छात्रों के मुद्दे पर कांग्रेस पर भाजपा का आरोप
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और लोकसभा सांसद संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस और राहुल गांधी पर छात्रों के मुद्दों पर “सेलेक्टिव आउटरेज” यानी चुनिंदा मामलों में ही आवाज उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अलग-अलग राज्यों में छात्र आंदोलनों पर अलग-अलग रवैया अपनाती है और राजनीतिक लाभ के अनुसार प्रतिक्रिया देती है। भाजपा का दावा है कि यह विपक्ष की दोहरी नीति को दर्शाता है।
कर्नाटक और झारखंड का किया जिक्र
संबित पात्रा ने कर्नाटक पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में कथित पेपर लीक और झारखंड में जेपीएससी परीक्षा को लेकर छात्रों के विरोध प्रदर्शन का उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन मुद्दों पर राहुल गांधी और कांग्रेस ने अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं दी। भाजपा ने दावा किया कि झारखंड में बड़ी संख्या में छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन कांग्रेस ने इस मुद्दे को न तो प्रमुखता से उठाया और न ही संसद में जोरदार तरीके से रखा।
संसद नहीं चलने देने का आरोप
भाजपा प्रवक्ता ने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का भी आरोप लगाया। उनके अनुसार, लगातार हंगामे के कारण कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर विस्तृत चर्चा नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि इससे जनता को नए कानूनों और उनके प्रभावों की पूरी जानकारी नहीं मिल पाई। पात्रा ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए उचित नहीं बताया।
कई अहम विधेयकों का किया उल्लेख
संबित पात्रा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट नंबर ऑफ जजेज (संशोधन) विधेयक, 2026, रजिस्ट्रेशन ऑफ बर्थ एंड डेथ (संशोधन) विधेयक, 2026 और बैंकर्स बुक्स एविडेंस विधेयक, 2026 जैसे महत्वपूर्ण विधेयक सदन से पारित हुए, लेकिन विपक्ष के हंगामे के कारण उन पर पर्याप्त चर्चा नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि इन विधेयकों का सीधा संबंध आम नागरिकों और न्यायिक व्यवस्था से है।
विपक्ष की भूमिका पर भाजपा का सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में संबित पात्रा ने कहा कि विपक्ष को लोकतांत्रिक मर्यादाओं के भीतर अपनी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद के भीतर और बाहर अपनाए जा रहे कुछ तरीकों से गलत संदेश जा रहा है। भाजपा ने कांग्रेस से छात्रों के मुद्दों पर समान और स्पष्ट रुख अपनाने की मांग की। वहीं, इस मामले में कांग्रेस की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।