भोपाल बनेगा ‘शौर्य का मंच’: 2027 में सेना दिवस पर राजधानी में दिखेगी कर्तव्य पथ जैसी भव्य परेड
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल अब देशभक्ति और सैन्य गौरव का नया केंद्र बनने जा रही है। वर्ष 2027 में 15 जनवरी को मनाए जाने वाले सेना दिवस पर भोपाल में पहली बार नई दिल्ली के कर्तव्य पथ जैसी भव्य परेड और आयोजन होंगे। यह आयोजन न केवल भारतीय सेना की वीरता का प्रदर्शन करेगा, बल्कि प्रदेश के युवाओं को सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करने का भी बड़ा मंच बनेगा।
मप्र के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने साफ शब्दों में कहा कि उनकी सरकार की प्राथमिकता युवाओं को सेना से जोड़ना है। इसके लिए राज्य सरकार हर तरह से सहयोग करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में कहा कि प्रदेशवासियों को भारतीय सेना की समृद्ध विरासत से जोड़ना और युवाओं में राष्ट्रसेवा की भावना जगाना समय की जरूरत है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस ऐतिहासिक आयोजन के लिए राज्य सरकार हरसंभव सहयोग देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय आयोजनों का विकेन्द्रीकरण किया गया है, जिससे देशभर में सेना के प्रति जनभागीदारी बढ़ी है। ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की अवधारणा को मजबूत करने के लिए सेना दिवस जैसे आयोजन अब अलग-अलग राज्यों में हो रहे हैं।
सेना प्रमुख से अहम बैठक
इस महत्वपूर्ण आयोजन की रूपरेखा को लेकर मुख्यमंत्री ने उपेंद्र द्विवेदी (चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ) के साथ विस्तृत चर्चा की। बैठक में प्रशासन और सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने आयोजन की तैयारियों और व्यवस्थाओं पर मंथन किया।
परेड के साथ दिखेगा सैन्य कौशल का प्रदर्शन
सेना दिवस 2027 पर भोपाल में केवल परेड ही नहीं, बल्कि कई भव्य कार्यक्रमों का आयोजन होगा—
- सैन्य प्रदर्शनी (हथियार, उपकरण और तकनीक)
- लाइव सैन्य अभ्यास और एयर शो
- ‘शौर्य संध्या’ का विशेष सांस्कृतिक आयोजन
- सेवानिवृत्त सैनिकों का सम्मान समारोह
इन सभी कार्यक्रमों को नई दिल्ली के गणतंत्र दिवस समारोह की तर्ज पर आयोजित किया जाएगा, जिससे लोगों को राजधानी जैसा अनुभव मिलेगा।
शहर के प्रमुख स्थान बनेंगे आयोजन स्थल
भोपाल के कई प्रतिष्ठित स्थान इस आयोजन के साक्षी बनेंगे—
- शौर्य स्मारक
- अटल पथ
- बड़ा तालाब
- जंबूरी मैदान
- भेल और एयरोसिटी के प्रमुख मार्ग
टी.टी. नगर स्टेडियम में ‘शौर्य संध्या’ और जंबूरी मैदान में सैन्य प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी, जबकि बड़ा तालाब वॉटर स्पोर्ट्स, एयर शो और सैन्य अभ्यास का केंद्र बनेगा।
1 नवंबर से शुरू होगा ‘शौर्य उत्सव’
इस भव्य आयोजन की शुरुआत 1 नवंबर 2026 (मध्यप्रदेश स्थापना दिवस) से होगी। ‘मेरी माटी अभियान’ के तहत प्रदेशभर से मिट्टी लाकर शौर्य स्मारक में ‘संकल्प वृक्ष’ लगाया जाएगा। इसके साथ ही हॉट एयर बैलून, बाइक रैली, दौड़ और अन्य गतिविधियों के जरिए माहौल को देशभक्ति के रंग में रंगा जाएगा।
जनवरी में अभ्यास और प्रदर्शन का शेड्यूल
- 7 से 12 जनवरी: सैन्य प्रदर्शनी
- 9, 11, 13 जनवरी: परेड रिहर्सल
- 11-13 जनवरी: शौर्य संध्या अभ्यास
- 11-12 जनवरी: बड़ा तालाब में सैन्य अभ्यास
इतिहास और परंपरा से जुड़ा सेना दिवस
सेना दिवस हर वर्ष 15 जनवरी को मनाया जाता है, जब केएम करियप्पा ने 1949 में भारतीय सेना की कमान संभाली थी। यह दिन भारतीय सेना की वीरता, अनुशासन और बलिदान को याद करने का प्रतीक है।
देशभर में बढ़ती परंपरा, भोपाल अगला पड़ाव
राष्ट्रीय स्तर पर सेना दिवस के विकेन्द्रीकरण की शुरुआत 2023 में बैंगलुरू से हुई थी, इसके बाद लखनऊ (2024), पुणे (2025) और जयपुर (2026) में आयोजन हुए। अब 2027 में भोपाल इस श्रृंखला का अगला गौरवशाली केंद्र बनने जा रहा है।
युवाओं के लिए सुनहरा अवसर
यह आयोजन न केवल सैन्य शक्ति का प्रदर्शन होगा, बल्कि युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनेगा। सेना और समाज के बीच मजबूत संबंध स्थापित करने के साथ-साथ यह कार्यक्रम देशभक्ति की भावना को नई ऊंचाई देगा। भोपाल में होने वाला यह आयोजन मध्यप्रदेश के लिए गर्व का क्षण साबित होगा—जहां शौर्य, संस्कृति और राष्ट्रभक्ति एक साथ दिखाई देंगे।





