सामाजिक-सांस्कृतिक भागीदारी और सांस्कृतिक सहयोग पर जोर दिया गया है।

आखिर अलग-अलग देशों के ये युवा फिल्मों के जरिए कैसे जुड़े? उन्होंने किन फिल्मों और टीवी कार्यक्रमों पर चर्चा की और एक-दूसरे के मनोरंजन को लेकर उनकी क्या राय रही? इन सभी सवालों के जवाब जानने के लिए वीडियो देखें।

 

 

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