बिहार चुनाव रिजल्ट 2025: NDA को प्रचंड बढ़त, लेकिन एक सवाल— अगला मुख्यमंत्री कौन?

Bihar Election Result 2025 NDA has a huge lead but one question who will be the next Chief Minister

बिहार चुनाव रिजल्ट 2025: NDA को प्रचंड बढ़त, लेकिन एक सवाल— अगला मुख्यमंत्री कौन?

बिहार चुनाव रिजल्ट 2025: NDA को प्रचंड बढ़त, लेकिन एक सवाल— अगला मुख्यमंत्री कौन?

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की मतगणना के शुरुआती रुझानों ने राज्य की राजनीति में बड़ा मोड़ ला दिया है। निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, NDA 243 में से 189 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि विपक्षी महागठबंधन सिर्फ 43 सीटों पर सिमटता दिख रहा है। इन रुझानों से यह साफ हो रहा है कि बिहार में NDA ऐतिहासिक जीत की ओर बढ़ रहा है।

लेकिन इस प्रचंड बढ़त के बीच एक सवाल फिर गूंज रहा है

क्या नीतीश कुमार फिर होंगे बिहार के मुख्यमंत्री?

लगभग दो दशकों से बिहार की राजनीति के केंद्र में रहे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस बार कई चुनौतियों और सवालों के बीच चुनाव लड़ रहे थे। उनकी स्वास्थ्य स्थिति, उम्र और लोकप्रियता को लेकर राजनीतिक गलियारों में लंबे समय से चर्चाएं चल रही थीं। NDA की भारी बढ़त के बावजूद यह सवाल कायम है कि क्या नीतीश कुमार एक बार फिर सत्ता संभालेंगे?

अमित शाह के बयान से मचा सियासी बवाल
पूरे राजनीतिक माहौल में हलचल तब मची जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा “Nitish will lead our election campaign… चुनाव के बाद NDA विधायक अपने नेताओं का चयन करेंगे और फिर मिलकर तय करेंगे कि सरकार की कमान किसके हाथ में होगी।” इस बयान को विपक्ष ने तुरंत हाथों-हाथ लपक लिया। कांग्रेस ने एक्स पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा “नीतीश नहीं बनेंगे CM, अमित शाह ने कर दिया साफ। इसके बाद लगभग हर विपक्षी दल ने इस बयान को इस तरह पेश किया कि बीजेपी नीतीश के नाम पर साफ समर्थन देने को तैयार नहीं है।

BJP का पलटवार: कहा– बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया

विवाद बढ़ने के बाद BJP की ओर से पूरा वीडियो जारी किया गया और विपक्ष पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगा। पार्टी ने जोर देकर कहा कि शाह का बयान सामान्य प्रक्रिया का जिक्र था, जिसे विपक्ष ने अपनी सुविधा के हिसाब से पेश किया।

NDA के सहयोगी और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान भी सामने आए। उन्होंने कहा “शाह जी ने सिर्फ चुनाव बाद नेता चुनने की संसदीय प्रक्रिया बताई है। इसमें किसी भ्रम की जरूरत नहीं है।”

PM मोदी का साफ संकेत— NDA के CM नीतीश ही होंगे

इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी पहली बिहार चुनाव रैली में साफ कह चुके हैं कि “नीतीश कुमार NDA के मुख्यमंत्री चेहरे हैं और उनकी अगुवाई में NDA रिकॉर्ड जीत दर्ज करेगा। पीएम मोदी ने 2005 के बाद नीतीश के शासन की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा “लगभग एक दशक तक UPA सरकार ने बिहार के विकास में बाधा डाली। लेकिन इस बार नीतीश कुमार के नेतृत्व में NDA को अब तक का सबसे बड़ा जनादेश मिलेगा।”

विपक्ष का दावा— वोट गिनती के बाद BJP बदलेगी चेहरा

पीएम मोदी की साफ घोषणा के बावजूद RJD और महागठबंधन लगातार कह रहे हैं कि बीजेपी चुनाव के बाद नीतीश को हटाने की योजना बना चुकी है। तेजस्वी यादव कई बार कह चुके हैं दिल्ली में फैसला हो चुका है, नीतीश को अब मुख्यमंत्री नहीं रहने दिया जाएगा।

NDA सहयोगियों की भी मांग— भ्रम दूर करे गठबंधन

NDA के अंदर भी कुछ आवाजें उठी हैं। HAM(S) के नेता और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि गठबंधन को चुनाव से पहले अपने सीएम उम्मीदवार को औपचारिक रूप से घोषित कर देना चाहिए ताकि किसी तरह की गलतफहमी न रहे। उन्होंने यह भी कहा INDIA गठबंधन में भ्रम इसलिए फैला क्योंकि वे सीट शेयरिंग तक तय नहीं कर सके। NDA को स्पष्टता रखनी चाहिए। इसी बीच RLM प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने इन अटकलों को पूरी तरह खत्म करने की कोशिश की। उन्होंने कहा नीतीश कुमार ही NDA के मुख्यमंत्री चेहरे हैं। चुनाव भी उन्हीं के नेतृत्व में लड़ा जा रहा है और सरकार भी वही नेतृत्व करेंगे।

प्रशांत किशोर का दावा— JD(U) का पतन तय, नीतीश नहीं लौटेंगे

NDA से बाहर खड़े जन सुराज आंदोलन के संस्थापक प्रशांत किशोर (PK) लगातार दावा कर रहे हैं कि नीतीश कुमार इस बार मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे। उनका कहना है “JD(U) 25 सीटें भी मुश्किल से जीत पाएगी। नीतीश physically tired, mentally retired हो चुके हैं। PK का यह बयान चुनाव प्रचार के दौरान चर्चा में रहा और शुरुआती रुझानों में जन सुराज के कुछ सीटों पर बढ़त ने इस बहस को और तेज कर दिया था।

NDA की ऐतिहासिक जीत तय, लेकिन कुर्सी की कुंजी का इंतज़ार

शुरुआती रुझानों ने यह लगभग स्पष्ट कर दिया है कि NDA बिहार में प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रहा है। लेकिन इस भारी जीत के बीच मुख्यमंत्री कौन होगा— यही सबसे बड़ा राजनीतिक सवाल बना हुआ है। नीतीश कुमार का अनुभव और प्रधानमंत्री का समर्थन उनके पक्ष में है, लेकिन राजनीतिक हलकों में चल रही हलचल और NDA के भीतर की अलग-अलग आवाजें इस सस्पेंस को और बढ़ा देती हैं। अब निगाहें नतीजों और फिर NDA की औपचारिक बैठक पर टिक गई हैं— क्या नीतीश फिर लौटेंगे, या बिहार की सत्ता में होगा बड़ा उलटफेर?

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