महाकौशल में बीजेपी का ऑपरेशन ‘कमल’
मध्यप्रदेश की सियासत में होने वाला है बड़ा विस्फोट .. . ..!
महाकौशल में दिखेगा बीजेपी का कौशल
भगवा पार्टी में शामिल होंगे कमलनाथ और विवेक तन्खा !
मध्यप्रदेश में इन दिनों हरदा कांड को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी की सरकार को सड़क से सदन तक घेरने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है। बीजेपी इस विस्फोट का जवाब कांग्रेस को एक बड़े सियासी विस्फोट से देने की तैयारी में जुटी है। तानाबाना बुना जा रहा है। सुत्रो की मानें तो एमपी के पूर्व सीएम कमलनाथ और कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा आने वाले दिनों में कांग्रेस का दामन छोड़कर बीजेपी का झंडा थाम सकते हैं। बता दें पिछले कुछ दिनों में जहां कमलनाथ की बीजेपी नेताओं से मेल मुलाकात बढ़ गई है वहीं उनके खिलाफ बीजेपी नेताओं के बयान भी संयमित हो गए हैं। ऐसे में उनके बीजेपी में जाने की अटकलों का बाजार गर्माता नजर आ रहा है।
लोकसभा चुनाव से पहले बदलेगी एमपी की सियासी तस्वीर
एमपी की राजनीति में हो सकता है बड़ा बदलाव और तोडफ़ोड
एमपी बीजेपी ने की कांग्रेस में सेंधमारी की तैयारी
पंजे वाली पार्टी के कई विधायक थामेंगे कमल का फूल!!
क्या कमलनाथ और विवेक तन्खा भी छोड़ेंगे कांग्रेस
कांग्रेस के कई विधायक अंडरग्राउंड
27 फरवरी को हो सकता होंगे राज्यसभा चुनाव
राज्यसभा चुनाव से पहले हो सकता है सियासी खेला !
जबलपुर के महापौर को तोड़कर बीजेपी ने किया आॅपरेशन कमल का आगाज
दअसल हाल ही में महाकौशल अंचल में बीजेपी ने कांग्रेस में एक बड़ी सेंधमारी करते हुए जबलपुर महापौर के साथ कांग्रेस के कई नेताओं को अपने पाले में शामिल किया था। माना जा रहा है कि यह तो बानगी है। सियासी हल्कों अभी यह अटकलें भी लगाई जा रही हैं कि पूर्व सीएम कमलनाथ, राज्यसभा सदस्य विवेक तंखा और छिंदवाड़ा से कांग्रेस सांसद नुकलनाथ के साथ महाकौशल क्षेत्र के कई बड़े नेता कांग्रेस को अलविदा कहकर बीजेपी में शामिल हो सकते हैं।
मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री के बीच बढ़ती मेल मुलाकात
मप्र कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व सीएम कमलनाथ ने हाल ही मंें मुख्यमंत्री डाक्टर मोहन यादव से भी मुलाकात की थी। हालांकि इस मुलाकात के बाद पूर्व सीएम कमल नाथ ने कहा वे छिंदवाड़ा के विषय में चर्चा करने सीएम के पास आये थे। कमलनाथ ने कहा वे छिंदवाड़ा बार्डर के बाहर की बात नहीं करते हैं। वहीं लोकसभा चुनाव से जुड़े सवाल पर भी उन्होंने यही कहा कि वे तो केवल
छिंदवाड़ा के विकास की बात करने गये थे। गौरतलब है कि कमल नाथ
पिछले एक महीने में करीब तीन बार से भी बार मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव से मुलाकात कर चुके हैं। एक बार तो स्वय मुख्यमंत्री डाॅ.मोहन यादव कमलनाथ से मिलने उनके बंगले में पहुंचे थे।
विधानसभा में भी की सीएम और बीजेपी नेताओं से मुलाकात
पूर्व सीएम और कांग्रेस नेता कमलनाथ ने गुरुवार को सीएम डाॅक्टर मोहन यादव से विधानसभा कक्ष में मुलाकात की थी। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, मोहन कैबिनेट में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल भी मौजूद थे।
मप्र को कांग्रेस मुक्त करने में जुटी बीजेपी
दरअसल मध्यप्रदेश में बीजेपी अपनी खास रणनीति के तहत कांग्रेस के दिग्गिज नेताओं पर डोरे डाल रही है। प्रदेश कांग्रेस के कई बड़े नेता पिछले कुछ दिनों बीजेपी शामिल हो चुके हैं। जिनमें प्रमुख रूप से मुरैना से पूर्व विधायक राकेश मावई , शिवपुरी के पूर्व जनपद अध्यक्ष परम सिंह रावत , जबलपुर महापौर जगत बहादुर सिंह , पूर्व एडवोकेट जनरल शशांक शेखर , डिंडोरी जिला पंचायत अध्यक्ष रूद्रेश परस्ते सहित उपाध्यक्ष और कांग्रेस के चार पार्षद बीजेपी में शामिल हो चुके हैं। जिसके चलते मध्य प्रदेश की सियासत में भूचाल देखने को मिल रहा है।
20 से अधिक विधायकों पर बीजेपी की नजर
राज्यसभा की अप्रैल में खाली होने वाली सीटों के लिए 27 फरवरी को चुनाव होने वाले हैं। मध्यप्रदेश में भी पांच सीटों पर भी चुनाव होंगे। जिनमें से चार सीट बीजेपी की झोली में जाना तय है। विधानसभा में कांग्रेस की मौजूदा संख्या बल को देखे तो कांग्रेस के 66 विधायक हैं। जिससे एक सीट मिलेगी। लेकिन बीजेपी की नजर राज्यसभा की इस पांचवी सीट पर भी है। जिसके लिए उसने रणनीति बनाना शुरु कर दिया है।
पार्टी सूत्र बताते हैं कि कांग्रेस के 22 विधायक पार्टी से इस्तीफा दे सकते हैं। ये विधायक बीजेपी की सदस्यता ग्रहण कर सकते हैं। चर्चा यह भी है कि अपना एक अलग गुट ये विधायक बना सकते हैं। इसकी भी अटकलें लगाई जा रही है। दरअसल ऐसा होता है तो इन विधायकों के खिलाफ दल बदल कानून लागू नहीं होगा। साथ ही कांग्रेस एक भी राज्यसभा सदस्य नहीं चुन सकेगी।
भाजपा ने जो रणनीति बनाई है। उसके अनुसार यदि एक तिहाई सदस्य कांग्रेस छोड़ देते हैंए तो कांग्रेस का एक भी राज्यसभा सदस्य मध्य प्रदेश से कांग्रेस का नहीं चुना जाएगा। वहीं राज्यसभा सदस्य विवेक तंखा यदि कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आते हैं तो एमपी से कांग्रेस के केवल दिग्विजय सिंह ही राज्यसभा बचेंगे। उधर छिंदवाड़ा से कांग्रेस सांसद नकुलनाथ भी पार्टी छोड़ देते हैं तो लोकसभा की यह एकमात्र सीट भी कांग्रेस के हाथ से फिसल सकती है। हालांकि यह अभी अटकलें ही लगाई जा रही है।