यूपी के शिक्षामित्रों को बड़ा तोहफा: मानदेय 10 हजार से बढ़कर 18 हजार
कैबिनेट की मुहर के बाद 1 मई से मिलेगा बढ़ा वेतन, लाखों शिक्षामित्रों को राहत
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में लाखों शिक्षामित्रों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने कैबिनेट बैठक में शिक्षामित्रों के मानदेय में बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लगा दी है। इस फैसले के तहत अब शिक्षामित्रों को 10 हजार रुपये के बजाय 18 हजार रुपये मासिक मानदेय मिलेगा। राज्य में करीब 1 लाख 42 हजार से अधिक शिक्षामित्र इस फैसले से सीधे लाभान्वित होंगे। लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे शिक्षामित्रों के लिए यह निर्णय किसी बड़ी राहत से कम नहीं माना जा रहा है।
1 मई से लागू होगी नई सैलरी
सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, बढ़ा हुआ मानदेय 1 मई से लागू होगा। हालांकि यह बढ़ोतरी अप्रैल से प्रभावी मानी जाएगी, जिसका भुगतान मई महीने से किया जाएगा। इसके अलावा अनुदेशकों के मानदेय में भी बड़ा इजाफा किया गया है। उनका वेतन 9 हजार रुपये से बढ़ाकर 17 हजार रुपये कर दिया गया है।
लंबे इंतजार के बाद मिला फायदा
यूपी के शिक्षामित्र पिछले कई वर्षों से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे थे। कई बार आंदोलन और प्रदर्शन भी हुए, जिसके बाद अब सरकार ने इस दिशा में बड़ा कदम उठाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला न सिर्फ शिक्षामित्रों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था पर भी सकारात्मक असर डालेगा।
गोरखपुर में बनेगी नई यूनिवर्सिटी
कैबिनेट बैठक में शिक्षा क्षेत्र से जुड़ा एक और बड़ा फैसला लिया गया। गोरखपुर के कैंपियरगंज में वानिकी एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय खोलने की योजना को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना पर लगभग 491 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और इसके लिए 50 हेक्टेयर भूमि आवंटित की जाएगी। इस विश्वविद्यालय में उच्च शिक्षा के साथ-साथ व्यावसायिक प्रशिक्षण की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
25 लाख टैबलेट खरीदने को हरी झंडी
कैबिनेट ने स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के तहत 25 लाख टैबलेट खरीदने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। सरकार के अनुसार, अब तक 60 लाख से अधिक स्मार्टफोन और टैबलेट छात्रों को वितरित किए जा चुके हैं। इस योजना का उद्देश्य युवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाना और शिक्षा को तकनीक से जोड़ना है।
कुल मिलाकर यूपी कैबिनेट के इस फैसले को शिक्षामित्रों के लिए बड़ी सौगात माना जा रहा है। मानदेय में बढ़ोतरी से जहां उनकी आर्थिक स्थिति सुधरेगी, वहीं शिक्षा क्षेत्र में भी इसका सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि इस फैसले का जमीनी स्तर पर कितना असर पड़ता है।