विशाखापट्टनम में BRICS खेल मंत्रियों की बैठक…खेलों के जरिए सहयोग बढ़ाने पर जोर
विशाखापट्टनम, आंध्र प्रदेश। भारत की वर्ष 2026 की BRICS अध्यक्षता के तहत आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में BRICS खेल मंत्रियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा रही है। बैठक में BRICS के सभी 11 सदस्य देशों के खेल मंत्रियों और प्रतिनिधिमंडल प्रमुखों ने हिस्सा लिया। केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया और युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने सभी प्रतिनिधियों का स्वागत किया। बैठक का मुख्य उद्देश्य खेलों के माध्यम से BRICS देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करना है।
बैठक में खेलों को केवल प्रतियोगिता तक सीमित रखने के बजाय इसे देशों के बीच आपसी सहयोग, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और तकनीकी साझेदारी का माध्यम बनाने पर जोर दिया जा रहा है। भारत की BRICS अध्यक्षता के तहत स्पोर्ट्स ट्रैक में सहयोग के लिए तीन प्रमुख क्षेत्रों की पहचान की गई है। इनमें पारंपरिक एवं स्वदेशी खेल, खेल तकनीक और खेल विनिर्माण शामिल हैं।
पारंपरिक और स्वदेशी खेलों को बढ़ावा देने का उद्देश्य BRICS देशों की खेल विरासत और स्थानीय परंपराओं को वैश्विक मंच उपलब्ध कराना है। भारत सहित BRICS के विभिन्न देशों में कई ऐसे पारंपरिक खेल मौजूद हैं, जिनका ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व रहा है। इन खेलों के अनुभव और ज्ञान को साझा करने से नई पीढ़ी में इनके प्रति रुचि बढ़ाने के साथ-साथ इन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
बैठक में खेल तकनीक को भी सहयोग के प्रमुख क्षेत्र के रूप में रखा गया है। आधुनिक दौर में खिलाड़ियों के प्रदर्शन, प्रशिक्षण, फिटनेस, चोटों की रोकथाम और खेल आयोजनों के प्रबंधन में तकनीक की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में BRICS देश अपने अनुभव और तकनीकी क्षमताओं को साझा कर खेल क्षेत्र में नई संभावनाएं विकसित कर सकते हैं।
इसके साथ ही स्पोर्ट्स मैन्युफैक्चरिंग यानी खेल उपकरणों और उससे जुड़े उत्पादों के निर्माण को भी सहयोग का अहम क्षेत्र माना गया है। इससे खेल उद्योग, उत्पादन क्षमता और संबंधित बाजारों के विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। BRICS देशों के बीच इस क्षेत्र में साझेदारी से खेल उपकरणों के निर्माण, तकनीकी नवाचार और व्यापारिक अवसरों को विस्तार मिल सकता है।
बैठक के दौरान सभी 11 BRICS सदस्य देशों के प्रतिनिधिमंडल प्रमुख अपने विचार और प्राथमिकताएं साझा कर रहे हैं। इसके बाद विभिन्न मुद्दों पर चर्चा और द्विपक्षीय बैठकें भी आयोजित की जा रही हैं। इन बैठकों के जरिए सदस्य देश खेलों से जुड़े अपने अनुभव साझा करने के साथ आपसी सहयोग के नए रास्तों पर भी विचार कर रहे हैं।
BRICS खेल मंत्रियों की बैठक में विशाखापट्टनम और आंध्र प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत से प्रतिनिधियों को परिचित कराने के लिए विशेष भ्रमण और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य खेल कूटनीति के साथ सांस्कृतिक संबंधों को भी मजबूत करना है। अलग-अलग देशों से आए प्रतिनिधियों को स्थानीय संस्कृति, परंपराओं और विरासत को करीब से जानने का अवसर मिल रहा है।
बैठक के अंत में BRICS Sports Joint Declaration यानी BRICS खेल संयुक्त घोषणा-पत्र को अपनाया जाएगा। इस घोषणा-पत्र में सदस्य देशों की साझा प्राथमिकताओं और खेल क्षेत्र में सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा। इससे आने वाले समय में BRICS देशों के बीच खेल संबंधी गतिविधियों और साझेदारी के लिए एक साझा दिशा तय होने की उम्मीद है।
विशाखापट्टनम में आयोजित यह बैठक भारत की BRICS अध्यक्षता के दौरान खेलों को सहयोग और कूटनीति के महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में स्थापित करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। खासतौर पर पारंपरिक खेलों, खेल तकनीक और खेल विनिर्माण जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता देकर भारत ने खेलों के व्यापक विकास और BRICS देशों के बीच साझेदारी का नया रोडमैप सामने रखा है।
यह बैठक BRICS युवा मंत्रियों की बैठक के बाद हो रही है। युवा मंत्रियों की बैठक भी विशाखापट्टनम में आयोजित की गई थी और इसके समापन पर BRICS Youth Ministers’ Joint Statement को अपनाया गया था। इसके बाद खेल मंत्रियों की बैठक के जरिए युवा और खेल—दोनों क्षेत्रों में BRICS देशों के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।