भारत की महारत्न कंपनी भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) एक बार फिर सुर्खियों में है। कंपनी को उत्तर प्रदेश में एक बड़े बिजली परियोजना का ठेका मिला है, जिसके बाद निवेशकों का भरोसा और मजबूत हुआ है। शुक्रवार को शेयर बाजार में भी इसका असर दिखा और कंपनी के शेयर बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। नए ऑर्डर और मजबूत वित्तीय प्रदर्शन ने BHEL को फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
प्रयागराज में विशाल पावर प्रोजेक्ट का जिम्मा BHEL को सौंपा गया
BHEL को मेजा ऊर्जा निगम प्राइवेट लिमिटेड (MUNPL) की ओर से ₹21,000 करोड़ से अधिक का बड़ा प्रोजेक्ट मिला है। MUNPL, NTPC और उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (UPRVUNL) का संयुक्त उपक्रम है। इस परियोजना के तहत प्रयागराज में 3×800 मेगावाट क्षमता वाले मेजा सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्रोजेक्ट (स्टेज-II) का निर्माण किया जाएगा।
डिजाइन से लेकर कमीशनिंग तक पूरा काम करेगी कंपनी
इस परियोजना में BHEL को इंजीनियरिंग, डिजाइन, उपकरण निर्माण, आपूर्ति, स्थापना और कमीशनिंग तक की पूरी जिम्मेदारी दी गई है। कंपनी को यह कार्य लगभग 70 महीनों में पूरा करना होगा। ऊर्जा क्षेत्र के लिहाज से यह देश की महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल मानी जा रही है, जिससे बिजली उत्पादन क्षमता में बड़ा इजाफा होगा।
शेयर बाजार में दिखा सकारात्मक असर, निवेशकों में उत्साह
मेगा ऑर्डर की खबर के बाद BHEL के शेयरों में मजबूती देखने को मिली। शुक्रवार को बाजार खुलते ही कंपनी का शेयर करीब 1.74 प्रतिशत की बढ़त के साथ ₹396 तक पहुंच गया, जबकि पिछला बंद भाव ₹389.2 था। इसके साथ ही कंपनी का बाजार पूंजीकरण बढ़कर ₹1,37,402 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया। पिछले छह महीनों में कंपनी ने अपने निवेशकों को 40.83 प्रतिशत का शानदार रिटर्न दिया है।
रिकॉर्ड ऑर्डर बुक ने बढ़ाया कंपनी का आत्मविश्वास
वित्त वर्ष 2026 के अंत तक BHEL की कुल ऑर्डर बुक ₹2,40,000 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी है। कंपनी के इतिहास में यह अब तक का सबसे बड़ा ऑर्डर बुक माना जा रहा है। खास बात यह है कि कुल ऑर्डर बुक में करीब 81 प्रतिशत हिस्सेदारी पावर सेक्टर की है, जो कंपनी की मजबूत स्थिति को दर्शाती है।
मुनाफे और कारोबार में जबरदस्त बढ़ोतरी से मजबूत हुए भविष्य के संकेत
BHEL का वित्तीय प्रदर्शन भी लगातार बेहतर हो रहा है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का राजस्व 19 प्रतिशत बढ़कर ₹33,782 करोड़ तक पहुंच गया। वहीं, शुद्ध लाभ में भी जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया और यह ₹513 करोड़ से बढ़कर ₹1,578 करोड़ हो गया। नए वित्त वर्ष की शुरुआत में मिला यह बड़ा ऑर्डर संकेत दे रहा है कि कंपनी की विकास यात्रा आने वाले वर्षों में और तेज हो सकती है।